आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में: बिच्छू और खुजली से बचने के घरेलू उपाय -
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता खुजली और बिच्छू से बचने की जड़ी बूटी के बारे में जानकारी दे रहे है और बता रहे है कि लोग बिच्छु के डंक लगने पर विभिन्न प्रकार की औषधि करते है पर उससे पूर्व एक जड़ी है उसे अगर आप खा लेते है तो निश्चित तौर पर आपको छह महीने तक बिच्छु डंक नहीं मारेगा | इसका माला बनाकर पहन सकते है तो बिच्छु कभी डंक नहीं मारेगा इसे बिच्छु कांदा बोलते है | वो गेगारवार घास के साथ रहता है और उसका कन्द काले बूटी की तरह निकलता है | दूसरा खुजली की बूटी है शुक्लाबन। इसका जड़ तना पत्ता फूल रख लीजिये या शरीर में घीस लीजिये आपको कोई खुजली का असर नहीं रहेगा और खुजली का असर समाप्त हो जाता है | राजेंद्र गुप्ता@9993891275
Posted on: Sep 15, 2017. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
एकजुट अब होआ भाई...कर्मा लोकगीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कर्मा लोकगीत सुना रहे है :
एकजुट अब होआ भाई-
सब हमार धरती ला बचाई-
चुनाव जीतके कुर्सी में बैठ जाते-
ये देश ले कर जा महंगाई-
तब हमार धरती ला बचाई-
ये सभी देश ला मशीन मंगाई-
एकजुट अब होआ भाई...
गाँव-गाँव सर्वे करवाई-
Posted on: Sep 15, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
अंगेना न ते कोयना को दाय एजी नावा दाई...गोंडी गीत
ग्राम-धौलपुर, विकासखंड-बिछुआ, जिला-छिन्दवाड़ा (मध्यप्रदेश) से ज्योति उइके एक गोंडी गीत सुना रही हैं:
अंगेना न ते कोयना को दाय एजी नावा दाई-
दाई गोगो ते न आंदल-
अंगेना न ते कोयना को दाय एजी नावा दादाल-
दादाल तो इन्तोल कुवा ते दाकट-
अंगेना न ते कोयना को दाय...
Posted on: Sep 15, 2017. Tags: JYOTI UIKEY SONG VICTIMS REGISTER
नित-नित जीना, नित-नित मरना सबकी यही कहानी है...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं:
नित-नित जीना, नित-नित मरना सबकी यही कहानी है-
ढोल मृदंग से सूर्य निकलता मै भी कभी अभिमानी था-
अब देखो मेरा बुरा हाल रोज तुम्ही से खूब पिटता हूँ-
पिटा-पिटाकर भी तुमसे तुम्हारा मन बहलाता हूँ-
तुम गाते हो सुर लगाकर मई भीतर-भीतर रोता हूँ-
मै भी था कभी तुम जैसा जिन्दा-
अब तो ढोल मृदंग कहलाता हूँ-
करो न गुमान तुम भी मुझ जैसा...
Posted on: Sep 15, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADHIYARI SONG VICTIMS REGISTER
फलों का राजा आम है भैया फलों का राजा आम...आम पर कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी आम पर कविता सुना रहे हैं :
फलों का राजा आम है भैया फलों का राजा आम – कोई खट्टा, कोई मीठा सबको मिलता दाम – गर्मी के मोसम में पाते बड़े चाव से-
हम खाते सेहत बनना काम है-
चार चटनी कच्चे ताजी पकने पर अमृत सामान – हम तो चखते ही रहते वर्षो तक आता काम है – बाबू खा ले भैया ले खा दीदी खा ले नोनी खा ले – सबको मजा आएगा आम...
