नित-नित जीना, नित-नित मरना सबकी यही कहानी है...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं:
नित-नित जीना, नित-नित मरना सबकी यही कहानी है-
ढोल मृदंग से सूर्य निकलता मै भी कभी अभिमानी था-
अब देखो मेरा बुरा हाल रोज तुम्ही से खूब पिटता हूँ-
पिटा-पिटाकर भी तुमसे तुम्हारा मन बहलाता हूँ-
तुम गाते हो सुर लगाकर मई भीतर-भीतर रोता हूँ-
मै भी था कभी तुम जैसा जिन्दा-
अब तो ढोल मृदंग कहलाता हूँ-
करो न गुमान तुम भी मुझ जैसा...
Posted on: Sep 15, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADHIYARI SONG VICTIMS REGISTER
फलों का राजा आम है भैया फलों का राजा आम...आम पर कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी आम पर कविता सुना रहे हैं :
फलों का राजा आम है भैया फलों का राजा आम – कोई खट्टा, कोई मीठा सबको मिलता दाम – गर्मी के मोसम में पाते बड़े चाव से-
हम खाते सेहत बनना काम है-
चार चटनी कच्चे ताजी पकने पर अमृत सामान – हम तो चखते ही रहते वर्षो तक आता काम है – बाबू खा ले भैया ले खा दीदी खा ले नोनी खा ले – सबको मजा आएगा आम...
Posted on: Sep 15, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
स्वागत है श्रीमान हमारे गाँव में...स्वागत गीत-
मालीघाट, जिला-मुज़फ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक स्वागत गीत सुना रहे हैं:
स्वागत है श्रीमान हमारे गाँव में-
है सच्चे इंसान हमारे गाँव में-
सबके मन में प्यार अनोखा पलता है-
असुरो पर मुस्कान हमारे गाँव में-
काबा- काशी में कोई भी भेद नहीं-
दोनों का सम्मान हमारे गाँव में-
पर्वो का उल्लास नया जीवन देता-
स्वाद भरे पकवान हमारे गाँव में-
यहाँ नीम वट पीपल पूजे जाते है-
संस्कृती की पहचान हमारे गाँव में-
अब न अंध विस्वाश अँधेरा फैलाते-
जोती बिखरे ज्ञान हमारे गाँव में-
तुलसी सूर्य का बीज यही मिल जाएगे-
रोक पोप का सो यहाँ नहीं है पर-
लोक धुनों की तान हमारे गाँव में...
Posted on: Sep 15, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
सन १८९९ से सिद्ध भोले पहाड़ पर शिवरात्रि मेले का आयोजन हो रहा है, यहां भक्त ही पुजारी हैं...
सीजीनेट जनपत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम-खुलाड़ी, तहसील-जैतहरी, जिला-अनूपपुर, (मध्यप्रदेश) में पहुँची है जहां एक पहाड़ी है वहां एक ग्रामीण दभराम सिंह वहां हर साल लगने वाले शिवरात्रि मेले के बारे में जानकारी दे रहे है वो बता रहे है कि सं १८९९ से यहाँ पर मेला का आयोजन हो रहा है, यहाँ पर एक शिला भी है जिस पर मंदिर बनना अभी बाकी है. इस पहाड़ को सिद्ध भोले पहाड़ के नाम से जाना जाता है, यह गोंड आदिवासियों के बड़ा देव का पवित्र स्थान होने के साथ साथ यहाँ पर पहाड़ो में बड़ी बड़ी गुफाएँ भी है. यहाँ पर मन्दिर में कोई पंडित पूजा नहीं करता है भक्त ही यहाँ के पुजारी है, उनका कहना है यहाँ आकर मन्नत मागने से मन्नते पूरी होती हैं इसलिए बहुत श्रद्धालु यहां आते हैं
Posted on: Sep 15, 2017. Tags: SONG SUKHSAGAR SINGH PAWLE VICTIMS REGISTER
एक दिन दुर्योधन पीपल के पेड़ के नीचे पेशाब कर रहा था...पांच पांडवों पर आधारित कहानी-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी पांच पांडवों की एक पौराणिक कहानी जो दुर्योधन पर आधारित है सुना रहे हैं. एक दिन दुर्योधन पीपल के पेड़ के नीचे पेशाब कर रहा था उसके पेशाब से पीपल का बीज बहने लगा तब एक दासी वहां से गुजरी और हंसने लगी उसने उस समय कुछ भी नहीं कहा उसके बाद वह राज दरबार में दासी को बुलवाया और प्रश्न किया कि तुम मेरे पेशाब करने पर क्यों हँसी इस पर दासी ने जवाब दिया आपके पेशाब करने से जब इस विशाल वृक्ष का बीज बह गया तो ये पांच पाण्डव आपका क्या क्रर लेंगे आप तो इन्हें ऐसे ही समाप्त कर देंगे। यह सुनकर तब दुर्योधन बहुत खुश हुआ और उस दासी को बहुत इनाम दिया | पडियारी@9981622548
