वाटरा दादा इगा उंदी जगा उदा बुरका ते विचार किया रो...गोंडी गीत
जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से मीना मडावी एक गोंडी गीत सुना रही हैं:
वाटरा दादा इगा उंदी जगा उदा-
बुरका ते विचार किया रो-
अडका मला निमा गंजी पैयसी लोंन अत्ति-
तिन हनल निमा लेस थी-
बुरका तूने निमा मरुन्गति...
Posted on: Mar 24, 2017. Tags: MEENA MADAVI SONG VICTIMS REGISTER
गरीब और अमीर के बीच आय का फर्क १० गुने से अधिक का नहीं होना चाहिए: राममनोहर लोहिया -
मालीघाट जिला-मुजफ्फरपुर, (बिहार) से सुनील कुमार डा राममनोहर लोहिया के जन्मदिन के अवसर पर उनके जीवन से जुडी कुछ बात बता रहे है. डा.लोहिया अपना जन्म दिन नही मनाते थे क्यूंकि आज के ही दिन भगत सिंह,राजगुरु,सुखदेव को फांसी दी गई थी. समाजवाद के शीर्ष नेता डॉ लोहिया को सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन के जनक के रूप में जाना जाता है, उनका जन्म फैजाबाद उत्तरप्रदेश में २३ मार्च १९१० में हुआ था, उनका जीवन सदा समाज में फैली आर्थिक विषमता के खिलाफ लड़ने में ही लगा उनका मानना था कि अगर गरीब व्यक्ति १ रू कमाता है तो जो ऊँचे पदों कार्यरत लोगो की आर्थिक स्थति उससे १० गुना अधिक नही होनी चाहिए. वे मानते थे कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी एक गरीब देश और समृद्ध देश का अन्तर इसी भाव के आधार पर होना चाहिए.सुनील कुमार@ 9308571702.
Posted on: Mar 23, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
जहाँ तुम रोये थे वहां हम न रोयेंगे...देश प्रेम कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक देश प्रेम की कविता सुना रहे है:
जहाँ तुम रोये थे वहां हम न रोयेंगे-
जहाँ तुम चले थे वहां हम न चलेंगे-
जहाँ तुम सोये थे वहां हम न सोयेंगे-
जहाँ तुम हँसे थे वहां हम न हँसेंगे-
जो तुम खाए वो हम न खायेंगे-
तुम कोड़े खाए तो खाए हम नहीं खायेंगे-
देश को हरगिज न गिराएंगे-
ऐसा कानून बनायेंगे-
सबके लिए ऊँची महल बनायेंगे...
Posted on: Mar 23, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
अहसान मेरे दिल पे तुम्हारा है दोस्तों, यह दिल तेरे प्यार का मारा है दोस्तों...
ग्राम-बिजुरी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से ओम प्रकाश एक गीत सुना रहे है :
अहसान मेरे दिल पे तुम्हारा है दोस्तो – यह दिल तेरे प्यार का मारा है दोस्तों – बनता है मेरा काम तुम्हारे ही काम से – होता है मेरा नाम तुम्हारे ही नाम से – तुम जैसे मेंहरबा का सहारा है दोस्तों – यारो ने मेरे वासते क्या कुछ नहीं किया-
सौ बार शुक्रिया अरे सौ बार शुक्रिया – बचपन तेरे साथ गुजारा है दोस्तों...
Posted on: Mar 23, 2017. Tags: OM PRAKASH SONG VICTIMS REGISTER
दीवानों यह बात ना पूछो, कैसे हम आज़ाद हुए....भगत सिंह शहादत दिवस पर गीत
भगत सिंह शहादत दिवस पर जनवादी गीत प्रस्तुत कर रहे हैं साथी विभाकर तिवारी:
दीवानों यह बात ना पूछो, कैसे हम आज़ाद हुए-
इन्कलाब के नारे देश में, चारो ओर ही गूंजे पड़े-
गोलियां खाकर गिर गए फिर भी, कारवां रूका नहीं-
कितने माँ की गोद उजड़ी, कितने घर बर्बाद हुए-
कुर्बानी से मिली आज़ादी, आज फिर खतरे में है-
मन्दिर-मस्जिद पर लड़ते है हम, अस्मत तो लुटती अब है-
वीरों के सपने है छूटते, माँ तो फिर रोती अब है-
आज़ादी फिर छिन न जाए, नौजवां तुम निकल पड़ो...
