सजा रहे माँ का द्वार लाल फूलो से गुलाब फूलो से...देवी गीत

ग्राम पंचायत-धुमाडाड, कड़चोलापारा,विकासखंड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी 15 अगस्त के अवसर पर स्कूल के बच्चे सोनावती मरावी, सविता मरावी, कुमारी प्रिया पटेल, मानती श्याम के सांथ एक गीत सुना रहे हैं :
सजा रहे माँ का द्वार लाल फूलो से गुलाब फूलो से-
माँ के द्वारे अंधा पुकारे-
अंधा को आंख दे दो माँ अपनी दयालू हांथ से-
माँ के द्वारे लंगड़ा पुकारे-
लंगड़ा को पैर दे दो माँ अपनी दयालू हांथ से...

Posted on: Aug 15, 2017. Tags: ROOPLAL MARAVI SONG VICTIMS REGISTER

वह प्रदीप जो दीख रहा है झिलमिल दूर नहीं है...कविता -

सुनील कुमार राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की रचना सुना रहे हैं:
वह प्रदीप जो दीख रहा है झिलमिल, दूर नहीं है-
थककर बैठ गये क्या भाई! मंजिल दूर नहीं है-
अम्बर पर घन बन छायेगा-
ही उच्छवास तुम्हारा-
और अधिक ले जाँच-
देवता इतना क्रूर नहीं है-
थककर बैठ गये क्या भाई!
मंजिल दूर नहीं है...

Posted on: Aug 15, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : बवासीर का घरेलू इलाज -

ग्राम व पोस्ट-अंजनी, विकासखण्ड-मवई, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से वैद्य सग्गन शाह मरकाम आज बवासीर की बीमारी से पीड़ितों को देशी औषधि से उपचार के बारे में बता रहे हैं, वे बता रहे हैं कि ग्रामीण इलाकों में बहुत से साथियों को बवासीर की बीमारी होती है और इस रोग के कारण उनका जीवन बहुत दुखद हो जाता है. इसके इलाज की विधि इस प्रकार है: मुनगा या सहजन की पत्ती और सुरणकन्द को मिलाकर बारीक़ पीस ले और इसके बाद इसे अच्छा सा पानी में घोल ले और इसे छान ले, अब इसको दूध के साथ मिश्रण कर रोजाना ख़ाली पेट सुबह सुबह 15 दिनों तक पीने से निश्चित ही बवासीर की बीमारी में लाभ मिलेगा | सग्गन शाह मरकाम@9479003194

Posted on: Aug 15, 2017. Tags: SAGGAN SHAH MARKAM SONG VICTIMS REGISTER

गोंड समुदाय के कोलांग नृत्य के बारे में जानकारी

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार गोंड समुदाय के कोलांग नृत्य के बारे में जानकारी दे रहे है और कह रहे हैं कि जिस समाज में गीत, संगीत नृत्य नही वह समाज पशु समान होता है और गोंड समुदाय के महत्वपूर्ण कोलान्ग इदना नृत्य के बारे में बता रहे हैं. कोलान्ग शब्द कोला से बना है, जिसका अर्थ डंडा से लिया जाता है कोलान्ग नाच में छड़ का प्रयोग किया जाता है इसीलिए गोंडी में कोलांग इदना कहते है. पौष पूर्णिमा के समय युवको का नृत्य दल एक दूसरे के गाव में एक सप्ताह नाचने जाते है, नाच दल का नेतृत्व करने वाले को ‘पाटा गुरु” के नाम से जाना जाता है. नाच दो दलों में गोल घेरे में आमने सामने होता है आमने सामने खड़े होकर एक दूसरे के डंडे को पीटते है गीत शुरु होते ही नाच चालू हो जाता है. सुनील@9308571702

Posted on: Aug 15, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

प्याज के पराठे बनाने की विधि

सामग्री-२ कप गेंहू का आटा, ६ प्याज, १ चम्मच पिसी सौंफ, २ छोटा चम्मच नमक, आधा छोटा चम्मच लाल मिर्ची पाउडर, आधा छोटा चम्मच गरम मसाला, आवश्यकता अनुसार घी ले. प्याज को बारीक काट ले, कड़ाई में २ बड़ा चम्मच घी डाल दे, जब घी गरम हो जाये तब उस में प्याज डालकर भुन ले. हलकी भूरी होने पर इसमें, सौंफ, गरम मसाला, लाल मिर्ची, नमक डाल दे फिर चूल्हे से उतार दे और ठण्डा होने दे. आटे में थोड़ा सा नमक डाले और सुविधा अनुसार पानी डालकर आटा गूंथ ले आटे को ढककर रख दे आधे घंटे बाद छोटी छोटी लोई बना ले, चकले पर रखकर रोटी के समान थोड़ी सी बेल ले फिर घी लगाकर प्याज मसाले का मिश्रण भर दे किनारों को खीचते हुए समोसे के समान बंद करे, फिर पराठा गरम तवे पर डाल दे एक तरफ सिकने के बाद पलट दे, फिर दूसरी तरफ सेंके फिर दोनों तरफ घी लगाकर अच्छा सा सेंक ले जब तक भूरी ना हो ऐसे ही आप भी बना सकते है, गरम गरम खायेंगे तो बहुत अच्छा लगेगा. बीरेन्द्र@9584389840

Posted on: Aug 15, 2017. Tags: BIRENDRA KUMAR SONG VICTIMS REGISTER

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