रथ चढ़े रोये जानकी माई ,मोरे रोये जानकी माई...भजन गीत
विकासखण्ड-तमनार, जिला-रायगढ़ (छतीसगढ़) से राजेन्द्र गुप्ता एक भजन गीत सुना रहें हैं:
रथ चढ़े रोये जानकी माई ,मोर रोये जानकी माई-
रथ चढ़े रोये जानकी माई-
मोर सुनो तपस्या ला जी कि कौन वन ढ़ूंढ़ो हो माई-
आगे आगे राम चलत हैं पाछु लक्ष्मण भाई-
जनकपुर के प्राण प्यारी कौन हर ले जाई-
कि कोन वन ढ़ूंढ़ो हो माई...
Posted on: Jul 07, 2017. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
कभी गीत मेरा बन पायेगा, अँधेरे में बुदिया की चिंता...बिहार से हिन्दी गीत
साहेबगंज, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से रामनाथ पासवान एक गीत सुना रहे हैं:
कभी गीत मेरा बन पायेगा, अँधेरे में बुदिया की चिंता-
कब नया सबेरा लाएगा कभी गीत मेरा बन पायेगा-
मचल के दुश्मन झूम रहा हैं अनगिनत सपने बुन रहा हैं-
खलिहानी से दाना कब तक मेरे घर में आएगा-
कभी गीत मेरा बन पाये...
Posted on: Jul 07, 2017. Tags: RAMNATH PASWAN SONG VICTIMS REGISTER
दारू झन पिया रे भाई, दारू झन पिया रे भाई...नशाविरोधी गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया नशे के ऊपर आधारित एक गीत सुना रहे हैं:-
दारू झन पिया रे भाई, दारू झन पिया रे भाई-
दारु में देखा होवत हैं लड़ाई दारू झन पिया रे भाई-
घर परिवार बेटा नाती से लड़ाई-
और देखा बात-बात में थाना में पहुच जाई-
दारू झन पिया रे भाई...
Posted on: Jul 07, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
हाय- हाय केही जैते हाजीपुर के ही जैते पटना... झरनी गीत
बिहार में मुसलमान समुदाय द्वारा ताजिया उत्सव के समय बांस का झाड़ू बनाकर साथ में नाच और गाना करते हैं इस गीत को झरनी गीत कहते है | उषा किरण पक्की सराय, मुजफ्फरपुर (बिहार) से एक झरनी गीत सुना रही हैं :
हाय- हाय केही जैते हाजीपुर के ही जैते पटना-
केही जैते बेतिया लड़न को हाय- हाय-
हाय- हाय बाबा जैते हाजीपुर भैया जैते पटना-
स्वामी जैते बेतिया लड़न को हाय -हाय-
हाय- हाय केही लएतै झिलमिल सड़ियां के ही-
लएतै कंगना,केही रे लएतै सिर के सिंदूरबे हाय हाय-
हाय- हाय बाबा लैएतै झिलमिल सड़ियां-
भईया लऐतै कंगनास्वामी लैते सिर के सिंदूरबे हाय हाय-
हाय- हाय फाटी जैते झिलमिल सीरिया टूटी जैएतै कंगना-
रह जैतई सिर के सिंदूरबे हाय -हाय...
Posted on: Jul 07, 2017. Tags: SONG USHA KIRAN VICTIMS REGISTER
अहिंसा का अर्थ कायरता नहीं है, अहिंसा का अर्थ वीरता पूर्वक प्रतिरोध करना भी है : कहानी
एक राज्य पर किसी दूसरे देश के विधर्मी शासक ने आक्रमण कर दिया राजा ने अपने सेनापति को आदेश दिया कि सेना लेकर सीमा पर जाये और मुहँ तोड़ जवाब दे सेनापति आहिंसावादी था वह लड़ना नही चाहता था पर राजा का आदेश था इसलिए वह अपनी समस्या लेकर परामर्श करने के लिए महात्मा के पास गया सेनापति ने कहा युद्ध हो तो शत्रु सेना के सैंकड़ो सैनिक मारे जायेगे |क्या यह हिंसा नही है हाँ है महात्मा बोले पर यह बताओ की यदि हमारी सेना ने मुकाबला न किया तो क्या वह हमारे देश के निरपराध नागरिको की हत्या नहीं करेगे फसल को, सम्पति को, नष्ट करेगे ऐसी दशा में देश की प्रजा की रक्षा करना ही तुम्हारा परम कर्तव्य हैं अहिंसा का अर्थ कायरता नही हैं अहिंसा का अर्थ हैं किसी दूसरे पर अत्यचार न करना लेकिन यदि कोई हम पर आक्रमण और अत्यचार करे तो वीरता पूर्वक उसके द्वारा की जाने वाली हिन्सा का प्रतिरोध करें |
