कहां पईबू सुरुज दुलरवा..गीत-
रामगढ़ (झारखंड) से जगेश कुमार महतो एक गीत सुना रहे हैं, जिसके बोल है ” कहां पईबू सुरुज दुलरवा” अपने गीत संदेश को रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं| (AR)
Posted on: Feb 12, 2021. Tags: SONG
मोर भारत माँ के माटी...छत्तीसगढ़ी लोक गीत-
जिला-जांजगीर चापा (छत्तीसगढ़) से लक्ष्मी नारायण माली छत्तीसगढ़ी लोक गीत
सुना रहें हैं:
मोर भारत माँ के माटी-
जेकर बजर हवय छाती-
जे ला कते गा भैया-
छत्तीसगढ़ महतारी-
जेला कते ओ दीदी-
छत्तीसगढ़ महतारी...(RM)
Posted on: Feb 12, 2021. Tags: CG SONG
बुद्धिमान यात्री- एक बार एक यात्री जंगल से गुजर रहा था...कहानी-
(मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार बड़वानी कहानी सुना रहे है:
बुद्धिमान यात्री- एक बार एक यात्री जंगल से गुजर रहा था |गर्मी बहुत अधिक थी उसने प्यास महसूस की वह पानी की तलाश की परन्तु असफल रहा |अंत में वह एक नारियल के पेड़ के नीचे आया पेड़ पर बहुत से नारियल लटक रहे थे |वे इतने ऊँचे थे की यात्री उन तक नहीं पहुच रहा था और वह पेड़ पे चढ़ने में असमर्थ था |पेड़ पर कुछ बन्दर थे | यात्री बहुत बुद्धिमान था| उसने एक तरकीब सोची और वह बंदरो को कुछ पत्थर फेका| बन्दर बहुत नाराज हुए और कुछ नारियल तोड़कर यात्री की तरफ फेके| यात्री ने नारियल फोड़े और उसका पानी पिया| इस प्रकार उसने अपने प्यास बुझाई और चल दिया|... (183890)
Posted on: Feb 12, 2021. Tags: SONG STORY
Impact : सीजीनेट में सन्देश रिकॉर्ड करने के बाद सरकार के सहायता राशि मिल गया है...
ग्राम-अलका, पोस्ट-चलगली, तहसील-वाड्रफ नगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से सूरज कुमार बता रहें हैं कि वे कक्षा दसवीं में पढ़ रहे थे, सरकार के योजना अनुसार तेंदू पत्ता तोड़ने वालों को तेंदू पत्ता कार्ड से पैसा मिलता हैं, और उन्हें नही मिलने से कई बार सम्बंधित अधिकारियों को आवेदन दिए थे, पर पैसा नही मिल रहा था, तो सीजीनेट में संदेश रिकार्ड किये थे, सितम्बर 2020 में पैसा खाते में आ गया, इसलिए सीजीनेट के सभी मददगार और सुनने वाले साथियों को धन्यवाद दे रहें हैं| सम्पर्क नम्बर@7771938285. (184857)
Posted on: Feb 12, 2021. Tags: IMPACT SONG
सुनी तोले ओ बाई मोर बतिया तैंय दो चारो दीदी...छत्तीसगढ़ी लोक गीत-
जिला-जांजगीर चापा (छत्तीसगढ़) से हेमन्त कुमार श्रीवास्त छत्तीसगढ़ी लोक गीत
सुना रहें हैं:
सुनी तोले ओ बाई-
मोर बतिया तैंय दो चारो दीदी-
नहीं लागे पैसा हजारो बाई-
सुनी तोले ओ बाई-
धन्य धन्य ये सृष्टी की रचना-
कैसे बनाये विधाता ओ...(RM)
