वनांचल स्वर : शहतूत के औषधीय गुण-
जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय शहतूत के औषधीय गुण बता रहे हैं, इसे गाँव के लोग तूत भी कहते हैं, 50 ग्राम पानी में एक चम्मच शक्कर और शहतूत के 10 से 12 फल पीसकर दोनो को मिलाकर सरबत बनाकर पीने से रक्त पित्त, सीने में जलन आदि समस्याओ में आराम मिल सकता है, शहतूत के पत्तो को पानी में उबालकर उस पानी से कुल्ला करने से मुंह के घाव, छाले और आवाज खराब होने जैसी समस्या में लाभ मिल सकता है, अधिक जानकारी के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. ऐसे ही हमारे आसपास पाए जाने वाले वनस्पतियों में बहुत औषधीय गुण हैं जिनसे हम मदद ले सकते हैं और धन की बचत भी कर सकते हैं : संपर्क नंबर @9424759941.
Posted on: Aug 10, 2018. Tags: HEALTH RAGHWENDRA SINGH RAI SONG TIKAMGADH MADHYA PRADESH VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर: पहले के लोग जंगल पहाड़ से करील, चिरोटा भाजी आदि खाकर जीवन यापन करते थे...
ग्राम-वेरसेनार, पंचायत-बेसगाँव, तहसील-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से गाँव की बुजुर्ग महिला पार्वती गोंडी भाषा में सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा की रानो वड्डे को बता रही है कि पहले ज़माने के लोग जंगल पहाड़ से जाकर सब्जी भाजी ढूँढकर लाते थे जैसे करील, चिरोटा भाजी पहले आदिवासी लोग ये सब खाकर जीवन यापन करते थे जिससे वे स्वस्थ रहते थे पर वे कह रही हैं कि आज के लोग पूरा बाजार पर निर्भर हो गए है| और अभी बाज़ार में सभी चीज में केमिकल मिला वाला खाना मिलता है, चावल में केमिकल है सब्जी में केमिकल है और चूंकि हर चीज बाजार से लेकर खा रहे हैं इसलिए अब के लोग जल्दी और बार बार भी बीमार पड़ जाते है|
Posted on: Aug 09, 2018. Tags: CG GONDI KANKER PARVATI VANANCHAL SWARA
वनांचल स्वर : डायबटीज या मधुमेह का घरेलू उपचार-
डोंगरगढ़ (छत्तीसगढ़) से राज्य स्तरीय प्रशिक्षित वैद्य संघ के सम्मलेन में शामिल हुए वैद्य रवि सिंह परिहार, जो मुंगेली छत्तीसगढ़ से हैं और एच डी गांधी को डायबटीज या मधुमेह रोग का घरेलू उपचार बता रहे हैं, वे कह रहे हैं कि डायबटीज या मधुमेह के रोगी सफेद मुसली, काली मुसली, अस्वगंधा, अर्जुन छाल, बमूल छाल, चिरायता, कुटकी, सिलाजीत, बेल पत्ती, नीम पत्ती, तुलसी पत्ती सभी को बराबर मात्रा में मिलाकर मिश्रण बनाकर दिन में तीन बार एक चम्मच ठण्डा पानी के सांथ उपयोग कर सकते है, इससे फायदा होता है. खाने में शक्कर और चावल का प्रयोग न करें, अधिक जानकारी कर लिए दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@7746007256.
Posted on: Aug 09, 2018. Tags: DONGARGADH CHHATTISGARH HEALTH RAVISINGH PARIHAR SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : बबूल (कीकर) के औषधीय गुण-
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से राघवेन्द्र सिंह राय आज हम लोगो को बबूल (कीकर) के औषधीय गुणों के बारे में बता रहे है, अतिसार (दस्त, पेचिस) में इसका पत्तियों के रस आधा चम्मच में एक चम्मच छाछ (मही) के साथ सेवन करने से लाभ मिलता है, मुहं में छाले पड़ने पर बबूल के गोंद को मुंह में रखकर उसके रस चूसने से फायदा मिलता है, इसी तरह गले में सूजन आने से बबूल के छाल को 400 ग्राम पानी में उबाल लें, 100 ग्राम शेष रह जाए जिसमे क्वाक (काढा) शेष रहे उससे मुंह के गरारे करने से छाले जल्दी ठीक हो जाते है| गर्मी की अगर किसी को खांसी हो तो बबूल की पत्तियों को मुंह में रखकर चबाकर रस चूसने से और कंठ में उतार ले, तो इससे आराम मिलता है| राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.
Posted on: Aug 08, 2018. Tags: HINDI HEALTH RAGHVENDRA SINGH RAI SONG TIKAMGARH VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : मौलश्री के वृक्ष का औषधीय गुण-
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेंद्र सिंह राय मौलश्री वृक्ष के औषधीय गुण बता रहे हैं, हमारे आसपास पाए जाने वाले मौलश्री के पत्ते जामुन के पत्ते की तरह मोटे और थोड़े लम्बे होते हैं, और फल बेर की तरह के होते है, उसकी टहनी का दातून करने से दांत मजबूत होते हैं, इसके अलावा छाल को 400 ग्राम पानी में उबालें जब 100 ग्राम पानी रह जाए, तब उससे कुल्ला करने से हड्डी के बुखार में आराम मिलता है, इसके काढ़े को सुबह-शाम 4-4 चम्मच खाने के बाद सेवन करने से पूरा आराम मिल सकता है, उसके पके फल को खाने से दस्त और पेट मरोड़ ठीक हो सकता है, अधिक जानकारी के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9424759941.
