भारतीय मुस्लिम कवि अमीर खुसरो का जीवन परिचय
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार)से सुनील कुमार, अमीर खुसरो की जीवनी सूना रहे हैं- अबुल हसन अमीर ख़ुसरु चौदहवीं सदी के आसपास दिल्ली के पास रहने वाले एक प्रमुख कवि (शायर), गायक और संगीतकार थे। खुसरो को हिन्दुस्तानी खड़ीबोली का पहला लोकप्रिय कवि माना जाता है।किसके द्वारा? वे अपनी पहेलियों और मुकरियों के लिए जाने जाते हैं। सबसे पहले उन्हीं ने अपनी भाषा को हिन्दवी का उल्लेख किया था। वे फारसी के कवि भी थे। उनको दिल्ली सल्तनत का आश्रय मिला हुआ था। उनके ग्रंथो की सूची लम्बी है। साथ ही इनका इतिहास स्रोत रूप में महत्त्व है। खुसरो ने अपना सारा जीवन राज्याश्रय में ही बिताया। राजदरबार में रहते हुए भी खुसरो हमेशा कवि, कलाकार, संगीतज्ञ और सेनिक ही बने रहे। सुनील कुमार@9308571702, raman
Posted on: Feb 10, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
मदभागवत गीता के बारे में प्रधान मंत्री को सन्देश...
ग्राम-आमगोला, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार के साथ में मशहूर मूर्तिकार दिनेश प्रसाद जो मदभागवत गीता को लेकर प्रधानमंत्री को सन्देश दे रहे हैं वो काहते हैं कि महात्मा गांधी ने 21 बार गीता को पढ़ा था तब जाकर उनको उसका अनुभव हुआ था वो भी सम्पूर्ण नहीं लोकतंत्र को कैसे और क्यों चलाना है इसके लिए गीता से बढ़कर शायद कोई भी ग्रन्थ हो तो हम यह सन्देश देना चाहते हैं कि मन की बात में इसका जिक्र जरूर करे और अपने भाषण या कार्यक्रम में भी इसकी उपयोगिता के बारे में जरूर जनता तक पहुचाएं ताकि लोगों को सही राह मिल सके और अपने जीवन को समझ सके| सुनील कुमार@9308571702
Posted on: Feb 09, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
इस पार लड़ाई लाने वाला बच के न जाने पाएगा...गीत
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार पेरिस हमलों में मारे गए लोगों के प्रति दुःख व्यक्त करते हुए एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
इस पार लड़ाई लाने वाला बच के न जाने पाएगा-
तू धन-दौलत का लोभी डाकू गर आग लगाने आएगा-
पिसने वालों की दुनिया इस आग में जल जाएगा-
तुम एटम बम डॉलर के व्यापारी मददगार गद्दारों के-
है लूट तुम्हारा धर्म पुजारी तुम खुनी तलवारों के-
हमको डर किसका भूत तुम्हारा तुमको ही खा जाएगा-
इस पार लड़ाई लाने वाला बच के न जाने पाएगा-
हम माथे का सिन्दूर गरजता गाढ़ा खून ना बेचेंगे-
बच्चों की हंसी ना बेचेंगे हम सबकी ख़ुशी ना बेचेंगे-
नर-नारी का व्यापारी मौत के हाथों बिक जाएगा-
तुम फ़ौज लिए जिन सड़कों से गुजरोगे हम टक्कर लेंगे-
आकाश में सोले बनके उड़ेंगे हम सागर खौला देंगे-
जो चाल चलेगा हिटलर की हिटलर की तरह मर जाएगा-
इस पार लड़ाई लाने वाला बच के न जाने पाएगा...
Posted on: Feb 09, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
कितना निराला रिश्ता है...रचना
मालीघाट,जिला-मुजाफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार,सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की एक रचना सूना रहे हैं :
कितना निराला रिश्ता है-
पेड़ का चिड़िया से-
वह नहीं जनता-
वह उस पर उतरेगी-
या यूंही मंडरा कर चली जाएगी-
उतरेगी तो कितनी देर के लिए-
किस टहनी पर – वह नहीं जनता-
वह यहाँ घोंसला बनाएगी-
या पत्तों में मुह-
छिपा कर सो जाएगी – वह नहीं जनता-
उसके पंखों के रंग-
उसकी पत्तियों के रंग-
जैसे ही हें या नहीं-
वह नहीं जनता-
वह क्यों आती है-
क्यों चली जाती है-
क्यों चहचाती है – क्यों खामोश होती है-
वह नहीं जनता-
वह क्यों सहमती है-
क्यों डरती है-
क्यों उसे निर्भय गान से भरती है-
क्यों उसके फल कुतरती है-
क्यों उसकी आत्मा में उतरती है-
वह नहीं जनता-
कल उसके टूट जाने पर-
वह कहाँ होगी-
वह नहीं जनता-
कितना निराला रिश्ता है-
पेड़ का चिड़िया से-
जिसे वह अपना मानता है-
और जिसके सहारे-
हर बार अपने को-
नए सिरे से पहचानता है...
Posted on: Feb 08, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
नौजवान आओ रे ,नौजवान गाओ रे...प्रेरणा गीत
सुनील कुमार मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से “युवा गीत”सुना रहे हैं:
नौजवान आओ रे, नौजवान गाओ रे-
लो कदम मिलाओ रे, लो कदम बढ़ाओ रे-
ऐ वतन के नौजवान, इस चमन के बागवान-
एक साथ बढ़ चलो, मुश्किलों से लड़ चलो-
इस महान देश को नया बनाओं रे-
धर्म की दुहाईयां ,प्रांत की जुदाईयां-
भाषा की लड़ाईयां, पाट दो ये खाईयां-
एक माँ के लाल एक निशां उठाओं रे-
एक बनो नेक बनो खुद की भाग्यरेख बनो-
सद्गुणो के तुम हो लाल , तुमसे यह जगत निहाल-
शांति के लिए जहाँ को तुम जगाओ रे-
माँ निहारती तुम्हें, माँ पुकारती तुम्हें-
श्रम के गीत गाते जाओ ,हंसते मुस्कुराते जाओ-
कोटि कंठ एकता के गान गाओ रें,नौजवान...
