हे माँ मेरी यादो को, तुम दिल में बसा लेना...गीत
ग्राम-लहरपुर, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से आशा नेटी एक गीत सुना रहीं है :
हे माँ मेरी यादो को, तुम दिल में बसा लेना-
बदनाम ना हो आसू, दामन में छुपा लेना-
मैं छुपके सो जाऊ, बस इतना दुआ देना-
हे माँ मेरी यादा को, तुम दिल में बसा लेना...
Posted on: Sep 07, 2017. Tags: BABULAL NETI SONG VICTIMS REGISTER
रे रे रेला रे रेला रे रेला रे रे रेला रेला...गोंडी प्रेम गीत -
जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से उत्तम अटला के साथ कई युवक-युवतियां है जो एक गोंडी गीत सुना रहे है| इस गीत को लड़के-लड़कियाँ एक दूसरे को खुश करने के लिए गाते है:
रे रे रेला रे रेला रे रेला रे रे रेला रेला-
साय रेला रे रेला रे साय रे रेला रे रेला-
एन्देना गर्सेना नाटे घोटुल वायेना-
लयो रा घोटू ते नाटे न घोटू दे-
रे रे रेला रे रेला रे रेला रे रेला...
Posted on: Sep 07, 2017. Tags: SONG UTTAM ATALA VICTIMS REGISTER
एक किरण जो सूरज से, बिखर-बिखर कर पूरब से...कविता
ग्राम-तमनार, जिला- रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से बाल साहित्यकार डॉ.पी.एस.पुष्प एक कविता सुना रहे हैं :
एक किरण जो सूरज से, बिखर-बिखर कर पूरब से-
सारे तम को धो देती है, देखो कितना धीरज से-
एक बूँद वर्षा से छनकर, शीपी में सुन्दर से ढलकर-
नई कहानी गढ़ जाती है, प्यारी सी वह मोती बनकर-
सीख यही तुम ले लो बच्चों, एक धरा ईश्वर है बच्चो-
आपस के रिश्ते नातों को, समता से तोलो तुम बच्चों...
Posted on: Sep 07, 2017. Tags: PS PUSHP SONG VICTIMS REGISTER
मिली कैसी आजादी इतिहास दिखाती हूँ...क्रांतिकारी गीत
ग्राम-सिनहर, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से सुकन्या देवी एक देशभक्ति गीत सुना रही हैं :
मिली कैसी आजादी इतिहास दिखाती हूँ-
हम चैन की नीद में सो रही थी-
वर माला समझ नही थी फांसी के फंदे-
दे दी है आजादी खुशियों के बदले-
कही ऐसा न हो जाए सोते ही रह जाए-
खो गए आजादी में रोते ही रह जाए...
Posted on: Sep 07, 2017. Tags: BIRENDRA KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
अच्छे-अच्छे बांध बंधिये जैसे सागर ताल भैया...किसानी लोकगीत -
ग्राम-गुरमुठी, पोस्ट-महेवा, तहसील-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से रामदीप आयाम खेती किसानी पर एक लोकगीत सुना रहे हैं :
अच्छे-अच्छे बांध बंधिये जैसे सागर ताल भैया-
के बन जाओ धनवान भैया, किसानी धंधा रे-
अच्छे-अच्छे बिज डालिए अन्न पक्के हर साल भैया-
के बन जाओ धनवान भैया, किसानी धंधा रे-
अच्छे-अच्छे अन्न पक्के हर साल, किसानी धंधा रे-
के बन जाओ धनवान भैया, किसानी धंधा रे-
धन चन्दा तोर चांदनी, धन सूरज तोर जोत भैया-
के बन जाओ धनवान भैया, किसानी धंधा रे...
