जाड हर कैसे सताथे देख तो गा संगी जाड हर कैसे सताथे...ठण्ड पर छत्तीसगढ़ी कविता -
तमनार, रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडिहारी छत्तीसगढ़ी भाषा में एक कविता सुना रहे हैं :
जाड हर कैसे सताथे देख तो गा संगी जाड हर कैसे सताथे – गोदरी रजाई हा बईहा ला बलाथे – पानी हर कारा होगे आगी होगे ठगुआ – खटिया ला लात मरीन पैरा होगे भगुआ – बेरा हर ठाड़ होगे डिसना हर नई छोड़य –
काम बूता ठप्प होगे जाड बेर्रा हर नई छोड़े – डोकरा बाबा डोकरी ला थर-थरत कहिथे...
Posted on: Jan 06, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIHARI SONG VICTIMS REGISTER
पुकारी है परोपकारी है नहीं चाहती मान सम्मान...प्रकृति पर कविता-
ग्राम-तमनार, रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ीहारी एक कविता सुना रहे हैं :
पुकारी है परोपकारी है नहीं चाहती मान सम्मान – सबके ऊपर स्नेह लुटाती ममता मई एक समान – ठौर देती अन्न जल लुटती वो करुणा मई महान – गरीब अमीर सभी के ऊपर दृष्टि रखती एक समान – बहार, पर्वत, नदी, नाला वह संजोकर रखती – समय-समय पर वर्षा बनकर स्वयं बरस पड़ती – पशु पक्षी जलचर नभचर सभी उसी की संतान
सभी को उसने जीने का अधिकार दिया एक समान...
Posted on: Jan 05, 2018. Tags: KANHIYALAL PADIHARI SONG VICTIMS REGISTER
हमारे गाँव का आंगनवाडी भवन 6 साल से जर्जर स्थिति में है, शिकायत करने पर कोई सुनते नही है...
सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम-काशीपुर, पंचायत-पुरी, ब्लाक-चारामा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां बाबूलाल नेटी की मुलाकात गाँव के धनसाय सोरी से हुई है जो बता रहे हैं उनके गाँव में आंगनवाडी भवन है जो पिछले 6 सालो से जरजर स्थिति में है भवन में अभी 10-12 बच्चे वहां अध्ययन करते हैं. इस संबंध में उन्होंने जनपद और कलेक्टर कार्यालय में आवेदन किया लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्यवाही नही हुई है इसलिए वे सीजीनेट सुनने वाले सांथियों से अपील कर रहे हैं इन नंबरो पर बात कर निवेदन करे जिससे आंगनवाडी भवन का सुधार हो सके:C.E.O@8770708980. धनसाय सोरी@7089923670.
Posted on: Jan 05, 2018. Tags: BABULAL NETI SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : कौउहा और मदुरा के छाल के रस से घाव का इलाज -
सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम-हटका चारामा, ब्लाक-नरहरपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां बाबूलाल नेटी की मुलाक़ात गांव के वैद्य से हुई है मनसा जी बता उन्हें रहे हैं किसी हथियार जैसे टंगिया या बसूला जिसका गाँव के लोग रोज़ अपने काम के लिए उपयोग करते हैं उससे कट जाने पर या किसी से भी चोट लगने पर कउहा की छाली या मदुरा की छाली को कुचल कर उसके रस को घाव पर 4 दिन तक लगातार लगाने से घाव ठीक हो सकता है, इसके लिए किसी दवाई की ज़रुरत नहीं है. इस तरह से वे बता रहे हैं कि वनो में निवास करने वाले आदिवासी अलग-अलग तरीके से वन की मदद से ही अपना इलाज करते आ रहे हैं |
Posted on: Jan 05, 2018. Tags: BABULAL NETI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
सरहद पर शहीद होने वालो के नाम...देशभक्ति कविता -
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
सरहद पर शहीद होने वालो के नाम-
हर रोज एक दीप जलाना-
शहीदों के नाम पर जो भला लगे-
एक गीत दिल से गुनगुना लेना-
भूल न जाना उन शहीदों को-
देश के खातिर जो दी बलिदानी-
हंस-हंसकर इन्होने तुफानो में भी-
जान को कुर्बान कर फहरा दी-
चट्टान बनकर सब कुछ झेले-
देश के खातिर अपना बलिदानी दी-
मरते दम तक अपना साहस न छोड़े-
अपना तन मन सब कुछ लूटा दी...

