आई ऋतु जब बसंत की, तन मन सब खिल उठा...कविता-
बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कविता सुना रहे हैं :
आई ऋतू जब बसंत की तन मन सब खिल उठा – तरु-तरु, डाली-डाली, अंग-अंग महक उठा – आई ऋतू जब बसंत की कोयल छिपकर आमो के पत्तो में – मनहोर गजल सी कूकती सबके मृदुल ह्रदय को छू गई – प्रकृति ने सिंगार है किया आज रंग बिरंगे महकते फूलो से – सामने पड़े है मोर किसानो में है उत्साह का शोर – मिल गया श्रम का मोल होली धुरेड़ी में सब मग्न हुए...
Posted on: Dec 13, 2017. Tags: SONG SURESH KUMAR VICTIMS REGISTER
एक मंच मिला है हमको अपनी बात बताने को...सोशल मीडिया पर कविता -
बिजुरी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से राकेश कुमार सोशल मीडिया पर एक स्वरचित कविता सुना रहे हैं :
एक मंच मिला है हम को अपनी बात बताने को – कुछ सुनने को कुछ सुनाने को – खुशियों से हम भर सकते थे फूलो सा जीवन कर सकते थे –
हुवा समय तक कुछ तक ऐसा ही, सबने इसका उपयोग किया – अब ये कैसी क्रांति आई है इसमें हुई बुराई है – कोई धर्म पर लगा कलंक रहा, कोई किसी को गाली देता हैं...
Posted on: Dec 12, 2017. Tags: RAKESH KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : दश्मुर जड़ी से शक्ति वर्धक दवा -
ग्राम-निगिनाला, जिला-धमतरी (छत्तीसगढ़) से श्रवण कुमार गोटा दश्मुर के बारे में बता रहे है कि दश्मुर कई प्रकार के दवाई बनाने के काम आता है और इसको शक्ति वर्धक कहा जाता है जैसे माताओं में प्रसव के दौरान जो शारीरिक कमजोरी होती है उस दौरान इसका रस निकालकर बहुत से औषधि मिलाकर पिलाया जाये तो उससे शारीरिक शक्ति बढ़ जाती है और जो कमजोरी है वो पूरा हो जाता है | इससे कई दवाई बनता है जैसे दशमूलारिष्ट भी बनता है और शरीर को मोटापा लाने का भी काम करता है| अगर इसका पूरा डोज लेना है तो एक माह तक सेवन करना पड़ता है उससे आराम भी मिलता है | ये जंगलो में पाया जाता है काला मिटटी में रहता है | इसका जड़ लगभग फुट के अंतराल में चारो तरफ घेरा डालकर रहता है | संपर्क@8224845803.
Posted on: Dec 12, 2017. Tags: SHRAVAN KUMAR GOTA SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
सेवा-सेवा इन्दाना रो सजुर पेन ता...गोंडी आरती गीत -
ग्राम-हंडियामाल, थाना+विकासखंड -मोहगाँव, जिला-मंडला (म.प्र.) से विजय कुमार मरकाम एक गोंडी गीत सुना रहे है:
सेवा-सेवा इन्दाना रो सजुर पेन ता-
जयदेवा इन्दाना रो सेवा सजुर पेन ता-
सेवा-सेवा इन्दाना रो सजुर पेन ता-
सेवा-सेवा इन्दाना रो-
साज मडा देवतन सुमरी कियाना-
जय देवा इन्दा को वर्जी नवा नावा-
सेवा-सेवा इन्दाना रो सजुर पेन ता...
Posted on: Dec 11, 2017. Tags: SONG VICTIMS REGISTER VIJAY KUMAR MARKAM
चल पड़े है लोग मेरे गाँव के, अब अँधेरा जीत लेंगे लोग मेरे गाँव के...संघटन गीत -
ग्राम-हेडला, प्रखंड-सिमरिया, जिला-चतरा (झारखण्ड) से धर्मेन्द्र कुमार एक संघटन गीत सुना रहे है:
चल पड़े है लोग मेरे गाँव के-
अब अँधेरा जीत लेंगे लोग मेरे गाँव के-
मानव अधिकार के लोग-
ले मसाले चल पड़े है लोग मेरे गाँव के-
अब मानव अधिकार के अँधेरे-
जीत लेंगे लोग मेरे गाँव के-
घर-घर अलख जगायेंगे हम बदलेंगे जमाना...


