दारू झन पिया रे भाई, दारू झन पिया रे भाई...नशाविरोधी गीत

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया नशे के ऊपर आधारित एक गीत सुना रहे हैं:-
दारू झन पिया रे भाई, दारू झन पिया रे भाई-
दारु में देखा होवत हैं लड़ाई दारू झन पिया रे भाई-
घर परिवार बेटा नाती से लड़ाई-
और देखा बात-बात में थाना में पहुच जाई-
दारू झन पिया रे भाई...

Posted on: Jul 07, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

हाय- हाय केही जैते हाजीपुर के ही जैते पटना... झरनी गीत

बिहार में मुसलमान समुदाय द्वारा ताजिया उत्सव के समय बांस का झाड़ू बनाकर साथ में नाच और गाना करते हैं इस गीत को झरनी गीत कहते है | उषा किरण पक्की सराय, मुजफ्फरपुर (बिहार) से एक झरनी गीत सुना रही हैं :
हाय- हाय केही जैते हाजीपुर के ही जैते पटना-
केही जैते बेतिया लड़न को हाय- हाय-
हाय- हाय बाबा जैते हाजीपुर भैया जैते पटना-
स्वामी जैते बेतिया लड़न को हाय -हाय-
हाय- हाय केही लएतै झिलमिल सड़ियां के ही-
लएतै कंगना,केही रे लएतै सिर के सिंदूरबे हाय हाय-
हाय- हाय बाबा लैएतै झिलमिल सड़ियां-
भईया लऐतै कंगनास्वामी लैते सिर के सिंदूरबे हाय हाय-
हाय- हाय फाटी जैते झिलमिल सीरिया टूटी जैएतै कंगना-
रह जैतई सिर के सिंदूरबे हाय -हाय...

Posted on: Jul 07, 2017. Tags: SONG USHA KIRAN VICTIMS REGISTER

अहिंसा का अर्थ कायरता नहीं है, अहिंसा का अर्थ वीरता पूर्वक प्रतिरोध करना भी है : कहानी

एक राज्य पर किसी दूसरे देश के विधर्मी शासक ने आक्रमण कर दिया राजा ने अपने सेनापति को आदेश दिया कि सेना लेकर सीमा पर जाये और मुहँ तोड़ जवाब दे सेनापति आहिंसावादी था वह लड़ना नही चाहता था पर राजा का आदेश था इसलिए वह अपनी समस्या लेकर परामर्श करने के लिए महात्मा के पास गया सेनापति ने कहा युद्ध हो तो शत्रु सेना के सैंकड़ो सैनिक मारे जायेगे |क्या यह हिंसा नही है हाँ है महात्मा बोले पर यह बताओ की यदि हमारी सेना ने मुकाबला न किया तो क्या वह हमारे देश के निरपराध नागरिको की हत्या नहीं करेगे फसल को, सम्पति को, नष्ट करेगे ऐसी दशा में देश की प्रजा की रक्षा करना ही तुम्हारा परम कर्तव्य हैं अहिंसा का अर्थ कायरता नही हैं अहिंसा का अर्थ हैं किसी दूसरे पर अत्यचार न करना लेकिन यदि कोई हम पर आक्रमण और अत्यचार करे तो वीरता पूर्वक उसके द्वारा की जाने वाली हिन्सा का प्रतिरोध करें |

Posted on: Jul 01, 2017. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER

नान नान लईका मन सियानी बघारथे...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम तमनार, जिला रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पढ़यारी छत्तीसगढ़ी बोली में एक रचना प्रस्तुत कर रहें हैं :
नान नान लईका मन सियानी बघारथे-
बुढा बबा के दाढ़ी-मेछा चुंदी ला लाल करर्या कर ढारथे-
बूढी दाई ला घलों सुघ्घर-सुघ्घर गोठ करकें पटा ढारथे-
ओकरों चुंदी मुड़ी ला घलो लाल करर्या कर ढारथे-
नवा-नवा गोठ करकें, हमला रिझाथे-
अपन बनाय रद्दा मा हमला रेंगाथे...

Posted on: Jul 01, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

फिर आउंगी अब की बार उदास मत होना...महाश्वेता देवी पर कविता

जिला-रांची (झारखंड) से योगेश कुमार विश्व आदिवासी दिवस पर महाश्वेता देवी के निधन पर एक कविता समर्पित कर रहे हैं:
फिर आउंगी अब की बार उदास मत होना-
किसी बच्चे की किलकारी में-
अब की बार आदिवासी बनकर-
रचूँगी उन रचनाओं को जो अधूरी छोड़ चली मैं-
फिर आउंगी जाने का दुःख मुझे भी हैं-
पर आई हूँ तो जाऊँगी उम्र ढल चुकी थी मेरी
पर विचार वाही विद्रोही थे-
अब नया जीवन चाहती थी-
तक गई थी मैं बूढी थी मैं-
अब की आउंगी तो चिंगारी उड़ेंगे शब्दों से-
लाल होंगे शब्द मेरे जो काले पड़ गए थे-
तब तक तुम अपनी लड़ाई लड़ना-
रुकना नहीं चलते रहना उन रास्तो पर-
जिस पर चलकर मैं आगे आई-
अब तुम्हारी बारी है छोड़ जाती हूँ-
कुछ मैं तुम्हारे लिए-
कुछ जरुर करना तुम मेरे आने तक...

Posted on: Jul 01, 2017. Tags: SONG VICTIMS REGISTER YOGESH KUMAR

« View Newer Reports

View Older Reports »