आओ कोरोना को जड़ से मिटा लो रे...गीत-
ग्राम-महरोनी, जिला-ललितपुर (उत्तर प्रदेश) से वैद्य हितेंद्र सिंह राय एक गीत सुना रहे हैं:
दीप जलाने प्यार बढ़ाने एक यज्ञ का पर्व आया है-
आओ जीवन को धन्य बना लो रे-
आओ कोरोना को जड़ से मिटा लो रे-
पवन हिमालय से धीमे धीमे आये-
अनुदान अनमोल पा लो रे-
कोरोना को जड़ से मिटा लो रे...
Posted on: Apr 05, 2020. Tags: CORONA HITENDRA SINGH SONG UP VICTIMS REGISTER
गाँव में स्कूल नही होने के कारण, छोटे-छोटे बच्चे परेशानिया झेल रहे है... कृपया मदद करे-
के एम् भाई ग्राम मक्कापुरवा, पंचायत-गारब, ब्लाक-मैथा, जिला-कानपूर (उतरप्रदेश) से सीमा बता रही है स्कूल की समस्या जो गाँव के बच्चें पढाई करने के लिए बहुत ही दूर जाना पढता है आजादी के 75 साल बाद भी इस गाँव में अभी तक स्कूल बनाने का स्वीकृति नही किये जिसे लोगो को परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है |बताया जा रहा है कई ऐसे समस्याएं है यह पर जो सरकार अनदेखा कर रहे है| इसलिए सीजीनेट स्वर सुनने वाले साथियों को मदद की अपील कर रहे है. DM@9454417553. CDO@9454465006. SDM@9454416411.
Posted on: Sep 21, 2019. Tags: KANPUR KM BHAI SONG UP VICTIMS REGISTER
हे दहेज़ के ठेकेदारों तुम्हे अकल कब आइ गी...दहेज़ प्रताड़ना गीत-
महेंद्र प्रताप ग्राम-आनापुर, मझगवा, थाना-महराजगंज, जिला-जौनपुर (उतरप्रदेश) से गीत सुना रहे हैं :
हे दहेज़ के ठेकेदारों तुम्हे अकल कब आयेगी-
हे दहेज़ के बीमारी भारत से किस दिन जायेगी-
अर्थी चढ़ी है हर कन्या पे बैठ न पावे डोली पे-
लाखों घर बर्बाद होंगे इस दहेज़ के होली में-
गरीब के बेटी अंगारों में जलती-
हाथों में नही चूडियाँ मेंहेदी को तरसती-
आज हजारों कन्याओं को आग में जलते देखा हूँ-
आज हजारो अबलाओं को रेल से कटते देखा हूँ...
Posted on: Sep 18, 2019. Tags: JAUNPUR MAHENDRA PRATAP SONG UP VICTIMS REGISTER
ज़ज्बे और जूनून का रंग वो, हर मोड़ हर राह के संग वो...कविता-
कानपुर (उत्तर प्रदेश) से के एम भाई मजदूर दिवस के अवसर पर एक कविता सुना रहे हैं :
ज़ज्बे और जूनून का रंग वो-
हर मोड़ हर राह के संग वो-
इंसानी भावनाओ का रूप वो-
हर दिल की खुशी का स्वरुप वो-
खुले असमा का सितारा वो-
हर आंख का खूबसूरत नजारा वो-
साहस और संघर्ष का नारा ओ...
Posted on: May 01, 2019. Tags: KANPUR KM BHAI POEM SONG UP VICTIMS REGISTER
किसी भी काम को लगन से करना चाहिये, बार-बार बदलना नहीं चाहिये...कहानी-
एक आदमी पानी के लिये यहां वहां भटक रहा था| उसे कहीं पानी नहीं मिल रहा था| पानी के लिये दूर जाना पड़ता था| वह एक आदमी से बोला हमें पानी के लिये बहुत दूर जाना पड़ता है| क्या करें ? जवाब मिला अपने जमीन में कुआ खोदो पानी मिल जायेगा| उसने वैसा ही किया| लेकिन फायदा नहीं हुआ| फिर उसने दूसरी जगह कुआ खोदा| वहां भी पानी नहीं मिला| ऐसे करते हुए, उसने 10 कुँए खोद डाले | लेकिन पानी नहीं मिला| वह फिर उसी आदमी से मिला, और बताया पानी कहीं नहीं मिला| आदमी बोला चलो दिखाओ कहां खोदे हो| उसने दिखाया तो पता चला| सभी कुँए छोटे-छोटे थे| उसने कहां जितना मेहनत और समय 10 कुँए में किये हो, उतना एक में करते तो पानी मिल जाता|
