चूहे द्वारा लोहे खाने की कहानी -
ग्राम-गोविन्दपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से अरविन्द कुमार यादव एक कहानी सुना रहे है-चूहे कैसे खा गए लोहा : एक कारीगर को कुछ दिनों के लिए बाहर जाना था तो उसने अपने लोहे के औज़ारो को एक व्यापारी के यहाँ रखा और लौटने पर जब माँगा तो व्यापारी ने बोला तुम्हारा सामान चूहे खा गए तो कारीगर चुप रहा. फिर एक दिन वह व्यापारी के पुत्र को लेकर नदी में नहाने गया लौटने पर बोला लड़के को चील ले गया | राजा के पास मामला पहुंचा राजा बोला चील कैसे लड़के को ले जा सकती है तो कारीगर बोला महाराज जैसे चूहे लोहा खा सकते है, व्यापारी को औज़ार लौटने पड़े कारीगर ने भी उसके पुत्र को लौटाया | अरविन्द कुमार यादव@9617563590
Posted on: May 30, 2017. Tags: ARVIND KUMAR YADAV SONG VICTIMS REGISTER
हम दो परिवार राशन कार्ड बनवाने के लिए दो साल से चक्कर लगा रहे हैं कोई मदद नहीं कर रहा है...
ग्राम-मानखाप, पोस्ट-उषानारायणपुर, जिला-पलामू (झारखण्ड) से दिनेश कुमार चौधरी
बता रहे रहे है कि गाँव में सभी लोगो के राशनकार्ड बन गए है केवल दो लोगो के नही बने है इसको लेकर दिनेश कुमार व उमेश कुमार चौधरी कई बार मुखिया के पास गए लेकिन नही बना रहे है. वार्ड कमिश्नर को भी बोला है लेकिन उनका कहना है अब सर्वे हो चुका है अब नही होगा, मुखिया के पास गए तो वह कहता है ये कागज़ लाओ, बार-बार कागज़ देने पर भी नही बन रहा है सीजीनेट सुनने वाले सभी साथियों से अनुरोध है कि आप इन नम्बरों पर फ़ोन कर दबाव बनाए ताकि गरीबो का राशनकार्ड बन सके | मुखिया डबल सिंह@9973671477, रविन्द्र यादव वार्ड कमिश्नर@7079371209. दिनेश कुमार@7873576087.
Posted on: May 30, 2017. Tags: DINESH KUMAR CHOUDHARY SONG VICTIMS REGISTER
आग लगे सोलह श्रृंगार हो, पापी दहेज़ के कारण...बघेली दहेज़ विरोधी गीत
ग्राम-पौढ़ी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से फूल कुमारी तिवारी एक दहेज़ विरोधी गीत सुना रही है :
आग लगे सोलह श्रृंगार हो, पापी दहेज़ के कारण-
विधि का विधान पंडित, भेद हुइगा सारा-
पाए कम दहेज समधी, गरम हुइगा पारा-
मढ़ई एतर बैठे दुल्हे, गलवा फुलाए-
जब तक हीरो होन्डा, सामने न आए-
मंगिया ना भर हम, कुरितिया हो-
पापी दहेज़ के कारण...
Posted on: May 29, 2017. Tags: FULKUMARI TIWARI SONG VICTIMS REGISTER
बुद्ध संग जो अधम पे जो शरणागत होए...बुद्ध के दोहे -
सुनील कुमार गिरीश पंकज द्वारा लिखित बुद्ध के दोहे सुना रहे हैं :
बुद्ध संग जो अधम पे जो शरणागत होए-
सत्संगति का फल मिले वह पापों को धोये-
पहले बस करुणा जगे फिर अन्तः का ज्ञान-
बिन इसके बनता नहीं नेक कोई इन्सान-
नहीं मिटा है वैर से ,कभी वैर दुष्कर्म-
शांति-स्नेह से मिले यही सनातन धर्म-
प्रेम-विजय हो क्रोध पर कंजूसी पर दान-
हारता सत्य से साधु से शैतान-
सत्य प्रेम और दान से मानव शुद्ध-
मनुजो में श्रेष्ठ कहते हैं यह बुद्ध-
बोले तो पहले करें, उस पर तनिक विचार-
ऐसे मितभाषी बने धरती के श्रृंगार-
रटने से क्या फायदा धरम-करम की बात-
अगर आचरण में रचा तो सच्ची सौगात...
Posted on: May 29, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
ज़िंदगी ने बहुत सिखाया कभी हँसाया कभी रूलाया...कविता -
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार किरण चावला की रचना सुना रहे हैं :
ज़िंदगी ने बहुत सिखाया-
कभी हँसाया कभी रूलाया-
वक़्त के हथौड़े खाकर-
हमें नेक इंसान बनाया-
हमने औरों का ग़म चुराया-
कोशिश की सबक़ों हँसाया-
फिर चाहे ख़ुद ग़म ही पाया-
दिल में बस सुकून तो आया...

