गोंडवाना की मातृभूमि को सुमिरन...गोंडवाना गीत-
ग्राम-कुंमडा पेंडरई, तहसील-चौरई, जिला-छिन्दवाड़ा (म.प्र.) से बसंत कुमार छिन्दवाड़ा जिले से सम्बंधित एक गीत सुना रहे है:
गोंडवाना की मातृ भूमि को सुमिरन-
करके महादेव का दरके ध्यान-
छिन्दवाड़ा की महिमा एवं बहती दुधी पेच कन्हान-
गोंडवाना की शान निराली बचे कोरकू प्रधान-
बनिया बनवासी साहू सतपुड़ा की है संतान-
यहाँ कोयले की खान है काला हीरा दूजा नाम...
Posted on: Nov 30, 2017. Tags: BASANT KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
लहर-लहर लहराये वो मोरे झन्डा तिरंगा...देशभक्ति गीत -
ग्राम-राउरवही, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से येशकुमार ताराम एक देशभक्ति सुना रहे है:
लहर-लहर लहराये वो मोरे झन्डा तिरंगा-
इस झंडे में है बाबु की ममता-
बाबु को दीये घुमाने दो-
इस झंडे में मम्मी की ममता-
मम्मी को दीये घुमाने दो-
लहर-लहर लहराये वो मोरे झन्डा तिरंगा...
Posted on: Nov 30, 2017. Tags: SONG VICTIMS REGISTER YESHKUMAR TARAM
दिसम्बर 2016 का मनरेगा का मटेरियल भुगतान जनपद पंचायत दंतेवाडा द्वारा अब तक नहीं हुआ है...
स्कूलपारा, ग्राम-धुरली, ब्लॉक एवं जिला-दंतेवाडा (छत्तीसगढ़) से अनिल मुचागी के साथ में संजीव कुमार बता रहे है कि पिछले वर्ष दिसम्बर 2016 का मनरेगा का मटेरियल भुगतान जनपद पंचायत दंतेवाडा द्वारा उनके गाँव में नहीं हुआ है| उनका आरोप है कि इसका कारण रोजगार सहायक सचिव की लापरवाही है इसके कारण हम गाँव के लोगो को बहुत परेशानी हो रही है कई अधिकारियों से मदद माँगी पर कुछ भी नहीं हो रहा है इसलिए साथी मदद की अपील कर रहे है कि इन अधिकारियो से बात कर मनरेगा का मटेरियल भुगतान के पैसे दिलवाने में मदद करें : सहायक रोजगार सचिव@9407636081, C.E.O.@9479068216. अनिल मुचागी@7049093806.
Posted on: Nov 30, 2017. Tags: SANJIV KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाईल में : मलेरिया दूर करने में उपयोगी चींटी की चटनी -
ग्राम-मांझीपदर, जिला-दन्तेवाड़ा (छतीसगढ़) से भीमाराम हेमला चीटी की चटनी के बारे में बता रहे है ये बता रहे हैं कि बस्तर के गांव-गाँव में मलेरिया बीमारी के ईलाज में चीटी की चटनी का उपयोग सदियों से किया जाता रहा है यह चीटी लाल रंग की होती है और ये किसी भी पेड़ में पत्तो का गोल आकार का घोसला बनाकर रहते है इसकी चटनी बनाने के लिए पहले चीटी को भून लिया जाता है फिर उसमे नमक, मिर्च, लहसुन अदरक मिलाकर हल्का पीस लेते हैं और पेज के सांथ या खाली भी खा सकते है बुखार के कारण जब रोगी को भूख नही लगती और मुंह में कडवाहट लगता है तब भी यहां के स्थानीय आदिवासी इसका उपयोग करते हैं |भीमाराम हेमला@9406083299.
Posted on: Nov 29, 2017. Tags: RAKESH KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
जिया डोले रे गूंजे पायलिया के शौर...छत्तीसगढ़ी गीत -
ग्राम-रामनगर, पोस्ट-महेवा, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से कुमारी शांति एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रही है:
जिया डोले रे गूंजे पायलिया के शौर-
मन होल-होल प्रेम रस घोले-
सांज सबेरा भौर-
कौन तो बाँधी रे लाल पगड़िया-
जिया डोले रे गूंजे पायलिया के शौर...


