राजाओं का राजा है, वो प्रभुओं का प्रभु है... भक्ति गीत -
ग्राम-छोटे सिबद, जिला-जांजगीर चाम्पा (छत्तीसगढ़) से शशिकान्त कुर्रे एक भक्ति गीत
सुना रहे है:-
राजाओं का राजा है, वो प्रभुओं का प्रभु है-
प्रभु इशु मशी, प्रभु इशु मशी-
राजाओं का राजा है, वो प्रभूओं का प्रभु है-
प्रभु इशु मशी, प्रभु इशु मशी...
Posted on: Apr 22, 2017. Tags: SASHIKANT KURRE SONG VICTIMS REGISTER
पृथ्वी दिवस: ऐसे ही छेड़खानी होती रही तो पृथ्वी से जीव जन्तु वनस्पति का खात्मा ही हो जायेगा...
पृथ्वी दिवस १९७० में पहली बार मनाया गया था, इसका उद्देश्य लोगो को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना था | पृथ्वी पर अक्सर उत्तरी ध्रुव पर कई किलोमीटर तक बर्फ पिघलने से सूर्य की पराबेगनी किरणों को रोकना वाली ओजोन परत में छेद होना सुनामी जैसे भयंकर प्राकृतिक आपदा होना इन सभी के लिए मनुष्य ही जिम्मेदार है, अगर ऐसे ही पृथ्वी के साथ छेड़खानी होती रही तो पृथ्वी से जीव जन्तु वनस्पति का खात्मा ही हो जायेगा | पृथ्वी दिवस मात्र मनाने का दिन नही है बल्कि यह दिन चिन्तन मनन का है कि कैसे प्राकृतिक आपदाओं से बचा जाए और पर्यावरण को कैसे बचाया जाए ताकि हम स्वस्थ रह सके तथा आने वाली पीढ़ी भी सुरक्षित रह सके. सुनील कुमार@9308571702
Posted on: Apr 22, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
धर्म तो एक ही सच्चा, जगत को प्यार देवें हम...प्रेम धर्म प्रार्थना-
मालीघाट, जिला-मुजफ्फपुर, (बिहार) से सुनील कुमार, एक प्रार्थना गीत सुना रहे है:-
धर्म तो एक ही सच्चा, जगत को प्यार देवें हम-
जगत में व जन जितने, जगत में दीन दलित जितने, उन्हें उपर उठाए हम-
धर्म तो एक ही सच्चा, जगत को प्यार देवें हम-
ना कोई विश्व में जिनका, दमन हो रहा जिनका-
उन्ही को शान्ति देवे हम, जगत को प्यार देवें हम-
धर्म तो एक ही सच्चा, जगत को प्यार देवें हम...
Posted on: Apr 22, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
सेवा ला कर भाई, धरती हमर माई...छत्तीसगढ़ी प्रकृति वन्दना गीत-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया छत्तीसगढ़ी में एक प्रकृति वन्दना गीत सुना रहे हैं :
सेवा ला कर भाई, धरती हमर माई-
चुन-चुन के धरती ला धूरा बनाई-
यही धरती मा अन्न उगाई-
ये धरती हमर माई-
धरती के अन्न बिया धरती मा डलाई...
Posted on: Apr 22, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
करो भाई वृक्ष की रखवाली वृक्ष की महिमा बड़ी निराली...वृक्षों पर कविता -
ग्राम-बहादुरपुरा, तहसील-सतवा, जिला-देवास (मध्यप्रदेश) से तारा सिंह अवयाम एक कविता सुना रही है :
करो भाई वृक्ष की रखवाली-
वृक्ष की महिमा बड़ी निराली-
पानी से बहती मृदा को रोके-
वृक्षों से निकालने वाले-
प्राणी को रोगी न ठोके-
देता है हमे जीने के लिए प्राण वायु-
रक्षा करेंगे जब तक रहेंगी हमारी आयु...
