क ख घ से गोदना मा गोदाला...शिक्षा गीत
दिवाकर कुमार ग्राम-सुस्ता, थाना-गायघाट, जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार में सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाने का काम करते हैं | वे कहते हैं कि आजकल बच्चों को इस तरह से शिक्षा दी जाती है कि उन्हें अधिक समझ में नहीं आता इसलिए क ख ग सीखने के लिए उन्होंने एक गीत तैयार किया है:
क ख घ से गोदना मा गोदाला-
गोदाला हो ला मोरी बहिना-
अक्षर आँचल पढके तू पढवा-
कहाला हो मोरी बहिना-
क ख घ से गोदना गोदाला...
Posted on: Jul 30, 2017. Tags: Divakar Kumar SONG VICTIMS REGISTER
ये पवन चाँद तारों की नगरी...लोरी गीत
रोशन कुमार साहू ग्राम-बचहा, जिला-उमरिया, मध्यप्रदेश से एक लोरी सुना रहे है:
ये पवन चाँद तारों की नगरी-
देखो आई ये कैसी बहार-
चुपके से आजा रि निंदिया इन अखियों में-
धोएगा सपनो में प्यार-
ये पवन चाँद तारों की नगरी...
Posted on: Jul 30, 2017. Tags: Roshan Kumar Sahu SONG VICTIMS REGISTER
हम लोगों को 8 माह से विधवा पेंशन नहीं मिल रहा अधिकारी को बोलते हैं पर वह मदद नहीं करता...
ग्राम पंचायत-गुम्माटोला, विकासखंड-मरवाही, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से सीजीनेट वॉइसबुक यात्रा से कन्हैयालाल केवट के साथ में आज गाँव की बुज़ुर्ग महिलाएं रामकली, सुमित्रा ,रामबाई, शांतिबाई है जो बता रही है कि 8 से 9 माह हो चुका है उनको विधवा पेंशन नहीं मिला है कई बार सरपंच को बोला गया लेकिन आज तक हम महिलाओं को पेंशन नहीं दिया जा रहा है इसलिए वे सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे हैं कि इन कृपया अधिकारियों को फोन करके दबाव बनाये जिससे हम महिलाओं का विधवा पेंशन मिल सके| C.E.O.@7693915855. ग्रामीण संपर्क@7694031224, कन्हैयालाल केवट@8225027272.
Posted on: Jul 28, 2017. Tags: KANHAIYALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
मोरे गाँव के शीतला तोला बन्दों हो हो...भक्ति गीत
प्रकाश मौसम ,ग्राम-दुर्गकोंडल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर, छत्तीसगढ़ से एक छत्तीसगढ़ी भक्ति गीत सुना रहे हैं, जो नवरात्र के समय गाया जाता है:
मोरे गाँव के शीतला दाई तोला बन्दों हो हो – यहो जनम देवईया करम लिखीया तोही-
दाई-दादा तोही समझो हो-
तोर कोरा मा खेल्यों कूदेयों-
तोर कोरा मा बढेयों-
मोरे गाँव के शीतला तोला बन्दों हो हो...
Posted on: Jul 28, 2017. Tags: Prakash Mausam SONG VICTIMS REGISTER
सुनील दुल्हा निन्द से मातल रे...बिहार से लड़का विवाह गीत
मालीघाट कंचननगर मुजफ्फरपुर (बिहार) से किरण कुमारी पारंपरिक विवाह गीत लड़का विवाह गीत प्रस्तुत कर रहीं है – सुनील दुल्हा निन्द से मातल रे-
सोई हुई रही सोनरा के डेरा-
जगाने वाली सोनरा के लड़की रे-
उठो रे बाबू राजा का लाडला-
ऐसी रे लाडो सेज पर रहती हैं-
झुली रे झुंकी अर्जी करती हैं-
चनकी तेरी माँगो का टिका रे
लटकी तेरी सिरो का चोटी रे...
