स्वच्छता के अलख को...स्वच्छता गीत -

ग्राम-तेलंमा, पंचायत-भेजा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से राकेश कुमार पटेल स्वच्छता पर आधारित एक गीत सुना रहे है:
स्वच्छता के अलख को-
तुम भी जगा पाओगे-
खुद भी जाग जाओगे-
दूसरो को भी जगाओगे-
करके जरा देखो तो-
कितना मजा पाओगे-
स्वच्छता के अलख को...

Posted on: Jan 18, 2018. Tags: RAKESH KUMAR PATEL SONG VICTIMS REGISTER

सबको बेटा चाहिए तो बेटी कहां जायेगी...बेटियों पर कविता -

ग्राम-कुकदुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से राकेश कुमार मानिकपुरी बेटियों पर एक कविता सुना रहे है:
सबको बेटा चाहिए तो बेटी कहां जायेगी-
ये सोचकर कब तक हत्याएं करवाएगी-
दुनिया में जब एक दिन बेटियां न नजर आएगी-
तो आपके बेटो की बहु कहां से आएगी-
बेटे का सम्मान जगत में बेटी का सम्मान नही-
दुनिया वाले मुझे बता दो बेटी क्या संतान नही...

Posted on: Jan 17, 2018. Tags: RAKESH KUMAR MANIKPURI SONG VICTIMS REGISTER

हमारे गाँव से 5 किलोमीटर तक रोड बहुत खराब है, शिकायत करने पर कोई सुनते नही है...

ग्राम-खैरवाही, पंचायत-मयाना, ब्लाक-चारामा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से गुरुवंत कुमार नायक बता रहे है कि उनके गाँव में 5 किलोमीटर का रोड बहुत खराब है उसके कारण बरसात के दिनों में स्कूल के बच्चो और गाँव के लोगो को आने जाने में बहुत दिक्कत होता है| उसकी शिकायत उन्होंने ग्राम सुराज एवं सरपंच के पास आवेदन भी दिए थे उनके गाँव में 200 घर की बस्ती है और 1000 जनसंख्या है इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि इन अधिकारियों से बात करके रोड बनवाने में मदद करें: सरपंच@9406050750, C.E.O.9425228067. गुरुवंत कुमार नायक@7440492017.

Posted on: Jan 16, 2018. Tags: GURUVANT KUMAR NAYAK SONG VICTIMS REGISTER

बेहतरी की उम्मीद का पर्व, मकर संक्रांति...

निराशा में तिल–तिल आशा भरने के उल्लास का पर्व है मकर संक्रांति। हमारे वैदिक मान्यताओं में इसी दिन से सूर्य उत्तरायण में जाता है। हमारा पूरा जीवन बस इसी उम्मीद पर टिका होता है कि हमारा आने वाला कल आज से बेहतर होगा। यह बेहतरी की उम्मीद का पर्व है। इसीलिए यह महापर्व है। तिल प्रतीक है ‘सूक्ष्मता के बावजूद बेहद असरकारी होने का’। इसीलिए मकर संक्रांति के दिन तिल और गुड़ के दान का चलन है। इसके सेवन से हर प्रकार की बीमारी दूर होती है। आईए हम सब मिलकर तिल -तिल आशा का उल्लास जगाएं,ताकि वहां से एक नया सवेरा हो. सुनील कुमार@9308571702

Posted on: Jan 16, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

चुन-चुन करके चिड़िया तिनका, अपना नीड़ बनाती है...प्रेरक कविता -

जिला-बडवानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कविता “चलते रहो” सुना रहे है:
चुन-चुन करके चिड़िया तिनका, अपना नीड़ बनाती है-
नन्ही से चीटी को देखो, हरदम चलती जाती है-
मधुमक्खी ने कण-कण, -करके अपना छाता जोड़ा-
गिर-गिरकर भी ऊपर चढ़ना, मकड़ी ने कब छोड़ा-
घूम-घूम कर धरती कैसे दिन और रात बनाती-
लगा-लगा सूरज के चक्कर, सुंदर ऋतु लाती...

Posted on: Jan 15, 2018. Tags: SONG SURESH KUMAR VICTIMS REGISTER

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