जाग जा खेती करोया बाहर से आवत है लुटिया...किसानो पर गीत
ग्राम-देवरी, पोस्ट-चंदोरा, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया किसानो पर आधारित एक गीत सुना रहे हैं :
जाग जा खेती करोया बाहर से आवत है लुटोया-
धरती ला लूटत है, शोषण ला करत है-
गुंडागर्दी करत है, बाहर से आवत है लुटोया-
जगा, जगा खेती करो यार-
धन ला लूटे, ईमान ला लूटे-
यही है बैमानी करे यार-
बाहर से आवत है लुटोया...
Posted on: Mar 04, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
हमारे गाँव में इंदिरा आवास योजना के तहत घर बन गए है लेकिन इसकी राशि अभी तक नहीं मिली...
ग्राम-कुलियादरा, पंचायत-करुवामुंडा, जिला-बलांगीर, (उड़ीसा) से डोलामनी बंछोर बता रहे है कि उनके गाँव में इंदिरा आवास योजना के तहत जो पात्र 70 परिवार है, जिन की मिलने वाला नगद राशि जो घर बन जाने के बाद मिलता है वह 15000 रूपये अभी तक नहीं मिला है, जबकि घर बना लिए है, जिसके कारण गरीब हितग्राहियो को बहुत समस्या का सामना करना पड़ रहा है| इस हेतु ब्लॉक अधिकारी के पास गए थे और लिखित में आवेदन भी दिया था लेकिन अभी तक आखिर किश्त का पैसा नहीं मिला है, इसलिए सीजीनेट के साथियों से मदद की अपील कर रहे है, कृपया ब्लॉक अधिकारी सुनील@09938471481, कुरुवामुंडा पंचायत अधिकारी@9938477848 को फोन करें. डोलामनी बंछोर@9479003193
Posted on: Mar 04, 2017. Tags: DOLAMANI BANCHHOR SONG VICTIMS REGISTER
अपनापन की भावना से ओत-प्रोत आत्मा की पुकार...कविता
ग्राम-तमनार पड़ेगाँव, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से बाल साहित्यकार डॉ पी एस पुष्प एक कविता सुना रहे है:
अपनापन की भावना से ओत-प्रोत आत्मा की पुकार-
कह रही है हमे जग अपना है तुम सबके हो कुमार-
किसे कहते हो तुम अपना सभी तुम्हारे अपने है-
भावना अपनापन की मत खोना यही तुम्हारे सपने हैं...
Posted on: Mar 03, 2017. Tags: PS PUSHP SONG VICTIMS REGISTER
अ-अ आ-आ, जब भी हमको तेरी सलाम आये...गजल
मुस्तफागंज बाज़ार, मीनापुर, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से अशोक दीवाना एक गजल सुना रहे है:
अ-अ आ-आ, जब भी हमको तेरी सलाम आये-
अश्के आँखों में बनकर जाम आये-
सुबह गुजरी थी, जिसकी मस्जिद से-
मैखदे में वो वक्त काम आये...
Posted on: Mar 03, 2017. Tags: ASHOK DEEWANA SONG VICTIMS REGISTER
ये दे जिन्दगी के नहीं है ठिकाना मोरे कोया...गीत
ग्राम-नयेगवा रैयत, पंचायत-नंदराम, विकासखंड-मवई, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से धनसिंह परते एक गीत सुना रहे है:
ये दे जिन्दगी के नहीं है ठिकाना मोरे कोया-
चल-चली मिल जुल देवी देवता ला मनाबो-
अपन जीवन ला सुन्दर बनाबो-
बड़े अभागेले मानुष तन पाया न जी-
पिता माता ले इस धरनी म आयन-
मोह माया मा सबो ला बुलायन रे...
