बहुत बढ़ी महंगाई साहब, बहुत बढ़ी महंगाई...बघेली कविता
ग्राम-डभौरा, जिला-रीवा (म.प्र.) से अरुण प्रताप सिंह के साथ एक बालक रोहना प्रसाद सिंह हैं जो एक बघेली कविता सुना रहा हैं:
बहुत बढ़ी महंगाई साहब,बहुत बढ़ी महंगाई-
तेल बिना भय सुनी कढाई कैसे कय लागे चोउका-
इतनी महँगी गैस न बरइ दुलई छुला दोउका-
दार खाए का सब्जी मनई रोज घुलाती सोती
बहुत बढ़ी महंगाई साहब...
Posted on: Jun 01, 2017. Tags: Arun Pratap Singh SONG VICTIMS REGISTER
घो घो रानी ,घो घो रानी...बाल खेल गीत
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक खेल गीत सुना रहे हैं:
घो घो रानी, घो घो रानी-
कितना भर पानी कितना भर पानी-
घो घो रानी, घो घो रानी-
घुट्टी भर पानी, घुट्टी भर पानी-
घो घो रानी घो घो रानी-
कितना भर पानी कितना भर पानी-
घो घो रानी घो घो रानी-
ठेहुना भर पानी ठेहुना भर पानी-
घो घो रानी घो घो रानी-
कितना भर पानी कितना भर पानी-
घो घो रानी घो घो रानी-
डाँर भर पानी डाँर भर पानी-
घो घो रानी घो घो रानी-
कितना भर पानी कितना भर पानी-
घो घो रानी घो घो रानी-
गर्दन भर पानी गर्दन भर पानी...
Posted on: Jun 01, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
जय हो नरबदा मैया, जय हो नरबदा हो...नर्मदा नदी पर गीत
ग्राम मनौरा, पोस्ट खुरर्सी, थाना जैतहरी, जिला अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से राजेंद्र छत्तीसगढ़ी बोली में नर्मदा नदी पर एक गीत सुना रहे हैं-
जय हो नरबदा मैया, जय हो नरबदा हो-
अमरकंटक तीर्थ चारों धाम हो माँ, मैया अमरकंटक तीर्थ चारों धाम हो माँ-
महाशिवरात्रि को मैया, बैसाख पुर्णि को हो,लगे हवे मेला के भीड़ हो माँ-
जय हो नरबदा मैया, जय हो नरबदा हो...
Posted on: Jun 01, 2017. Tags: RAJENDRA ANUPPUR SONG VICTIMS REGISTER
तुम्हारे शहर का मौसम बड़ा सुहाना लगे...गजल
ग्राम-भेडाघाट, जिला-जबलपुर (मध्यप्रदेश) से सतीश कुमार एक ग़जल सुना रहे है :
तुम्हारे शहर का मौसम बड़ा सुहाना लगे-
तुम्हारे बस में अगर हो तो, मुझे भूल भी जा-
खुदा के पास जो मालिक हो, बात वा ना लगे-
मै एक शाम चुरा लू, अगर बुरा न लगे-
तुम्हारे शहर का मौसम बड़ा, सुहाना लगे...
Posted on: May 30, 2017. Tags: SATISH KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
आशा का दीप हर दम, मन में जलाए रखना...कविता -
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार युवा कवि श्रवण कुमार की एक कविता सुना रहे है :
आशा का दीप हर दम, मन में जलाए रखना-
बदलेगा फिर जमाना, हिम्मत बनाए रखना-
तूफ़ान क्या दरिया क्या, दीवार या पर्वत क्या-
बस अपने इरादों को, पत्थर बनाए रखना-
जब मौत हक़ीकत है, जब मौत है सच्चाई-
फिर मौत से क्या डरना, क्यों सर झुकाए रखना...
