आज भी बदल देंगे जज्बात भी बदल देंगे...देशभक्ति कविता
सत्यम कुमार, तहसील-भरतगाँव, पोस्ट-सिरपुर, जिला-गोरखपुरसे एक कविता सुना रहे हैं:
आज भी बदल देंगे जज्बात भी बदल देंगे-
भूगोल के साथ-साथ इतिहास भी बदल देंगे-
तोड़ देंगे सिंध का पानी त्राही त्राहि मच जाएगा-
हिंदुस्तान तेरा रोम-रोम चिल्लाएगा-
पाकिस्तान में कई जनसंख्या है तो हिंदुस्तान-
में भी कैदी है और कैदियों से बोल दिया जाए-
सजा माफ तो ,सुबह होते-होते पूरा पाकिस्तान-
साफ पाकिस्तान साफ-
जीतने तो पाकिस्तान में बम बारूद बनते हैं...
Posted on: Mar 13, 2022. Tags: GORKHAPUR PATRIOTISM POEM SATYMKUMAR BHARATGAON SIRPUR UP
तू इतनी दूर क्यों है माँ बता नाराज क्यों है माँ...गीत-
भीम प्रसाद (उत्तरप्रदेश) एक गाना सुना रहे हैं:
तू इतनी दूर क्यों है माँ बता नाराज क्यों है माँ-
मैं तेरा हु बुलाले तू गले फिर से लगा ले तू-
ओ माँ प्यारी माँ-
तेरे अंचल की छाया को मेरी नींदे तरसती है-
तेरी यादो के आँगन में मेरी आँखे बरसती है-
परेशान हो रहा हु मैं अकेला रो रहा हु मैं-
मैं तेरा हु बुलाले तू गले फिर से लगा ले तू...
Posted on: Mar 09, 2022. Tags: BHIM PRSAD UP
फिर भी कोई पीलाओ तो मैं क्या करूँ ...गजल
मटियालम कुशी नगर,उत्तर प्रदेश से सुकई कुशवाहा एक गजल सुना रहे हैं
सबको मालुम हैं मैं सराबी नहीं
फिर भी कोई पीलाओ तो मैं क्या करूँ
फिर से एक बार न नजरों से नजरें मिले
संपर्क@7267021859.
Posted on: Mar 06, 2022. Tags: HINDI KUSHINAGAR UP
इस जोनो मैंतो क्या हो गया...गजल
ख़ुशीनगर,उत्तरप्रदेश से सुकई कुशवाहा एक गजल सुना रहे है|
तोखी तो इस जोनो मैंतो क्या हो गया-
दोसी तो इस जोनो मैंतो क्या हो गया-
जिसो को क्या आगई बेवफा हो गया...
Posted on: Feb 19, 2022. Tags: GAJAL KHUSHINAGR UP
पीड़ितों का रजिस्टर: नक्सलियों ने बच्चों को नक्सली संगठन में शामिल करने की मांग की थी, फिर डर से गा
नगर पंचायत भानुप्रतापपुर (तसरी पारा) जिला-कांकेर (छतीसगढ़) से सरिता नेताम जी बात कर रहे हैं इनके गाँव देवार खेड़ा में नक्सलियों ने बच्चों को नक्सली संगठन में शामिल होने के लिए मांग मांग कियें थे| अगले दिन उन्होंने डर से गाँव छोड़कर भानुप्रतापपुर आकर बस गए| इस दौरान इनके घर, फसल, जानवर, खेत सब कुछ छोड़कर भाग आए| अब इनके पास रहने व कमाने को कुछ भी नहीं है| सरकार के द्वारा जमीन व 90 हजार रुपये मिलने की बात हुई थी किन्तु सिर्फ 9 हजार रुपये ही कलेक्टर द्वारा मिले| इनकी मांग है बाकी जो पैसा मिलना था वह मिल जाता तो कोई काम धंधा शुरू कर पाते |
