दिल में है सीजीनेट बुल्टू रेडियो तो, कोई खास कैसे होगा साथियों...
ग्राम-देवगढ, तहसील-मोखढ़, जिला-छिन्दवाडा, (मध्यप्रदेश) से सविता धुर्वे बुल्टू रेडियो को लेकर शायरी सुना रही है :
दिल में है सीजीनेट बुल्टू रेडियो तो, कोई खास कैसे होगा साथियों-
यादो में आपके सिवा, कोई पास कैसे होगा साथियों-
हिचकिया कहती है, आप याद करते हो साथियों-
पर हम बुल्टू रेडियो में बोलेंगे नही, तो एहसास कैसे होगा साथियों-
अधिकार तो मिला है साथियों, बोलकार बनकर आवाज़ उठाने का-
आवाज़ नही उठाएंगे तो, विकास कैसे होगा...
Posted on: Mar 22, 2017. Tags: SANJU PARTETI SONG VICTIMS REGISTER
काहे धरम भूल गयो कोया, का तेरी अकल गई भौराय...गोंडवाना गीत-
ग्राम-लोहांगी, विकासखंड-मोहखेड़, जिला-छिन्दवाड़ा (मध्यप्रदेश) से सेवंती सरयाम एक गोंडवाना गीत सुना रही है:
काहे धरम भूल गयो कोया-
का तेरी अकल गई भौराय-
काहे धरम छोड़ दय कोया-
का तेरी अकल गई भौराय-
गोंड वंश में जन्म लियो है
गोंड का खून कहाय-
गोंड वंश की बेटी लयो-
गोंड ने दूध पिलाया रे-
का तेरी अकल गई...
Posted on: Mar 22, 2017. Tags: SAIVANTI SARYAM SONG VICTIMS REGISTER
नेपाल के तराई इलाके सहित उत्तरी बिहार के कई जिलो में ओला वृष्टि से फसलों को भारी नुकसान...
मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार ओला वृष्टि के कारण फसलो एवं घरों को हुए नुकसान के बारे में बता रहे हैं. वे बता रहे हैं कि 20 मार्च को मुजफ्फरपुर सहित बिहार के कई जिलो और नेपाल के तराई इलाको में ओला वृष्टि हुई जिससे फसलों को काफी नुकसान हुआ है, मुजफ्फरपुर के कटरा उराई इलाके के अलावा मधुबनी, मोतिहारी, बेतिया, सुपौल जिलों में पांच -पांच किलो की ओला वृष्टि की जानकारी प्राप्त हुई है जिससे नज़ारा काफी सुन्दर हो गया है. फसल की कसती के अलावा किसी तरह की जान की क्षति की जानकारी अब तक नहीं है। लगातार प्रकृति में काफी बदलाव के कारण इस तरह की घटनाओं को महसूस किया जा रहा है- सुनील कुमार@9308571702.
Posted on: Mar 22, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
मन का पंछी, इतना मत इतरा...कविता -
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं:
रुक जा मन पंछी, इतना मत इतरा-
ये दुनिया रहती, ख़फ़ा ख़फ़ा, यहाँ तेरा नही चलेगा कोई सफा-
कर सके तो कर ले, दुनिया से वफ़ा-
मद मस्त मौला बन, मत मजरा-
पग पग फ़नकारो का पहरा, बिछाए बैठे मौत का घेरा-
लगाते रहते जग का पहरा, इन लोगो से सम्भल, सम्भल कर-
इधर उधर मत उछल, तेरा जीव धन नही अटल-
इन फ़नकारो का क्या सकेगा मसल, यदि जूझना हो तो फौलादी बन जा-
फिर उन फनकारों के सामने जा, जीना हो तो चट्टान बन जा-
फिर जमकर उन फनकारों को ठोक बजा, तब आयेगा उनको मजा-
यही है उन फ़नकारो को सजा...
Posted on: Mar 22, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
वर्तमान शिक्षा मार्ग के प्रति, खड़े है हमारे देश के बच्चे...कविता
राजा भातखावा चाय बागान, जिला-आलीपुरद्वार (पश्चिम बंगाल) से राहुल मालवी शिक्षा के उपर कविता सुना रहे हैं:
वर्तमान शिक्षा मार्ग के प्रति, खड़े है हमारे देश के बच्चे-
बोझ बनके नही है इस संसार में हम,
यदि एकता होकर संघर्ष करेंगे इनके प्रति-
तो कोई नही कर पायेगा हमें समाप्ति-
हम भारत के नौजवान, उन माता, पिता का विरोध करेंगे-
वो अपने बच्चो का अधिकार छिनकर, मनाते है जश्न...
