तोला नेवता हे हंस वाहनी...सरस्वती वन्दना-
ग्राम-देवरा,जिला-कोरबा,राज्य- छत्तीसगढ़ से शुभम् सरस्वती वन्दना सुना रहे है:
तोला नेवता हे हंस वाहनी-
मोर नेवता मया जागे माँ-
तोला नेवता हे वीणा वादनी-
मोर नेवता मया जागे माँ-
तोला अर्जी करत हंव-
तोला विनती करत हंव...ID(181817)R.M
Posted on: Dec 01, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
धूरि भरे अति शोभित श्याम जू...कविता-
ग्राम-मवई, जिला-बाँदा (उत्तरप्रदेश) से सुरेंद्र पाल रसखान कवि की एक कविता सुना रहे हैं:
धूरि भरे अति शोभित श्याम जू-
तैसी बनी सिर सुन्दर चोटी-
खेलत खात फिरैं अँगना-
पग पैंजनिया कटि पीरी कछौटी-
वा छवि को रसखान विलोकत-
वारत काम कलानिधि कोटी-
काग के भाग कहा कहिये हरि-
हाथ सों ले गयो माखन रोटी...(AR)
Posted on: Dec 01, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
Impact: सीजीनेट में सन्देश रिकॉर्डिंग के पश्चात् 6 माह का विकलांग पेंशन मिल गया...
ग्राम-बडगांव जामपानी, पोस्ट-पतरापाली, तहसील-बैकनपुर जिला-कोरिया छत्तीसगढ़ से सुरेश कुमार बता रहें हैं कि सी जी नेट के साथियों के मदद से विकलांग पेंशन मिल रहा था, इसलिए सीजीनेट म,इ सन्देश रिकॉर्ड किये जो की सीजीनेट सुननें वाले साथियों की मदद से समस्या से संबधित अधिकारीयों से बात कर विकलांग पेंशन दिलाने में मदद किये इसलिए सभी पद अधिकारीयों को एंव सीजीनेट सुनने वाले साथियों को धन्यवाद कर रहें हैं. सम्पर्क नम्बर@9826110664.(180784) GT
Posted on: Dec 01, 2020. Tags: IMPACT STORY SONG VICTIMS REGISTER
देखो देखो ये गरीब ये गरीबी के हाल...लोक गीत-
मुन्ना लाल भारती पोस्ट रेवटी, जिला-मनिकापुर, उत्तरप्रदेश से एक एक लोक गीत सुना रहे हैं :
देखो देखो ये गरीब ये गरीबी के हाल-
कृष्णा के दर पर विश्वास लेके आया हूँ-
मेरा बचपन का यार है मेरा श्याम-
यही सोच कर के आया हूँ हरी द्वार पालो-
कन्हैया से कह दो हरी द्वार पालो-
देखो देखो ये गरीब ये गरीबी के हाल...(182066) GT
Posted on: Dec 01, 2020. Tags: JAS GEET SONG VICTIMS REGISTER
सूरज सा चमकू मै चंदा सा चमकू मै...कविता-
ग्राम-इतामेटा, पंचायत-बासुर, राउत पारा, जिला-दंतेवाडा, छत्तीसगढ़ से कीर्ति साहू साथ में संगीता एक कविता सुना रहें है:
सूरज सा चमकू मै चंदा सा चमकू मै-
जगमग-जगमग हो उज्वल तारो सा दमकू मै-
मेरी अभीलाषा है,फूलो सा महकू मै-
विभो सा चह्कू गुन्जू सावनो पर कोयल सा कुह्कू मै-
मेरी अभिलाषा है नभ से निर्मल पानी-
सूरज सा चमकू मै चंदा सा चमकू मै...(181431) GT
