हमारे गाँव का नाम तल्लाबेड़ा कैसे पड़ा: एक गाँव की कहानी (गोंडी भाषा में)

ग्राम-तल्लाबेड़ा, तहसील-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से ग्रामीण मंगूराम, लक्ष्मण सिंह और श्यामलाल सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा के अंकित पड़वार को बता रहे है कि आज उनके गाँव में लगभग 100 घर है और बहुत वर्ष पहले उस गाँव का नाम तल्लाबेड़ा कैसे पड़ा| बताया जाता है कि वहां पर शेर का बहुत आतंक था जो किसी भी जानवर का शिकार करता था और उसका सिर को लाकर यहाँ गाँव में छोड़ता था, गोंडी भाषा में सिर को तल्ला कहा जाता है, इसलिए गाँव का ये नाम दिया गया, यह नाम उनके पूर्वजों ने दिया है पूर्वजों के समय में उस गाँव में लगभग 6-7 घर ही थे, जो आज बढ़कर 100 घर है | अंकित पडवार@9993697650.

Posted on: Aug 09, 2018. Tags: CG GONDI KANKER LAKSHAN SINGH MANGURAM SHYAM LAL

केयोडे वाडा केयोडे वाडा नुनिले वया...गोंडी गीत

प्रमिला मरकाम ग्राम-सुन्नामटका, तहसील-वेलपुरम, जिला-तुर्कगोदावरी (आंध्रप्रदेश) से गोंडी भाषा में एक गीत सुना रहे हैं:
केयोडे वाडा केयोडे वाडा केयोडे वाडा नुनिले वया-
नुनिले हयों दानि कैला नुनिले वया केयोडे वाडा नुनिले वया-
केयोडे वाडा केयोडे वाडा केयोडे वाडा नुनिले वाडा-
हड्मे जोगो दादाल नुनिले वया केयोडे वाडा केयोडे-
वाडा नुनिले वैया-
सुखडा हरुन तमुर नुनिले वैया केयोडे वाडा केयोडे-
वाडा नुनिले वया ...

Posted on: Aug 08, 2018. Tags: EAST GODAVARI AP GONDI SONG PRAMILA MARKAM

वेरते वात वेरते वात रो हो हो हो बादे नार बादे उडके चले रो...गोंडी गीत

गेडम मारुती नेटनूर सिरपुरयु-ग्राम-मंडलम, जिला-कुमराम भीम आदिलाबाद (तेलंगाना ) से गोंडी भाषा में एक गीत सुना रहे हैं:
वेरते वात वेरते वात रो हो हो हो बादे नार बादे उडके चले रो-
वेरते वात वेरते वात रो हो हो हो बादे नार बादे उडके चले रो-
वेरते वात वेरते वात रो हो हो हो बादे नार बादे उडके चले रो-
छत्तीसगढ़,मध्यप्रदेश,महाराष्ट्र वेरते वाता रो बादे नार बादे उडके चले रो...

Posted on: Aug 07, 2018. Tags: GEDAM MAROTI GONDI SONG KUMRAM BHEEMU TELANGANA

सूरज सा चमकू मै,चंदा सा चमकू मै...बाल कविता

ग्राम-मोहली, पोस्ट-मोहली, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से नीलेंदर कुमार के साथ रोशनी एक कविता सुना रही है:
सूरज सा चमकू मै चंदा सा चमकू मै-
जगमग-जगमग हो उज्वल तारो सा दमकू मै-
मेरी अभीलाषा है,फूलो सा महकू मै-
विभो सा चह्कू गुन्जू सावनो पर कोयल सा कुह्कू मै-
मेरी अभिलाषा है नभ से निर्मल पानी-
सूरज सा चमकू मै चंदा सा चमकू मै...

Posted on: Aug 07, 2018. Tags: BALRAMPUR CG HINDI POEM NILENDARA KUMAR SONG VICTIMS REGISTER

नाना सुडुना,नाना सुडुना खुल रहिना नाना ढगुराना...गोंडी में वर्षा पर कविता

कुमरम मोहन और आतरम विटल ग्राम-गुंजाला, जिला-आदिलाबाद (तेलंगाना) से गोंडी भाषा में बरसात के सम्बन्ध में एक कविता सुना रहे है:
नाना सुडुना,नाना सुडुना खुल रहिना नाना ढगुराना-
गुसुर से गुसुर से ढगुर आतोन आनी नावा तक्वाल-
नावा तक्वाल नावा तक्वाल ताड्स ना मोडियता नाना-
वितवाके रेल दून मोडिई वितोना...

Posted on: Aug 07, 2018. Tags: ADILABAD TELANGANA ATRAM VITHAL GONDI POEM KUMRAM MOHAN

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