वह सवेरा चिड़िया बोली तब बच्चों ने आखें खोली...कविता-
उतर प्रदेश से सुरेन्द्र पाल कविता सुना रहें हैं:
वह सवेरा चिड़िया बोली-
तब बच्चों ने आखें खोली-
अच्छे बच्चें मंजन करते-
मंजन करके खुल्ला करते-
खुल्ला करके मुंह को दोते-
मुंह दोकर करके रोज नहाते-
रोज नहाकर खाना खाते-
खाना खा कर पढ़ने जाते... ID(182115) RM
Posted on: Dec 02, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER
कोने घड़ी राम में कोने घड़ी लक्षण...सोहर गीत
ग्राम-खैरागढ़, जिला-राजनांदगांव छत्तीसगढ़ से जया मुंडे एक सोहर गीत
सुना रही है:
कोने घड़ी राम में कोने घड़ी लक्षण-
ये बहनी कोने घड़ी भरत भवाल सखी-
ये ललना भवाल सखी गाबो सोहर वो-
एके घड़ी राम में अधव घड़ी लक्षण-
ये बहनी 3 घड़ी घड़ी भरत भवाल सखी-
कोने घड़ी राम में कोने घड़ी लक्षण...(182138) GT
Posted on: Dec 02, 2020. Tags: JAS GEET SONG VICTIMS REGISTER
जा रे जा दुरौरिन तय छोड़ चले अंगना...बिदाई गीत
ग्राम-खैरागढ़, जिला-राजनांदगांव छत्तीसगढ़ से जया मुंडे एक बिदाई गीत
सुना रही है:
जा रे जा दुरौरिन तय छोड़ चले अंगना-
जिहा जाबे सुख रहिबे खनका बे रे कंगना-
दाई मोरे रोय बेटी भवन के भीतरी-
दादा मोरे रोये दुवार भाई करते-
तोरे सुरता आही तीजा पोरा के तिहार-
जा रे जा दुरौरिन तय छोड़ चले अंगना...(182136) GT
Posted on: Dec 02, 2020. Tags: CG SONG SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : बहु मूत्र बार बार पेशाब आने का घरेलू उपचार-
प्रयाग बिहार मोती नगर रायपुर राज्य छत्तीसगढ़ से वैद्य एच डी गाँधी जी बहु मूत्र बार बार पेशाब आने का घरेलु उपचार बता रहे है, मुलेटी 50ग्राम, मिश्री 30ग्राम, काली मिर्ची 25ग्राम, इन सब को साफ कर कूट पिस कर चूर्ण बना लेवे और सुरचित कर लेवे मात्र तीन तीन ग्राम चूर्ण गाय के घी के साथ सुबह शाम काली पेट सेवन करने से शीघ्र लाभ होता है बचने का उपाय टंडी चीजो से बचे और मिर्च मसाला गरिस्ट भोजन का उपयोग ना करे नसा ना करे मैदा शक्कर नमक प्रयोग कम करे, सुगर का बीमारी के लिए सिकलिंग के बीमारी के लिए बवासीर के लिए गुप्त रोगों के लिए संपर्क कर सकते है मोबाई नंबर 9111061399 (182108)RM
Posted on: Dec 02, 2020. Tags: HEALTH DEPARTMENT SONG VICTIMS REGISTER
धरती ला काटे काटे ये चवरा छाबाये हायरे...डोमकच गीत
ग्राम पंचायत-देवरी, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर छत्तीसगढ़ से कैलाश पोया एक डोमकच गीत सुना रहे हैं:
धरती ला काटे काटे ये चवरा छाबाये हायरे-
चवरा छाबाये रे झालर खुटा दाईया हमर मडवा तनाये-
चवरा छबाते घरी झिन रोबे कन्या नोनी-
छतिया में लोलो रे पखना ठेल देबो-
धरती ला काटे काटे ये चवरा छाबाये हायरे...(182112) GT
