शहर में अमन के लिए सारे धर्म के लोग मिलकर बाबा से दुआ मांगने हर साल चादर अजमेर भेजते हैं...

जिला-मुजफ्फरपुर, (बिहार) से जिला खाया चादर कमिटी के खलीफ़ा मोहम्मद रजी हैदर बता रहे हैं कि शहर में अमन और भाईचारे के लिए १९७८ में कमिटी कायम हुई तभी से सभी धर्मो के लोग मिलकर इस चादर को पुरानी गुजरी नकुलवा चौक से लेकर दर्शन हेतु शहर के मुख्य मार्गो से होकर पूरे शहर में भ्रमण करते है, फिर इसी चादर को ३० मार्च को कमिटी के संरक्षक बद्री ओझा के निवास स्थल से शहर के मुख्य मार्गो से होकर अजमेर शरीफ़ के लिए प्रस्थान करेगी, ३१ मार्च को प्रधान कार्यालय, पुरानी गुजरी नकुलवा चौक पर गरीब नवाज का प्रसाद वितरण, लंगर,भण्डारा उनके नाम से किया जायेगा शहर के सभी लोगो में यह वितरण किया जायेगा, शहर की अमन शान्ति के लिए बाबा से दुआ मांगते है. हैदर@9308571702

Posted on: Mar 24, 2017. Tags: Haidar Mohammad Razi SONG VICTIMS REGISTER

गधे की कहानी...

ग्राम-धीरी, तहसील-बैहर ,जिला-बालाघाट (मध्यप्रदेश) से जगदीश कुमार मरकाम कहानी सुना रहे है. एक व्यक्ति अपने बेटे के साथ गधा बेचने जा रहा था दोनों गधे के साथ पैदल चल रहे थे किसी ने कहा इनको देखो गधा साथ रहते हुए भी पैदल जा रहे है तभी एक और ने कहा आप में से एक इसमें बैठ क्यों नहीं जाते तब उन्होंने अपने बच्चे को गधे पर बैठा दिया आगे चलकर फिर से उ सलाह दिया जिस पर पिता कहने अनुसार खुद गधे पर बैठ गया और चलने लगे कुछ दूर चले ही थे की फिर से उन पर लोगो ने ताना मारा जिससे दोनों पिता-पुत्र गधे पर बैठ गए और चलने लगे कुछ दूर चलने पर पुन: यही घटना हुई और दोनों ने गधे को अपने उपर उठाकर चलने लगे जिस पर लोग उन पर हसने लगे जिसकी आवाज सुनकर गधा डर गया और पैर मारने लगा जिससे रस्सी टूट गई और वही पर नदी मे गिर कर मर गया इसलिए कहा जाता है की हमेशा अपने विवेक से किसी भी काम को करना चाहिए बेकार की बातो में ध्यान नहीं देना चाहिए।

Posted on: Mar 24, 2017. Tags: JAGDISH KUMAR MARKAM SONG VICTIMS REGISTER

गोंडी गीतों के प्रकार: गोंगो पाटा, पुनेम पाटा, पनगु पाटा, नेल पाटा, रेला पाटा, जोहरा पाटा, दूर्वा पाट

जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से उत्तम अटाला गोंडी भाषा में गोंडी गीतों के प्रकार के बारे में जानकारी दे रहे है| गोंगो पाटा- देवगीत है- इस गीत को जब फरसा पेन, भीमल पेन, नारान पेन, की पूजा करते है तब गाया जाता है| पुनेम पाटा- पुनेम गीत- जब जंगो लिंगो, सगा पेन, भूमकाल की पूजा करते है तब गाया जाता है| पनगु पाटा-जिसको पडवार गीत भी कहते है| इस गीत को त्यौहार के समय में गाया जाता है| नेल पाटा- नेल गीत- इस गीत को जब सामूहिक रूप से मिलकर कोई काम करते है तब गाया जाता है| रेला पाटा- शादी गीत- इस गीत को शादी के समय में युवक-युवतियों द्वारा गाया जाता है| इसके अलावा और गीत हैं जोहरा पाटा, दूर्वा पाटा,, सिमगा पाटा, मंडार पाटा, करसाड पाटा आदि । उत्तम@9479003193

Posted on: Mar 24, 2017. Tags: SONG UTTAM ATALA VICTIMS REGISTER

हम इस गाँव में 50 सालों से रह रहे हैं पर अब तक कोई सड़क नहीं बनी, मांग करते-करते थक गए...

ग्राम-टीकर, तहसील-हुज़ूर, जिला-रीवा, (मध्यप्रदेश) से आनन्द कुमार कुशवाह बता रहे हैं कि हमारे गाँव के वार्ड क्रमांक 20 में जाने के लिए कोई सड़क नहीं है, गाँव में आने के लिए एक तरफ नहर है और दूसरी तरफ बांध तो आवागमन में बहुत समस्या होती है इस समस्या को लेकर ग्राम सभा में प्रस्ताव भी रखा और जनपद में भी रखा | बांध और नहर के बीच रास्ता होने के कारण कई लोगो की मौत भी हो चुकी है फिर भी कोई ध्यान नहीं दे रहे है इसलिए सीजीनेट के साथियों से मदद की अपील कर रहे है. गाँव में लोग 50 से अधिक सालों से बसे हैं पर कोई भी मदद नहीं करता कृपया कलेक्टर@9425903973 को फोन कर दबाव डालें। आनंद@8517882389

Posted on: Mar 24, 2017. Tags: ANAND KUMAR KUSHVAH SONG VICTIMS REGISTER

झोला छाप डॉक्टरों पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पाबन्दी लगाने के फैसले पर पुनर्विचार का अनुरोध...

जिला-रायपुर (छत्तीसगढ़) से भागीरथी वर्मा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा झोला छाप डॉक्टरों पर रोक लगाए जाने के निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध कर रहे हैं. वे कह रहे हैं बड़े-बड़े डॉक्टर मोटी फ़ीस लेकर लोगो का इलाज़ करते है कभी गाँव में भ्रमण नही करते. ग्रामीण लोगो को दूर दराज़ से शहर आना पड़ता है जिससे लोगो को आर्थिक हानि भी होती है. झोला लेकर घूमने वाले डॉक्टर ही गाँव की जनता के काम आते है जो गाँव-गाँव झोला लेकर कम पैसे में इलाज़ करते है. वे आरोप लगा रहे हैं कि इस फैसले के पीछे व्यापारी डाक्टरों की लाबी का हाथ है जिनका गाँव के गरीबों से कोई वास्ता नहीं है. माननीय सर्वोच्य न्यायलय को फैसले पर पुनर्विचार कर पाबन्दी हटाना चाहिए. वर्मा@9039142049,

Posted on: Mar 24, 2017. Tags: BHAGIRATHI VARMA SONG VICTIMS REGISTER

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