मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती...देशभक्ति गीत -
ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनुपपुर (छत्तीसगढ़) से रेवालाल केवट एक देशभक्ति गीत सुना रहे है:
मेरे देश की धरती सोना उगले-उगले
हीरे मोती मेरे देश की धरती-
बैलों के गले में जब घुंघरू जीवन का राग सुनाते हैं-
ग़म कोस दूर हो जाता है खुशियों के कंवल मुस्काते हैं-
सुनके रहट की आवाज़ें यूँ लगे कहीं शहनाई बजे-
आते ही मस्त बहारों के दुल्हन की तरह हर खेत सजे-
मेरे देश की धरती सोना उगले-उगले हीरे मोती...
Posted on: Dec 13, 2017. Tags: REWALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
आज से मेरे सपने तेरे...साईं भजन गीत -
ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनुपपुर (छत्तीसगढ़) से रेवालाल केवट एक साईं भजन गीत सुना रहे है:
आज से मेरे सपने तेरे-
देखूं साईं तुझे शाम सबेरे-
चंचल मनवा तू न पहेरे-
जब तक तुम इतना कर दो-
रह सकता हूँ भूखा प्यासा-
आज से मेरे सपने तेरे...
Posted on: Dec 13, 2017. Tags: REWALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर: कोसा की खेती से किसान एक एकड़ में प्रति माह 20 हज़ार रू तक कमा सकते हैं...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज शहीद वीरनारायण श्रद्धांजलि मेला राजाराव पठार, जिला-बालोद (छत्तीसगढ़) में है वहां से बाबूलाल नेटी चोवाराम निषाद के साथ बात कर रहे हैं जो बता रहे है वे ग्राम-सददो, तहसील-तिल्दा जिला-रायपुर छत्तीसगढ़ के निवासी हैं वे रेशम का काम करते हैं रेशम के कीट को कौहे के पेड़ में पाला जाता है इसी से वे अपना जीवन यापन करते हैं दूसरी जगह नही जाना पड़ता है वे कह रहे हैं कोसा बहुत उपयोगी चीज है इससे चमकदार साड़ी और कई कपड़े बनते हैं एक एकड़ में 20 हजार रूपए तक मासिक कमा सकते हैं कोसे की खेती करने के लिए रेशम कार्यालय आमापारा रायपुर में इसका बीज प्राप्त कर सकते हैं | आप इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर इसे व्यवसाय के रूप में अपना सकते हैं
Posted on: Dec 12, 2017. Tags: BABULAL NETI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : नीम की पत्ती से बुखार का इलाज -
सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम पंचायत-कराठी, ब्लाक-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां बाबूलाल नेटी की मुलाक़ात ग्रामवासी सोमनाथ दुग्गा के सांथ हुई है वे उन्हें नीम की पत्ती से बुखार का इलाज बता रहे हैं वे बता रहे हैं नीम की पत्ती बहुत उपयोगी वस्तु है उसको पानी के साथ उबालकर खाली पेट में सुबह शाम लेने से बुखार में आराम मिल सकता है उनका सुझाव है कि बच्चे आधा गिलास और बड़े एक गिलास तीन दिन तक लगातार ले, सामान्य बुखार और मलेरियेया में भी इसका उपयोग कर सकते हैं इस तरह हमारे अधिकतर रोगों का इलाज़ हमारे आसपास पाए जाने वाले वनस्पतियों से मिल सकता है.अधिक जानकारी के लिए इस नंबर में संपर्क कर सकते हैं: सोमनाथ दुग्गा@9407975847.
Posted on: Dec 11, 2017. Tags: BABULAL NETI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर: किसान लाख छोटे व्यापारियों को बेचते हैं फिर हम उसे बड़े व्यापारियों को बेचते हैं...
दुर्गुकोंदल बाजार, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल केवट व्यापारी चेतराम जैन से चर्चा कर रहे है वे ग्राम-जातावडा, भानुप्रतापपुर के रहने वाले हैं, वे किसानी करते हैं और साथ में गल्ला का व्यापार भी करते हैं जिसमे वे लाख खरीदते हैं. लाख का उपज कुसुम, बेर, पीपल, पलसा के पेड़ो में होता है साल में दो बार इसकी कटाई होती है पहली कटाई जनवरी, फरवरी में होती है फरवरी में लाख के कीड़े निकलकर पेड़ की डालियों में चढ़ जाते हैं जिसे जून, जुलाई में काटी जाती है लाख को किसान लाते हैं और हम जैसे छोटे व्यापारियों के पास बेच देते हैं जिसे वे बड़े व्यापारियों को बेचते हैं यदि किसान स्व-सहायता समूह बनाएं तो बड़े व्यापारी उनके पास आ सकते हैं और उन्हें अधिक दाम मिल सकता है



