न जान न पहचान, फिर भी सौंप दी नन्ही सी जान...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
न जान न पहचान-
फिर भी सौंप दी नन्ही सी जान-
अल्हड जवानी होता बड़ा सैतान-
जान कर भी बन जाता अंजान-
सबको होती है जो प्यारी-
पलभर की करती नहीं देरी...

Posted on: May 02, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

मौत संदेश देकर नहीं आता, आता है चुपचाप...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
मौत संदेश देकर नहीं आता, आता है चुपचाप-
बच्चा जवान नहीं देखता-
ले जाता खीचकर अपने साथ-
वो अपना करनी कर जाता है-
पर दोष उसका नहीं होता, कुछ घटना घट...

Posted on: May 01, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

सबसे बड़ा है माया सबसे ऊपर छाया...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
सबसे बड़ा है माया सबसे ऊपर छाया-
किसी को नहीं बचाया-
अजगर बन सभी को खाया-
नही रहती किसी से दूर-
सभी को कर देती मजदूर...

Posted on: May 01, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

माता पिता का मुख सूख जाता है...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
माता पिता का मुख सूख जाता है-
जिस बेटी की होती सगाई, बेटी का मुख खिल उठता है-
जब से पिया का संदेश पाई-
सबके सामने खोई-खोई रहती-
दीवारों से बाते करती-
निहारती रहती है आंगन का कोना कोना...

Posted on: May 01, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

इस धरती में नहीं कोई उमंग, गर्मी लेकर आता जलन...गीत-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
इस धरती में नहीं कोई उमंग-
गर्मी लेकर आता जलन-
ठण्ड लाता ठिठुरन-
बरसात आता कीचड़ के संग-
पेट बड़ा है भारी, करता दुनिया दारी...

Posted on: May 01, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

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