वनांचल स्वर : अल्सर का घरेलू उपचार
जिला-सागर (मध्यप्रदेश) से वैद्य अनंतराम श्रीमाली आज हम सभी को केला और तुलसी के पत्ते से पेट में होने वाले अल्सर बीमारी का घरेलु उपचार बता रहे हैं. वे बता रहे हैं कि जिन लोगो को अल्सर की बीमारी हो वे भोजन से 15 मिनट पहले एक केला और एक चम्मच देशी घी खाएं,खा ने में तेल, मसाला, खटाई आदि का प्रयोग न करें, लगातार 3 हफ्ते प्रयोग करने से लाभ मिल सकता है, इसके सांथ तुलसी के 3 ग्राम ताजे पत्ते का 1 गोली बनाकर चूसने से भी लाभ मिल सकता है, इसे लगातार एक सप्ताह तक ले सकते हैं, अधिक जानकारी के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : वैद्य अनंतराम श्रीमाली@8462970635.
Posted on: Jun 24, 2018. Tags: ANANTRAM SAGAR HEALTH SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : ठण्ड लेकर आने वाले बुखार का घरेलू उपचार
ग्राम-घोंघा, थाना-बोडला, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से वैद्य भगतराम लांजी आज हम लोगो को ठण्ड लेकर आने वाले बुखार आने पर उसका घरेलू उपचार बता रहे हैं . वे बता रहे हैं कि तुलसी के पत्ता, पुदीना के पत्ता और अदरक तीनो को आधा-आधा तोला मिलाकर काढ़ा बनाकर पीना है. अगर बच्चे है तो आधा चम्मच और जवान है व्यक्ति है तो एक चम्मच दिन में 2-3 बार पिलाना है | उससे जल्दी आराम मिल जाता है| अधिक जानकारी के लिए भगतराम लांजी@7389964276.
Posted on: Jun 24, 2018. Tags: BHAGATRAM LANJI HEALTH SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
दिल्ली करे छूटना रे, जिया मोर धक-धक करे ला रे...नागपुरी गीत-
ग्राम-भगवानपुर, पोस्ट-कला बरती, थाना-चलगली, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से चंदरसाय एक नागपुरी गीत सुना रहे हैं :
दिल्ली करे छूटना रे, जिया मोर धक-धक करे ला रे-
ऐ गोरिया आय जा रे, ऐ गुईंया आय जा रे-
दिले करे छूटना रे, जिया मोर धक-धक करे ला रे-
कहा था आऊंगा जल्दी सनम, मिल के चलेंगे दिल्ली हम...
Posted on: Jun 24, 2018. Tags: CHANDARSAI BALRAMPUR SONG VICTIMS REGISTER
नांदेड महाराष्ट्र के छोटे किसान दादाजी रामाजी खोबरागड़े ने कई धान की किस्में विकसित की...
स्वतंत्र पत्रकार बाबा मायाराम आज हमें जिला-नादेड़ (महारष्ट्र) में अभी हाल में 3 जून 2018 को दिवंगत हुए किसान दादाजी रामाजी खोबरागड़े को श्रद्धांजली देते हुए उनके बारे में बता रहे हैं, वे बता रहे हैं कि उन्होंने HMT धान की किस्म को विकसित किया, जो आज बहुत मशहूर धान है, और बाजार में भी इसका अच्छा दाम मिल जाता है, वे बहोत बड़े किसान नही थे लेकिन उन्होंने डेढ़ एकड़ की भूमि में ही अपने अनुभव से इस किस्म को विकसित किया, 1983 से 98 के बीच उन्होंने कई किस्मे विकसित की, उनको कई बार पुरुस्कार से सम्मानित किया गया, महारष्ट्र सरकार द्वारा भी सम्मानित किया गया था |बाबा मायाराम@9424437330
Posted on: Jun 24, 2018. Tags: BABA MAYARAM SONG VICTIMS REGISTER
अभी मै हा कुवारा हओ ओ बिहाव कराले मोर संग...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-लुड़ूटोला, पंचायत-दमगढ़, विकासखंड-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से भुकलूराम पंदराम एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे है :
अभी मै हा कुवारा हओ ओ-
बिहाव कराले मोर संग, टूरी बिहाव कराले मोर संग-
चलना झुलना झुलबो ओ टुरी संझा बिहनिया तोर संग-
जिनगी के नइया ठिकाना ओ बही हवा सही उड़ जाही-
जाय के बेरा कोनो ला रानी कोनो बता ना पाही-
तेखरे सेती तोला कहाथो टूरी, बिहाव कराले मोर संग...
