माठ आन्दोम आदिवासी, माठ आन्दोम कोयावासी...आदिवासी गोंडी गीत
ग्राम-मोहगाँव, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से उत्तम अटाला एक गोंडी गीत सुना रहे है:
माठ आन्दोम आदिवासी, माठ आन्दोम कोयावासी-
घोटुल ता आगा उद्वलू न्याय निवड केवालू-
फरंक ढोलक पायवलु पाठां पीठों इन्वालू-
माठ आन्दोम आदिवासी...
Posted on: Jan 27, 2017. Tags: SONG UTTAM ATALA VICTIMS REGISTER
कितनो की अंतिम शाम हुई है...देशभक्ति कविता
जिला-मधेपुरा (बिहार) से मुन्जन कुमार एक देशभक्ति कविता सुना रहे है:
कितनो की अंतिम शाम हुई है-
फिर से सर जाम हुई है-
माँ ने है अपने लाल खो दिया-
जिसको देख संसार रो दिया-
विधवा खुद को कोस रही हैं-
अपने आंसू पौछ रही हैं-
घुंगरू में आवाज नहीं है-
सत्ता को कुछ नाज नहीं है-
पाँव में रोटी पायल है-
आँखों में काजल घायल है-
भारत माता भी कायल है-
सर्पो से चन्दन घायल है-
आतंकी बम फेक रहे है-
नेता रोटी फेक रहे है...
Posted on: Jan 27, 2017. Tags: MUNJAN KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
मामाड मियाड तूने सुन्दर मने नोने निमा पुन्गार येना मिन्दी बाई...गोंडी गीत
तहसील-उसूर, जिला-बीजापुर (छत्तीसगढ़) से के जी भुमेश्वर एक गोंडी गीत सुना रहे है जो मामा की बेटी कैसी है इसके बारे में है:
निमा पुन्गार येना मिन्दी बाई-
पोसो रे, पोसो रे बाता निला रा-
काह इनता ककड बाई सो इनता पिट्टे-
निमे बेगे वातिनु अगे निमे केल्ला-
पोसो रे, पोसो रे बाता निला रा...
Posted on: Jan 26, 2017. Tags: KG Bhumeshwar SONG VICTIMS REGISTER
तोला माठी कोडेला,तोला माठी कोडेला...शादी गीत
जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से कैलाश सिंह पोया है उनके साथ बाबूलाल नेटी है जो है एक शादी गीत सुना रहे है:
तोला माठी कोडेला,तोला माठी कोडेला-
नहीं आवेगा धीरे-धीरे अपन बहनी ले धीरे-धीरे...
Posted on: Jan 26, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
समाज सेवा करना आसान नहीं, कभी कष्ट उठाना पड़ता है...गोंडवाना गीत
ग्राम-भेड़िया, पोस्ट-भेड़िया, थाना-चंदोरा, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर,
(छ.ग.) से राजकुमार पोया एक गोंडवाना गीत सुना रहे हैं:
बड़ा खुश नसीब होगा वह व्यक्ति-
जिसका नाम गोंडवाना के काम आये-
गोंडवाना पसीना मांगे तो खून देना चाहिए-
समाज सेवा करना आसान नहीं कभी कष्ट उठाना पड़ता है-
कभी पानी मिले कभी शरबत मिले कभी प्यासे रहना पड़ता है-
समाज सेवा करना आसान नहीं कभी कष्ट उठाना पड़ता है-
कभी चावल मिले कभी पूड़ी मिले,कभी भूखे रहना पड़ता है...
