बेटी हूँ मैं बेटी तारा बनूँगी, तारा बनूँगी मैं सहारा बनूँगी...बेटियों पर गीत
ग्राम-पनेड़ा, विकासखंड-गीदम, जिला-दंतेवाडा (छत्तीसगढ़) से राजकुमारी कोडयाम बेटियों पर एक गीत सुना रही है:
बेटी हूँ मैं बेटी तारा बनूँगी, तारा बनूँगी मैं सहारा बनूँगी-
गगन पे चमके चंदा मैं जब तक चमकुंगी-
जब तक चमकुंगी मैं उजियाला लाऊंगी-
पढूंगी लिखूंगी मैं मेहनत भी करुँगी-
अपने पाँव से चलकर मैं दुनिया को देखूंगी-
दुनिया को देखूंगी मैं दुनिया को समझूंगी-
बेटी हूँ मैं बेटी तारा बनूँगी, तारा बनूँगी मैं सहारा बनूँगी...
Posted on: Oct 25, 2017. Tags: RAJKUMARI KODIYAM DANTEWADA SONG VICTIMS REGISTER
न छुरी रखता हूँ न पिस्तौल रखता हूँ...बस्तर की कविता-
ग्राम-गामावाडा, जिला-दंतेवाडा (छत्तीसगढ़) से सोनार कुमार भास्कर बस्तर के ऊपर आधारित एक कविता सुना रहे है:
न छुरी रखता हूँ न पिस्तौल रखता हूँ-
बस्तर का एक बेटा हूँ दिल में जिगर रखता हूँ-
इसलिए हमेशा अकेले ही निकलता हूँ-
बंगले गाड़ी तो बस्तर के घर-घर की कहानी है-
तभी तो सारी दुनिया बस्तर की दीवानी है-
अरे मिट गए बस्तर को मिटाने वाले-
क्योंकि आगे तपती बस्तर की जवानी है-
ये आवाज नहीं ये शेर की दाहाड़ है-
हम तो पहाड़ है इसलिए इतिहास के वो सुनेहरा पत्ते है-
जो भगवान् ने ही चुने है-
दिलदार और दमदार है बस्तर-
रणभूमि में तेज तलवार है बस्तर-
पता नहीं कितनो की जान है बस्तर-
सच्चे प्यार पर कुर्बान है बस्तर-
यारी करे तो यारो के यार है बस्तर-
तभी तो दुनिया कहती है-
बाप रे खतरनाक है बस्तर-
शेरो के बच्चे शेर ही जाने जाते है-
लाखो के बीच बस्तरवासी ही पहचान बने जाते है...
Posted on: Oct 22, 2017. Tags: SONAR KUMAR BHASKAR DANTEWADA SONG VICTIMS REGISTER
अरे मुसाफिर प्रेमनगर मत जाना...गीत
ग्राम-सरईमाल, जिला-डिन्डोरी (म.प्र.) से संतोष कुमार अहिरवार एक गीत सुना रहे है:
अरे मुसाफिर प्रेमनगर मत जाना-
मुसाफिर प्रेमनगर मत जाना-
प्रेमनगर के जी पन्त कठिन है-
अरे तीनो लोक बुलाना मुसाफिर – आ प्रेम नगर के हो परम नदियाँ है गहरी-
अरे तीनो लोक डुबाना मुसाफिर-
हो प्रेम नगर मत जाना...
Posted on: Oct 18, 2017. Tags: SANTOSH KUMAR AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
हाथी गाजा दा सहना भाई नारी चंद समान...गीत
ग्राम-सरईमाल, विकासखंड-समनापुर, जिला-डिंडौरी, (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार अहिरवार एक गीत सुना रहे हैं:
हाथी गाजा दा सहना भाई नारी चंद्र समान-
कोई न बचे समय से समय बड़ा बलवान – पलट के देख पुराना जी समय बाड़ा बलवाना-
वीर धुरंधर के मै सुनो सुनात हूँ बात-
कर तल तीर कमान लुटा गए एक भिलनी के हांथ-
ये वही अर्जुन वही बना जी समय बड़ा बलवाना...
Posted on: Oct 16, 2017. Tags: SANTOSH KUMAR AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
चाहे जितना चाहे भीगो पहली पड़ी फुहार है...कविता -
ग्राम-पाली, पोस्ट-जामु, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से शिवकुमार द्विवेदी एक कविता सुना रहे हैं:
चाहे जितना भीगो पहली पड़ी फुहार है-
बड़े दूर से थके-थके ये प्यारे बदल आये है-
झूम उठेगी सारी दुनिया इतनी मस्ती लाये है-
कभी नगाड़े से बजती है कभी चमकती है बिजली-
गोरी-गोरी नदियों में जब देय चमकती है उजड़ी-
जहाँ-जहाँ तक नजरे जाती पानी का संसार है...
