मेरा बन्ना आयो रे शीशे की मोटर कार से...बघेली बन्ना गीत -

जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से फूल कुमारी तिवारी बघेलखंडी भाषा में एक बन्ना गीत सुना रही हैं यह गीत विवाह के समय गाया जाता है :
मेरा बन्ना आयो रे शीशे की मोटर कार से-
बीच बजरिया में मिल गई बन्नी कहाँ चली तू गोरी-
मै मिलने आयी रे पापा की चोरी-चोरी-
बीच बजरिया में मिल बन्नी कहाँ चली तू गोरी-
मै मिलने आयी रे चाचा की चोरी-चोरी-
बीच बजरिया में मिल बन्नी कहाँ चली...

Posted on: May 24, 2017. Tags: PHOOL KUMARI TIWARI SONG VICTIMS REGISTER

एक दीपक जलाए नए साल में, आवो सबको पढाए नए साल में...शिक्षा गीत -

ग्राम-नागाटोली, जिला-रोहतास, (बिहार) से हेमन्दरी कुमारी, एक शिक्षा गीत सुना रही है:
एक दीपक जलाए नए साल में, आवो सबको पढाए नए साल में-
देखो अनपढ़ रहे हम बहुत दिनों तक, कोई अनपढ़ रहे ना नए साल में-
एक दीपक जलाए नए साल में, आवों सबको पढाए नए साल में-
जो की शिक्षा की जग मग, करे हर तरफ-
आवों सबको पढाए, नए साल में-
सबको रोटी मिले, सबको कपड़ा मिले-
हम सभी पड़ने जाए, नए साल में...

Posted on: Apr 25, 2017. Tags: HEMNDRI KUMARI SONG VICTIMS REGISTER

मेरे पापा, मेरे पापा...गीत

पटेल नगर, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से कंचन कुमारी,चंचल कुमारी एक गीत सुना रही है:
मेरी कमी आसमा मेरे पापा-
मै हूँ जहा है वहां, मेरे पापा, मेरे पापा-
तुम साँसों के पास रहो, शामो शहर मेरे पास रहो-
जहा मेरे आसूं ही भले, वही मुझे हंस के मिले-
रूठूँ जो मै तुमसे, इतना डरते हो-
मेरे लिए किस्मत से, जीवन साथी हो-
मेरे पापा, मेरे पापा...

Posted on: Mar 28, 2017. Tags: KACHAN KUMARI SONG VICTIMS REGISTER

गोदिया तबाही कर गइले बियाह रे विदेशिया...

अनीता कुमारी मुजफ्फरपुर बिहार से भिखारी ठाकुर का एक विदेशिया गीत गा रही है:
हम ता खेलत राहिली अम्मा जी
गोदिया तबाही कर गइले बियाह रे विदेशिया-
हे सजनी हे हे सजनी हे हे सजनी-
पिया गइले विदेशवा हे सजनी-
गोडवा में जूता नइखे हथवा में छता-
हे सजनी कैसी अकेली राहतव हे सजनी-
हमारा सोहात नाइके कउनो अरमनवा-
वोहवा चबात होहिहैं पनवा-
हे सजनी हे हे सजनी हे हे सजनी-
रहिया तकत बीतल जाला मोरी उमरिया-
हे सजनी हे हे सजनी हे हे सजनी...

Posted on: Feb 21, 2017. Tags: Anita Kumari

खाने को मुंह एक है दो-दो हाथ कमाने को...कविता

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से ख़ुशी कुमारी एक कविता सुना रही हैं:
खाने को मुंह एक है दो-दो हाथ कमाने को-
किसी के आगे फिर न जाए हम झोली फ़ैलाने को-
रूप बदल देंगे मेहनत से उजड़े रेगिस्तानो का-
करने को निर्माण चला है पत्थर वीर जवानो का-
लाख-लाख गाँव वाले हिन्दुस्तान किसानो का-
करने को निर्माण चला है पत्थर वीर जवानो का...

Posted on: Feb 19, 2017. Tags: KHUSHI KUMARI SONG VICTIMS REGISTER

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