चला गौरी तोहका, बजरिया घुमाय दे...बघेली गीत
ग्राम-पाली, पोस्ट-जामुह, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से शिव कुमार द्विवेदी बघेलखंडी भाषा में एक गीत सुना रहे है :
चला गौरी तोहका, बजरिया घुमाय दे-
घुमत बनिना तो, घुमत बताई दे-
हार बनवाई दे, चेन दिलवाई दे-
पहिनत बनिना तो, पहिन के बताई दे-
चला गौरी तोहका, बजरिया घुमाय दे-
होटल देखाई दे, बजरिया घुमाय दे-
चुनरी देवाई दे, साड़ी देवाई दे...
Posted on: May 14, 2017. Tags: SHIVKUMAR DWIVEDI SONG VICTIMS REGISTER
ये खवाहूँ रे बड़ादेव दोना-दोना महुआ लाटा...पारंपरिक गीत
ग्राम-टांकी, पोस्ट-मलगा, तहसील-कोतमा, जिला-अनूपपुर (म.प्र.) से नरेश सिंह छत्तीसगढ़ी भाषा में एक पारम्परिक गीत सुना रहे हैं :
ये खवाहूँ रे बड़ा देव दोना-दोना महुआ लाटा-
भक्ति मोर ले-ले शक्ति तोर दे-दे हाथों मैंहौं छाटा-
मादर,टिमकी,गोदमा बड़ादेव नगारा बजाहौं – झुमर-झुमर,उचट-उचट बड़ादेव नाचा दिखाहौं-
दिखाऊ रे बड़ादेव कोया कोय्तूरण के नाचा-
सुआ,करमा,ददरिया बड़ादेव रीना सुनाहौं-
सरसेट्टी,लहकी,उचट्टा बड़ादेव में गाना सुनाहौं – कोया मुरीद में बड़ादेव नावला जगा दे मोर-
ज्ञान-बुद्धि के पिटारा ले बड़ादेव मन्त्र ला दे-दे तोर-
ये बनाहूँ रे बड़ादेव कोया कोयांतूरण के गाथा-
ये खवाहूँ रे बड़ादेव दोना-दोना महुआ लाटा...
Posted on: May 14, 2017. Tags: NARESH SINGH SONG VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : एड्स (एच आई वी) बीमारी की जानकारी -
ग्राम-उभेगाँव, जिला-छिंदवाडा (मध्यप्रदेश) से माला धुर्वे एड्स रोग और एच.आई.वी बीमारी के बारे में जानकरी दे रही है. कुदरत ने हमे रोगों से लड़ने के लिए एक प्रतिरोधक क्षमता दी हैं जैसे जब हमारे शरीर से खून का स्त्राव होने लगता है तो यह तुरंत पहुच कर उस रक्त के स्त्राव को बंद कर देती है लेकिन यदि किसी को एड्स है तो रक्त स्त्राव बंद होना मुश्किल हो जाता है क्योकि एड्स नामक रोग में ऐसा विषाणु होता है जो हमारे शरीर में उपस्थित प्रतिरोधक क्षमता को नष्ट करता है. यह अधिकतर गलत यौन सम्बन्ध, H.I.V. ग्रसित मरीज का इंजेक्शन किसी अन्य व्यक्ति के लगा देने पर, चुम्बन से बहने वाले लार आदि से फैलता है इसलिए हमें असुरक्षित यौन सम्बन्ध बनाने से बचना चाहिए। माला धुर्वे@8719877544
Posted on: May 14, 2017. Tags: MALA DHURVE SONG VICTIMS REGISTER
सुख का सूरज यहाँ नही ढलता है, जिन्दगी को सुकून यहाँ मिलता है...गीत -
ग्राम-गोविन्दपुर, पोस्ट-तेजपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से अरविन्द कुमार यादव एक गीत सुना रहे है :
सुख का सूरज यहाँ नही ढलता है, जिन्दगी को सुकून यहाँ मिलता है-
माँ के आँचल की ठण्डी छाया है, पिता के प्यार का सर पे साया है-
थाम कर हाथ चलना सिखाया हमें, प्यार की थपकियों से सुलाया हमें-
यहाँ आसान नही चुकाना इनको हम पर, जो क़र्ज़ है-
माता पिता के चरणों में स्वर्ग है, माता-पिता के चरणों में स्वर्ग है...
Posted on: May 14, 2017. Tags: ARVIND KUMAR YADAV SONG VICTIMS REGISTER
ये बिकते हैं वो बिकते हैं,तक्षक के कमान बिक जाते हैं...कविता -
ग्राम-रजवाड़ा, थाना-साहेबगंज, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से विजय प्रकाश लोकप्रिय एक स्वरचित कविता सुना रहे हैं :
ये बिकते हैं वो बिकते हैं,तक्षक के कमान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते पूरे हिंदुस्तान बिक जाते हैं-
आन बिकते हैं मन बिकते हैं मानव का सम्मान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते यहाँ तो इंसान बिक जाते हैं-
मंदिर बिकते हैं,मस्जिद बिकते हैं, उसमे स्थित भगवान् बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते साधू,भगवान बिक जाते हैं-
प्राण बिकते हैं निशान बिकते है किसी गरीबों का कत्लेआम बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते मानवता का प्रमाण बिक जाते हैं-
शान बिकते हैं सम्मान बिकते है,बेचने वाले क्या नहीं बेचते-
इंसानियत का फरमान बिक जाते हैं-
धन बिकते हैं तन बिकते हैं सोने का खान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते देश का आर्थिक लगान बिक जाते हैं-
अमीन बिकते हैं,जमीन बिकते हैं,खया की गिरेबान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते गरीबों का दालान बिक जाते हैं-
मन बिकते हैं,तन बिकते हैं ,गरीबों का शरन बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते धोबी का चाँद बिक जाते हैं-
मांग बिकते हैं समांग बिकते हैं राजगद्दी का टांग बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचते जनता का अरमान बिक जाते हैं-
ये बिकते हैं वो बिकते हैं,गद्दारों के ईमान बिक जाते हैं-
बेचने वाले क्या नहीं बेचतेहैवानो से हिंदुस्तान बिक जाते हैं-
