वो साथ है वो साथी है...गीत-
सीजीनेट श्रोता भीम प्रसाद (उत्तरप्रदेश) से एक गीत सुना रहे हैं:
वो साथ है वो साथी है-
साथ मेरा खुदा-
छोड़ना मुझको अकेला कभी-
रहता है मेरे दिल के करीब-
कुछ कमी हो नहीं सकती-
उसके दूतो का पहरा है-
हर जरुरत को पूरा जो करता...
Posted on: Feb 01, 2021. Tags: BHIM PRASAD SONG UP
मोरो नागरिहा आवत होही ओ...छत्तीसगढ़ी गीत
राजनांदगाँव, छत्तीसगढ़ से जया मुंडे एक गीत सुना रही हैं:
कोठा म पैरा डालेच नई हंव-
आगी घलो बारेच नई हंव-
का कईहो आंव गोठियावय नहीं-
आज मोरो बात आवय नहीं-
होगे नागर ढीले के बेरा जवारा-
मोरो नागरिहा आवत होही ओ...
Posted on: Feb 01, 2021. Tags: CG JAYA MUNDE RAJNANDGAON SONG
जैसा मैंने सोचा था...गीत-
ग्राम-भोजपुर, तहसील-सारंगगढ़, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से घासीदास महंत गीत सुना रहे हैं:
चाँद सी महबूबा हो मेरी-
कब ऐसा मैंने सोचा था-
हाँ तुम बिलकुल वैसी हो-
जैसा मैंने सोचा था-
न कसमे हैं न रसमे हैं-
न सिकवे है न वादे है...
Posted on: Feb 01, 2021. Tags: CG GHASIDAS MAHANT RAIGARH SONG
पीड़ितों का रजिस्टर: बिना कारण ही मेरे पति को पुलिस ने जेल में बंद कर दिया था...
ग्राम-सोडे, ब्लाक-अन्तःगढ़,जिला-कांकेर, (छत्तीसगढ़) से पार्वती पति बैशाखू राम बता रहे हैं कि उनके पति को पुलिस ने बिना कारण ही 2 साल तक जेल में बंद करके रखा था पति के जेल जाने के बाद उनके घर के हालात ठीक नही था, खेती-बाड़ी, बच्चों के पढाई सभी नही हो रहे थे, गाँव के लोगों से मदद मांगकर खेती करवाते थे| गरीबी और बढ़ रही थी, उनको जेल से निकालने में बहुत पैसे खर्च हुए| इस समय घर के लिए सरकार भी कोई मदद नही कर रही थी| अब उनके पास राशन कार्ड है जिससे वे खाने के चावल सोसायटी मिल जाता है| वे अपने गाँव में मजदूरी करके अपना जीवन गुजार रहे हैं | सम्पर्क नम्बर@7587145102.
Posted on: Feb 01, 2021. Tags: ANTAHGARH CG KANKER POLICE SONG VICTIMS REGISTER VICTIM REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: मेरे ससुर और देवर को नक्सली जान से मार दिए हैं, हम डर से बीजापुर में रह रहे हैं...
जेलवाडा शिवर बीजापुरम जिला-बीजापुर( छत्तीसगढ़) से बुदरी बाई बता रहे हैं कि उनके देवर और ससुर को नक्सलियों ने बिना कारण ही जंगल में ले जा के उन्हें जान से मार दिए और उनके मृत शरीर को गाँव में लाकर रख दिए और उसमे आईडी लगा दिए| ताकि परिवार के कोई भी सदस्य इनके पास आये और वह भी खत्म हो जाए| यह घटना सन 2007 में हुआ| तब से वे नक्सलियों के डर से परिवार सहित बीजापुर शिविर में आके रह रहे हैं| सरकार ने उन्हें कुछ मदद राशि दिया है| यहाँ ये परिवार दैनिक मजदूरी करके अपना जीवन चला रहे हैं| ये सरकार से मदद की मांग करते हैं, कि उन्हें कोई सरकारी दैनिक रोजगार मिल जाए तो वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सके|
