ऋषि की विद्या और रटंत तोता की कहानी -
एक था ऋषि, वे शिकारियों से एक तोता मंगवाया, तोता को एक रट लगवाया: शिकारी आएगा, जाल बिछायेगा, दाना डालेगा, लोभ से फसना नहीं. उसे दोहा की तरह याद कराया तोता उसे रट लिया. ऋषि ने एक दिन कहा इस तोता को अब मैं छोड़ देता हूँ | तोता को छोड़ दिया फिर एक शिकारी को ऋषि ने कहा अगर आप उस तोता को पकडकर देते है तो मैं आपको ढेर सारे इनाम दूंगा तो शिकारी ने दाना डाला, जाल बिछाया और उस तोते को पकड़ने के लिए लग गया तोता आया और दाना के लालच में उस जाल में फंस गया | फिर उसे ऋषि ने लिया उसे कहा तोता मैंने आपको क्या सिखाया था आप ने तो दोहा को रट लिया लेकिन इसको रटने से नहीं इसका उपयोग करने से आपको फायदा मिलेगा. धर्मेन्द्र कुमार9608798628.
Posted on: Dec 08, 2017. Tags: DHARMENDRA KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
सुनो-सुनो ए नौजवानों ये संकल्प करना है...युवा सुधार गीत
सुनील कुमार ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार से युवा सुधार पर आधारित गीत सुना रहे हैं:
सुनो-सुनो ए नौजवानों ये संकल्प करना है – चारो ओर शांति फैलाना है-
आपस में हो ख़त्म लड़ाई-
दुनिया वासी भाई-भाई-
आतंकी गतिविधि छोड विकल्प को अपनाना है-
जाति-धर्म सब इसी जहाँ पर-
मजहब-पंथ सब इसी जहाँ पर-
इंसान का धर्म अपनाना है-
देश की ताकत नौजवान-
दुनिया की ताकत नौजवान-
सही दिशा को अपनाना है-
चारो ओर शांति फैलाना है-
सुनो-सुनो ए नौजवानों ये संकल्प करना है...
Posted on: Dec 07, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
छत्तीसगढ़ का प्रयाग : राजिम की कहानी...
राजिम का प्रचीन नाम कमलक्षेत्र पदमावतीपुरी था वहां पर मंदिरों का समूह है उसे छत्तीसगढ़ का कुम्भ भी कहा जाता है राजिम रायपुर से 45 दूर महानदी संगम स्थल पर स्थित है राजिम का नाम एक महिला के नाम पर पड़ा है प्राचीन मान्यता के अनुसार एक महिला प्रतिदिन उस रास्ते से होकर तेल बेचने जाया करती थी एक दिन अचानक एक शिलाखण्ड से महिला का पैर टकरा गया जिससे सर पर रखी तेल की हांड़ी गिर गई जिस पर वह दुखी होकर रोने लगी तभी तेल की हांड़ी एकाएक भर जाती है, तब से उसका पात्र कभी खाली नही हुवा। इस घटना की जानकारी जा के पास पहुंची जिस पर राजा ने उस जगह की खुदाई कराई जिसमे विष्णु जी की चतुर्भुजी प्रतिमा निकली, इस तरह से इस जगह का नाम राजिम पड़ा| राकेश कुमार@9617339569.
Posted on: Dec 07, 2017. Tags: RAKESH KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : महुए के फल और फूल से वनवासी को भोजन, दवा, तेल,आय सब कुछ मिलता है...
भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से राकेश कुमार दोहरे वनोपज देने वाले एक पेड़ के विषय में बता रहे हैं वे बता रहे हैं महुवा एक ऐसा पेड़ है जिसके फूल और फल दोनों का उपयोग किया जा सकता है, वनों में निवास करने वाले आदिवासी उस पेड़ के फूल का उपयोग शराब बनाकर दवा के रूप में प्रयोग करते है लेकिन इसका ज़्यादा सेवन करने से इसके दुष्परिणाम भी होते है. महुवे को चने के सांथ फरा बनाकर खा भी सकते हैं. उसके फल से तेल निकाला जाता है जिसे सर्दी के मौसम में शरीर को कोमल रखने के लिए उपयोग में लिया जाता है. इसके खली से मुह के छाले का इलाज किया जाता है सांथ ही तेल का उपयोग दिये जलाने में कर सकते है गाँव के निवासियों का ये आय का एक अच्छा साधन है |राकेश कुमार@9617339569.
Posted on: Dec 06, 2017. Tags: RAKESH KUMAR SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
गर्भहीं अधमोख झूले मल मूत्र भारेल हो...सोहर गीत -
ग्राम-रामनगर, पोस्ट-महेवा, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से कुमारी शांति एक सोहर गीत सुना रही हैं. यह गीत बच्चे के जन्म के समय पर गाया जाता है :
गर्भहीं अधमोख झूले मल मूत्र भारेल हो – संतो जठर गेनी बहु संसावे संकट गर्भ होवेल हो – तलफी तड़प जीव मारेल मुख बोल ना पावेल हो – संतो करुणा करिके पछताता अरुचि स्वांस ना आवेली हो – कास दुःख यह का हो मित्र संगिन देखेन हो – संतो पिछला जनम सुधि आवे समुझी मन विवेकन हो...


