सुमरनी हो रही रे बुढादेव सतरंगी ध्वजा लहराए...गोंडवाना गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैंलाश सिंह पोया एक गोंडवाना गीत सुना रहे है :
सुमरनी हो रही रे बुढादेव सतरंगी ध्वजा लहराए-
कौने करे तोर सुमरनी कौन पूजन हार-
शम्भु करे तोर आरती वो तोरे गुन गाए-
सुमरनी हो रही रे बुढादेव सतरंगी ध्वजा लहराए...
Posted on: Aug 05, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
हरदी शहर के मोर मरदी न बेटी ओ...सुवा गीत
ग्राम पंचायत-पंडरीपानी, मोहल्ला-खमलीकला, विकासखंड-गौरेला, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से प्रेमवती, जयमतिया, हेमंत्री, समरती, उर्मिला एक सुवा गीत सुना रहे हैं :
हरदी शहर के मोर मरदी न बेटी ओ-
हरदी शहर चले जाथे चन्दन जू खड़े रहना-
हरदी शहर के मोर मरदी न बेटी ओ-
हरदी शहर के मोर बेटी मथुरा शहर चले जाए-
घर-घर तुलसी लगाये चन्दन जूट खड़े रहना...
Posted on: Aug 05, 2017. Tags: KANHAIYALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
झंडा-झंडा का हाले झंडा के दिन कैसे आये...स्वागत गीत
ग्राम-पशुपति, पोस्ट-लुरगीकला, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से शांति कुमार एक स्वागत गीत गा रही है:
झंडा-झंडा का हाले झंडा के दिन कैसे आये-
जून-जुले बीत अरे दीदी अगस्त महीना गा-
केकर मुड़े हर तिरंग केकर मुड़े गेंदा फूल-
दादा के हर तिरंग मौसी के मुड़े गेंदा फूल-
बड़े-बड़े सिपाही बन्दूक से लडे ला-
गाँधी बाबा क़ानून से लडे ला-
झंडा-झंडा का हाले झंडा के दिन कैसे आये...
Posted on: Aug 05, 2017. Tags: SHANTI KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
अरखी गरायोनतारा काला लगी जिया ये माय...कुडुक भाषा में नशाविरोधी गीत
ग्राम-कुमला कजामपुर, जिला-सुन्दरगढ़ (उड़ीसा) से गेत्वापाना कुडुक भाषा में एक गीत सुना रही है, इसमें बताया गया है कि हे परमेश्वर आप इस धरती पर आओ और जो शराब का सेवन करते हैं, अत्याचार करते है,अशांति फैलाते हैं इन्हें समझाइये :
अरखी गरायोनतारा काला लगी जिया ये माय-
काला लगी जी आये माय-
आयो चडेन बरयनेन ये मा-
बचा बाय पाप गई डारे नू-
हे झूठ कथा बान तरा...
Posted on: Aug 02, 2017. Tags: GETVAPANA SUNDARGRAH SONG VICTIMS REGISTER
मिट्टी और बयार यह जंगल के उपहार...जागरूकता गीत
ग्राम-देवरी, पोस्ट-चंदोरा, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक गीत सुना रहे हैं :
मिट्टी और बयार यह जंगल के उपहार-
ज्ञान का दीपक अगर एक बार भी जल जाएगा-
रोशनी होगी तो सब साफ़ नजर आएगा-
अनपढ़ न रह जाए कोई-
जन-जन में यह है हलवाई-
विद्या है एक गुप्त खजाना-
कह रहे पंडित और मुलाई-
हर घर को शिक्षा से जोड़े...
