आषाढ़ सावन गिरेला पानी, का बतावा में संगवारी...छत्तीसगढ़ी गीत

लुढूटोला, ग्राम-दमगढ़, विकासखण्ड-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से भूकलूराम पंदराम एक गीत छत्तीसगढ़ी में सुना रहे है:
आषाढ़ सावन गिरेला पानी, का बतावा में संगवारी-
जल्दी उठ जाबे कईथे, खेत दहर मोर रानी-
झन जगाना झन जगाना बाई हो, नींद लगत है मोला-
नागर, बैला ला धर के बाई, खेत दहर में जाथ हो-
जल्दी बासीला लाबे बाई, नही तो भूखा जाथ हो-
आषाढ़ सावन गिरेला पानी, का बतावा में संगवारी...

Posted on: May 06, 2018. Tags: BHUKLURAM PANDRAM SONG VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर: नाक से खून आना या नकसीर का घरेलू उपचार...

ग्राम-भोंगा, तहसील-बोड़ला, जिला-कबीरधाम, (छत्तीसगढ़) से भगतराम लांझी नाक से खून आने की शिकायत जिसे नकसीर भी कहा जाता है, उसके लिए घरेलू उपचार की विधि बता रहे है, गाय का घी और कपूर दोनों का अच्छा गाढ़ा पेस्ट बनाकर फेट ले. उसके बाद सूंघना है, इसके बाद साफ़ कपड़े से साफ़ कर ले| तुरन्त नाक से खून आने में मदद मिलेगी. दूसरा उपाय भेकवार पेड़ का गुदा निकालकर आग में हल्का सेक ले उसके बाद छोटे छोटे टुकड़े कर शक्कर मिलाकर खा लेंवे इससे भी नाक से निकलने वाला खून बंद हो जाता है. यह विधि किसी भी आयु के लिए लाभकारी रहेगी. अधिक जानकारी केलिए@7389964276.

Posted on: May 05, 2018. Tags: BHAGTRAM LANJHI SONG VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर : स्वास की बीमारी का घरेलू उपचार-

ग्राम-घोंघा, पोस्ट-बोडला, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से वैद्य भगतराम लांझी आज हमें श्वास की बीमारी का घरेलू ईलाज बता रहे हैं, जिन लोग को स्वास लेने में दिक्कत होती है, खासी आती है, लार गिरते हैं वे जिमीकंद को धोकर काट कर सुखा ले, उसके बाद उसे कूट ले और सोठ, अदरक, काली मिर्च, लौंग, सभी को घी में भून ले और सभी को पुराने गुड के सांथ मिलाकर छोटी-छोटी गोली बना ले और सुबह-शाम एक-एक गोली सेवन करे इससे स्वास की बीमारी में आराम मिल सकता है, दवा उम्र के अनुसार छोटा या बड़ा लेना है अधिक जानकारी के लिए संपर्क कर सकते हैं: वैद्य भगतराम लांझी@7389964276.

Posted on: May 04, 2018. Tags: BHAGAT RAM LANJHI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर: साइटिका के घरेलू नुस्ख़े...

ग्राम-रहंगी, पोस्ट-लोरमी, जिला-मुंगेरी, (छत्तीसगढ़) से चन्द्रकान्त शर्मा आज साइटिका के घरेलू नुस्ख़े बता रहे है, एक गिलास दूध और एक कप पानी को किसी बर्तन में डाल दे, लहसुन की कलिया 8-10 छिलकर डाल दे, और इतना उबाले की आधा रह जाये| उसे उतार कर ठंडा होने पर सेवन करे. लहसुन की कली को चबा चबा कर खा ले.
यह प्रयोग लगातार 20 दिनों तक करे| साइटिका में लाभ मिलेगा.
चन्द्रकान्त शर्मा@ 9893327457.

Posted on: May 03, 2018. Tags: CHANDRKANT SHRAMA SONG VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर: नारियल की जटा, छिल्के से बवासीर का घरेलू उपचार...

ग्राम-रेहंगी, पोस्ट-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य चन्द्र कान्त शर्मा आज बवासीर का एक घरेलू उपचार बता रहे है: सामग्री-सूखा नारियल की जटा, छिल्का जलाकर उसकी राख़ को छानकर बराबर मात्रा में उसमें शक्कर (चीनी) मिला लेंवे. एक तौला पानी के साथ प्रतिदिन सुबह खा लेंवे|बावासीर वाली जगह में दिन में 3-4 बार वही राख़ लगावे, इस प्रकार सतत 21 दिनों तक इसका प्रयोग करे खाये भी और लगाए| लाभ होगा. ऐसे ही हमारे आसपास पाए जाने वाले विभिन्न वनस्पतियों में अनेक औषधीय गुण है जिनके बारे में जानकारी होने से हमें काफी पैसे की बचत भी हो सकती है. वैद्य चन्द्र कान्त शर्मा@9893327457.

Posted on: Apr 30, 2018. Tags: CHANDRKANT SHRAMA SONG VICTIMS REGISTER

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