सुरवे डार रे डार नवे माता डार नवे-नवे भाभी नवे माता...गोंडी गीत -
ग्राम-सल्लेयाकला, पोस्ट-सावरी, तहसील-मोहखेड़, जिला-छिन्दवाड़ा (मध्यप्रदेश) से सविता धुर्वे एक गोंडी गीत सुना रही हैं:
सुरवे डार रे डार नवे माता डार नवे-नवे भाभी नवे माता-
डोडा ते अत्ता भाभी दिकड़ी सुकिले-
इके अके उड़ना के दिकड़ी मरुन्गता-
कुवा ते अत्ता भाभी येर तयाले-
इके अके उड़ना के बाल्टी मरुंगता-
सुरवे डार रे डार नवे माता...
Posted on: Mar 24, 2017. Tags: SAVITA DHURWEY SONG VICTIMS REGISTER
ना छुरी रखता हु ना पिस्तौल रखता हूँ, गोंड का बेटा हूँ दिल में जिगर रखता हूँ...कविता-
तहसील-धनोरा, जिला-ग़ढचिरोली (महाराष्ट्र) से उत्तम अटला गोंड आदिवासी समाज की गौरव गाथा कविता के रूप में प्रस्तुत कर रहे है:
कौन कहता है बेकार है गोंड, अपने आप सरकार है गोंड-
तेज़ रणभूमि में, तेज़ तलवार है गोंड-
ना छुरी रखता हूँ, ना पिस्तौल रखता हूँ – गोंड का बेटा हूँ, दिल में जिगर रखता हूँ-
यारी करे तो यारो के यार है गोंड, और दुश्मन के लिए तूफ़ान है गोंड़-
तभी तो दुनिया कहती है, बाप रे खतरनाक है गोंड-
जिसके पास समाज के लिए वक्त नही, उसकी रगों में पानी है खून नही...
Posted on: Mar 24, 2017. Tags: SONG UTTAM ATALA VICTIMS REGISTER
शहर में अमन के लिए सारे धर्म के लोग मिलकर बाबा से दुआ मांगने हर साल चादर अजमेर भेजते हैं...
जिला-मुजफ्फरपुर, (बिहार) से जिला खाया चादर कमिटी के खलीफ़ा मोहम्मद रजी हैदर बता रहे हैं कि शहर में अमन और भाईचारे के लिए १९७८ में कमिटी कायम हुई तभी से सभी धर्मो के लोग मिलकर इस चादर को पुरानी गुजरी नकुलवा चौक से लेकर दर्शन हेतु शहर के मुख्य मार्गो से होकर पूरे शहर में भ्रमण करते है, फिर इसी चादर को ३० मार्च को कमिटी के संरक्षक बद्री ओझा के निवास स्थल से शहर के मुख्य मार्गो से होकर अजमेर शरीफ़ के लिए प्रस्थान करेगी, ३१ मार्च को प्रधान कार्यालय, पुरानी गुजरी नकुलवा चौक पर गरीब नवाज का प्रसाद वितरण, लंगर,भण्डारा उनके नाम से किया जायेगा शहर के सभी लोगो में यह वितरण किया जायेगा, शहर की अमन शान्ति के लिए बाबा से दुआ मांगते है. हैदर@9308571702
Posted on: Mar 24, 2017. Tags: Haidar Mohammad Razi SONG VICTIMS REGISTER
गधे की कहानी...
ग्राम-धीरी, तहसील-बैहर ,जिला-बालाघाट (मध्यप्रदेश) से जगदीश कुमार मरकाम कहानी सुना रहे है. एक व्यक्ति अपने बेटे के साथ गधा बेचने जा रहा था दोनों गधे के साथ पैदल चल रहे थे किसी ने कहा इनको देखो गधा साथ रहते हुए भी पैदल जा रहे है तभी एक और ने कहा आप में से एक इसमें बैठ क्यों नहीं जाते तब उन्होंने अपने बच्चे को गधे पर बैठा दिया आगे चलकर फिर से उ सलाह दिया जिस पर पिता कहने अनुसार खुद गधे पर बैठ गया और चलने लगे कुछ दूर चले ही थे की फिर से उन पर लोगो ने ताना मारा जिससे दोनों पिता-पुत्र गधे पर बैठ गए और चलने लगे कुछ दूर चलने पर पुन: यही घटना हुई और दोनों ने गधे को अपने उपर उठाकर चलने लगे जिस पर लोग उन पर हसने लगे जिसकी आवाज सुनकर गधा डर गया और पैर मारने लगा जिससे रस्सी टूट गई और वही पर नदी मे गिर कर मर गया इसलिए कहा जाता है की हमेशा अपने विवेक से किसी भी काम को करना चाहिए बेकार की बातो में ध्यान नहीं देना चाहिए।
Posted on: Mar 24, 2017. Tags: JAGDISH KUMAR MARKAM SONG VICTIMS REGISTER
गोंडी गीतों के प्रकार: गोंगो पाटा, पुनेम पाटा, पनगु पाटा, नेल पाटा, रेला पाटा, जोहरा पाटा, दूर्वा पाट
जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से उत्तम अटाला गोंडी भाषा में गोंडी गीतों के प्रकार के बारे में जानकारी दे रहे है| गोंगो पाटा- देवगीत है- इस गीत को जब फरसा पेन, भीमल पेन, नारान पेन, की पूजा करते है तब गाया जाता है| पुनेम पाटा- पुनेम गीत- जब जंगो लिंगो, सगा पेन, भूमकाल की पूजा करते है तब गाया जाता है| पनगु पाटा-जिसको पडवार गीत भी कहते है| इस गीत को त्यौहार के समय में गाया जाता है| नेल पाटा- नेल गीत- इस गीत को जब सामूहिक रूप से मिलकर कोई काम करते है तब गाया जाता है| रेला पाटा- शादी गीत- इस गीत को शादी के समय में युवक-युवतियों द्वारा गाया जाता है| इसके अलावा और गीत हैं जोहरा पाटा, दूर्वा पाटा,, सिमगा पाटा, मंडार पाटा, करसाड पाटा आदि । उत्तम@9479003193

