देश है पुकारता पुकारती माँ भारती : देशभक्ति गीत...

ग्राम-पंडरीपानी, विकासखंड-गौरेला, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से दो महिला साथी देशभक्ति गीत सुना रही हैं-
देश है पुकारता पुकारती मा भारती-
ख़ून है पुकारता पुकारती मा भारती-
खून से तिलक करो गोलियों से आरती-
देश की शमशीर हो देश की तकदीर हो-
बोलते स्वराज की जागती तस्वीर हो-
जहां भी खड़े रहो शैल से अड़े रहो-
शत्रुओ के अंग पर तीर से चुभे रहो-
देश है पुकारता पुकारती मा भारती-
खून से तिलक करो गोलियों से आरती...

Posted on: Sep 24, 2017. Tags: GANESH SINGH AYAAM SONG VICTIMS REGISTER

पेंड्रा रोड गौरेला बाजार में बेंचत हंवों मैं गजरा-गजरा : छत्तीसगढ़ी गीत...

ग्राम पंचायत-पंडरीपानी, ब्लाक-गौरेला, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से गोविन्द प्रसाद एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं-
तोर दिल म भरे हे रानी कचड़ा-कचड़ा-
पेंड्रा रोड गौरेला बाजार म बेंचत हवों मैं गजरा-गजरा-
कमली कला मैं गाँव म रइथों कमली कला मैं गाँव में रइथों-
बाबा टोला के गाँव म-
पेंड्रा रोड गौरेला बाजार में बेंचत हंवों मैं गजरा-गजरा...

Posted on: Sep 24, 2017. Tags: GOVIND PRASAD SONG VICTIMS REGISTER

हाथो में लेकर माँ मुझे एक बार वीणा बजा दे...सरस्वती वंदना -

ग्राम-मडमा, पोस्ट-कृष्णा नगर धामनी, जिला-बलरामपुर रामानुजगंज (छत्तीसगढ़) से कुमारी मीना यादव एक सरस्वती वंदना सुना रही हैं :
हाथो में लेकर माँ मुझे एक बार वीणा बजादे माँ एक बार –
माँ मै तुझे एक पल भूल न पाऊं तेरे चरणों में सदा शीश झुकाऊं-
आंचल में ले लो मुझे एक बार वीणा बजादे तू माँ एक बार-
सोना चांदी हिरा मोती नही चाहिए-
तुझसे बड़ा मान मैया, वही चाहिए-
मैया आज सुन ले तू मेरी पुकार-
मेरे मन में ज्ञान का दीपक जला दे माँ-
वीणा बजा दे माँ एक बार...

Posted on: Sep 24, 2017. Tags: MEENA YADAV SONG VICTIMS REGISTER

पिपही के पान में झुलेला बंदरा, निके चंदना बहेरा : पारम्परिक कर्मा गीत...

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया एक पारम्परिक किसुन खेल कर्मा गीत सुना रहे है – पिपही के पान में झुलेला बंदरा ,निके चंदना बहेरा-
काके ला ढोल सोभे काके ला नंगेरा-
काके ला मंदर शोभे काके ला नंगेरा निके चंदना बहेरा-
पिपही के पान में झुलेला बंदरा निके चंदना बहेरा...

Posted on: Sep 23, 2017. Tags: KAILASH POYA SONG VICTIMS REGISTER

सूरज की किरणे आती है, सारी कलियाँ खिल जाती है...कविता

ग्राम-पाली, जिला-रीवा (म.प्र.) से शिवकुमार द्विवेदी एक कविता सुना रहे है:
सूरज की किरणे आती है सारी कलियाँ खिल जाती है-
अंधकार सब खो जाता है सब जग सुन्दर हो जाता है-
चिड़िया गाती है मिलजुलकर बहते उनके मीठे स्वर-
ठंडी-ठंडी हवा सुहानी चलती है जैसे मस्तानी-
नयी ताजगी नयी कहानी नया जोश पाते है प्राणी-
सुबह गर्मी लगती है जिनको मेहनत प्यारी लगती उनको-
मेहनत सबसे अच्छा गुण आलस बहुत बड़ा दुर्गुण है...

Posted on: Sep 23, 2017. Tags: SHIVKUMAR DWIVEDI SONG VICTIMS REGISTER

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