आओ रे आवो रे ये मेरे देवता गोंडवाना के देव...गोडवाना गीत
ग्राम-देवरी जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक गोंडवाना गीत सुना रहे हैं :
आओ रे आवो रे ये मेरे देवता गोंडवाना के देव-
जागो रे जागो मेरे देवता खबर हमारी लेव-
साल साज के बड़े देवता सुमिरो दुनिया बनावन हार-
देव धरम के देव दान गुरु-गुरु सुमिरो कोय धरम चलाये-
सिंगार बीत के शम्भु के सुमिरो कोया वंश चलाये-
काली कंकाली दाई के सुमिरो संकट हो जा सहाय...
Posted on: May 21, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
हाँसत गावत जीयत जावौ, पालव नहीं झमेला...छत्तीसगढ़ी गीत-
ब्लाक-मोहला मानपुर, जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र कोरेटी छत्तीसगढ़ी बोली में एक गीत सुना रहे है :
हाँसत गावत जीयत जावौ, पालव नहीं झमेला-
छोड़ जगत के मेला–ठेला, पंछी उड़े अकेला-
बड़े-बड़े मनखे मन आइन, पाइस कोन ठिकाना-
चार घड़ी के रिंगी चिंगी, तेखर बाद रवाना-
जइसन जेखर करम रहे वो, तइसन नाम कमाये-
पूजे जाये कोन्हों मनखे, कोन्हों गारी खाये-
कोन इहाँ का लेके आइस, लेगिस कोन खजाना-
जुच्छा आना सुक्खा जाना, का सेती इतराना-
माटी मा माटी मिलना हे, इही सत्य हे भाई-
बिधुना के आगू मनखे के, चलै नहीं चतराई-
कोट-कछेरी पाप-पुन्न के, माँगै नहीं गवाही-
बने करम के बाँध मोठरी, इही संग मा जाही...
Posted on: May 21, 2017. Tags: RAJENDRA KORETI SONG VICTIMS REGISTER
बीज बचाओ, कृषि बचाओ यात्रा के दौरान एक बैठक में 56 प्रकार के बीजों के बारे में जानकारी मिली...
मध्यप्रदेश जैव विविधता बोर्ड द्वारा किये जा रहे बीज बचाओ, कृषि बचाओ यात्रा से जगदीश के साथ आज यात्रा के अनूपपुर जिला सयोंजक ओंमकार सिंह हैं जो बता रहे है कि कल जिले के ग्राम बिजरी में यात्रा की चौपाल लगाई गई जिसमे 56 प्रकार के देशी बीजो के बारे में जानकारी मिली जो विलुप्ति की कगार पर है. लोगो को प्रेरित किया जा रहा है कि वे इन बीजॉ को एकत्रित कर बीज बैंक बनाएं और इसके बाद बोर्ड द्वारा लोगो को यह बीज निशुल्क वितरण किया जायेगा यात्रा 35 जिलों में जाएगी और यात्रा का समापन 27 जून को भोपाल में किया जायेगा जहां यात्रा से प्राप्त जानकारी साझा की जाएगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी। जगदीश@7697448583
Posted on: May 21, 2017. Tags: JAGDISH SONG VICTIMS REGISTER
मत काट इन वृक्षों को इन्ही में तो ईमान बाकी है...पेड़ो पर कविता -
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से गोपाल प्रसाद गुप्ता पेड़ों पर एक कविता सुना रहे हैं :
मत काट इन वृक्षों को इन्ही में तो ईमान बाकि है-
हम जिन्दा हैं अब तक इन्ही से तो हमारी शान बाकि है-
जो देता है उसे ही मिटाते हैं-
परोपकारी है उसे ही जलाते हैं-
करता है जो जग की भलाई उसे ही काट रहे हो-
सच्चाई और भलाई का मिटने में-
ए बेईमान इंसानों में आज भी बाकि है-
पत्थर खाकर भी फल हमें खिलाते है-
कटकर भी हमारा आशियाना बनाते हैं-
श्रष्टि को चलाने का भार हैं इन पर-
अपना कर्तब्य ये बखूबी निभाते हैं-
ये हमारे जन्मों-जन्मों के साथी हैं-
हम काट रहे अपने सासों को-
भविष्य को अन्धकार कर रहे-
अपने आने वाले बच्चो के मौत-
का इंतजाम हम कर रहे-
हसी-ठिठोली और बुराई में पल गुजार रहे हो-
मान जा हमसे हो रही गलती क्योकि-
तख्ता-ताराज के लिए तूफ़ान आज भी बाकी है...
Posted on: May 21, 2017. Tags: GOPAL PRASAD GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
आरती हो रही रे बुढा देव सतरंगी ध्वजा लहराए...गोंडवाना भक्ति गीत-
ग्राम-देवरी, पोस्ट-चंदोरा, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक गोंडवाना भक्ति गीत सुना रहे हैं :
आरती हो रही रे बुढा देव सतरंगी ध्वजा लहराए-
सुमरनी हो रही रे बुढा देव सतरंगी ध्वजा लहराए-
कोन माढावे तोर ठाना कौन पूजन हारे-
कोन करत है तोर सुमरनी कोन गुण गावे-
साज मडा तेरो ठाना कोयतोर पूजन हार-
लिंगो करत है तोरी आरती कोयतोर पूजन हार...

