पानी का संकट : यदि समाज पूर्वजों द्वारा दिखाए रास्ते पर चले तो स्थितियां सम्भाली जा सकती हैं...

ग्राम-मालीघाट,जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार अनुपम मिश्र के पानी पर किए गए कार्य के महत्व को बता रहे हैं. प्रसिद्ध जल वैज्ञानिक अनुपम मिश्र जीवन भर जल संरक्षण के लिए प्रयत्नशील रहे हैं. मिश्र ने बड़ते जल संकट को देखते हुए कहा था कि अगर जल संचित करने में ध्यान नहीं दिया गया तो अगली लड़ाई पानी के लिए ही होगी इससे मानव सभ्यता का विनाश संभव है यदि समाज पूर्वजो द्वारा दिखाए रास्ते पर चले तो स्थितियां सम्भाली जा सकती हैं. वे इस माह प्रकाशित एक पत्रिका के विशेषांक के बारे में बता रहे हैं जिसमे अनुपम मिश्र के कार्य पर लेख लिखे गए हैं. वे सभी सीजीनेट श्रोताओं से यह आग्रह कर रहे हैं कि आप अपने अच्छे पुस्तकालय विकसित करें और ऐसी पुस्तकों का संग्रह करें...सुनील@9308571702

Posted on: Aug 30, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

कोयलिया बोली रे अम्बुआ के डाल मा, कोयलिया बोली रे...करमा गीत -

ग्राम-ताराडांड, जिला-अनूपपुर, (मध्यप्रदेश) से गायक राजूराम पटेल एवं मुन्नीलाल ढीमर बांसुरी बजा रहे हैं और एक कर्मा गीत सुना रहे है:
कोयलिया बोली रे अम्बुआ के डाल मा, कोयलिया बोली रे-
महुआ बिनत वा श्याम मिलकर बैर बिनत वा राम-
कोयलिया बोली रे अम्बुआ के डाल मा, कोयलिया बोली रे-
का बची का जंगल झाड़ी, का नदिया पहाड़-
तौर मौर मन हवी तो का करी सरकार-
कोयलिया बोली रे अम्बुआ के डाल मा, कोयलिया बोली रे...

Posted on: Aug 30, 2017. Tags: BABULAL NETI SONG VICTIMS REGISTER

गर्म हवाओं के झोंके हैं अच्छे दिन, सचमुच धोखे ही धोखे हैं अच्छे दिन...गजल-

मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार महेश कटारे सुगम की गजल सुना रहे है:
गर्म हवाओं के झोंके हैं अच्छे दिन-
सचमुच धोखे ही धोखे हैं अच्छे दिन-
बढ़ी कीमतों से रातों की नींद उड़ी-
देख देख कर सब चोंके हैं अच्छे दिन-
अच्छे दिन आएं न आएं क्या मतलब-
सत्ता पाने के मौके हैं अच्छे दिन-
चमकदार वादों रंगों से पुते हुए-
सुन्दर से खाली खोके हैं अच्छे दिन-
क्या बतलाये सुगम खबर तो सबको है-
किसने आने से रोके हैं अच्छे दिन...

Posted on: Aug 30, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

ले मशाले चल पड़े है, लोग मेरे गाँव के, अब अँधेरा जीत लेंगे, लोग मेरे गाँव के...गीत

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक जागृति गीत सुना रहे हैं :
ले मशाले चल पड़े है, लोग मेरे गाँव के-
अब अँधेरा जीत लेंगे, लोग मेरे गाँव के-
पूछती है झोपड़ी और, पूछते है खेत भी-
कब तलक लूटते रहेंगे, लोग मेरे गाँव के-
ले मशाले चल पड़े है, लोग मेरे गाँव के-
बिन लड़े कुछ भी नही मिलता यह जानकर-
अब लड़ाई लड़ रहे है, लोग मेरे गाँव के – लाल सूरज अब उगेगा, देश के हर गाँव में-
अब इकट्टा हो चले है, लोग मेरे गाँव में...

Posted on: Aug 30, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

सपना ते रोपो गंगा दिसुता, दुनिया पोनसी दायल बताल...गोंडी भक्ति गीत -

ग्राम-पाटागुडा, पंचायत-दसनापुर, तहसील-इंद्रावेळी, जिला-आदिलाबाद (तेलंगाना) से गेडाम चन्द्रमोहन गोंडी भक्ति गीत सुना रहे हैं :
सपना ते रोपो गंगा दिसुता-
दुनिया पोनसी दायल बताल-
पिंजरा ता रोपो ककर कोंडी कीसी-
रागों ता चाल ता वायल बताल-
दुनिया पोनसी दायल बताल...

Posted on: Aug 30, 2017. Tags: GEDAM CHANDRAMOHAN SONG VICTIMS REGISTER

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