संगी समाज ला बताबो, हमर समाज में दारु महुआ ला छोड़ाबो...जागरूकता गीत
कैलाश सिंह पोया ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छतीसगढ़) से नशामुक्ति पर एक जागरूकता गीत सुना रहे हैं:
संगी समाज ला बताबो-
हमर समाज में दारु महुआ ला छोड़ाबो-
संगी समाज ला बताबो-
रिकिम-रिकिम खाना पीना सब्ज़ी ला बनाबो-
समाज ला बताबो-
छोला रोटी सब कुछ खवाबो-
संगी समाज ला...
Posted on: Jun 30, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
ऐसन जानत होले रे गोरिया तोर से दिल न लगाते...सादरी प्रेम गीत
झारखंड एवं उड़ीसा के आदिवासी समुदाय द्वारा बोले जाने वाली भाषा सादरी में प्रेम गीत सुना रहे हैं सुनील कुमार, मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार ) से :
ऐसन जानत होले रे गोरिया तोर से दिल न लगाते-
तोके में चाँद कहीं ,तोके मैं सूरज-
असरा में धोखा खाली, हाय हम बड़ी पछताली-
तोर से दिवाना भेली, दिल जब तोके देली-
जब से तोके पाली, दुनिया भूलाए गेली-
आज तोय काल्हे बतलाले-
अचके काले दगा देले-
मीठा मीठा बात बोली, सब भेद ले ले लूटी-
सोचली न बुझली हम सब कुछ तोके बता देली-
आज तोइ मोके भूल गेले-
आज के दोसर संग गेले...
Posted on: Jun 30, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
चल जाबो पानी ढ़लाएबर आगे सावन महिना...छत्तीसगढ़ी सावन गीत
कन्हैयालाल पडियारी ब्लाक-तमनार, जिला-रायगढ़ (छतीसगढ़) से छत्तीसगढ़ी भाषा में सावन गीत सुना रहें हैं:
चल जाबो पानी ढ़लाएबर आगे सावन महिना-
चारो धाम मा जाबो,बारो ज्योतिलिंग मा पानी ढ़लाबो-
पानी ल ढ़लाके शिवजी ला मनाबो-
नवा-नवा प्रेम हावे ओला गाढ़ा बनाबो-
लगन निकालबो, बिहाऊ ला करबो-
रोज लइकामन जनावो की-
घर परिवार ला सुघर बनाबों-
सबके डगर में चलबो, नवा रस्ता बनाबो-
लोग लईकामन के जिंदगी ला संवारबो-
Posted on: Jun 30, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
टिन-टिन घंटी नेकिता ददु स्कूल धाका...गोंडी शिक्षा गीत
ग्राम-सरोना, ब्लाक-नरहरपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुमनलता आचला के साथ स्कूल से कक्षा एक के छात्र राहुल नरेशिया शिक्षा पर आधारित एक गोंडी गीत सुना रहे हैं:
टिन-टिन घंटी नेकिता ददु स्कूल धाका-
गुरूजी मैडम वातोड़ माकून पढ़ी कियानुड-
एबी सीडी करिका इयक जियक करिकट-
एक दो तीन चार करिकट-
पांच छः सात आठ करिकट...
Posted on: Jun 30, 2017. Tags: SONG SUMANLATA ACHLA VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : स्तनपान के फायदे
आकर्षक विज्ञापन एवं जानकारी के अभाव में माताएं अपने बच्चे को बोतल का दूध पिलाती हैं जो बच्चे के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता हैं| माँ के दूध से बच्चे का मानसिक विकास अच्छा होता हैं .जन्म के एक घंटे के अंदर बच्चे को स्तनपान कराना शुरू कर देना चाहिए .स्तनपान से पहले बच्चे को किसी प्रकार का कोई पेय या आहार नहीं देना चाहिए .छह महिने तक बच्चे को माँ के दूध पर रखना चाहिए .इस तरह माँ से एंटी बाॅडी बच्चे में चले जाने से संक्रमण से बचाव होता हैं स्तनपान करने वाले बच्चे बार बार बीमार नहीं पड़ते. माँ के दूध में कोलेस्ट्रम होता है जो बच्चे के लिए अमृत समान हैं .बच्चे को डेढ़ से दो साल तक जब तक माँ को दूध हो रहा हो कराना चाहिए | सुनील9308571702
