ये सरकारी खेत भईया आरा डोला घास रे... खेती रोपा गीत
ग्राम पंचायत-जनावल, प्रखंड-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखण्ड) से पूणिमा देवी, स्वाति देवी और पार्वती एक रोपा गीत सुना रहे है:
ये सरकारी खेत भईया आरा डोला घास रे-
जाऊने देखो ताऊने बनिहार-
हायरे हाय जाऊने देखो ताऊने बनिहार-
बेरी जो उगी गयेल चंदर मुनि डूबी गयेल-
नापे लागल राई चुनी धान हायरे हाय-
राई चुनी नान भईया राइ छाई बेल रे-
चूल्हा के लुथी पीठे पारी गएल...
Posted on: Jul 18, 2018. Tags: POORNIMA DEVI SONG SWATI DEVI VICTIMS REGISTER
हो होरे जिया हो रे का, काया बिता रे बीतरे जियान...शादी गीत-
ग्राम-तिगावल, प्रखण्ड-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखण्ड) से पासो देवी और सुमती देवी एक विवाह गीत सुना रहे हैं :
हो होरे जिया हो रे का-
काया बिता रे बीतरे जियान-
होले बिता रे बीतरे काया नोली-
यों हो रे जीजिया, हो होरे का-
आया बिता आय बीता रे जिया-
हाले बिता हरे बितारे काया हनो हंदी-
निपार तायो नाले नना आंजे दुनिया...
Posted on: Jul 17, 2018. Tags: PASO DEVI SONG SUMATI DEVI VICTIMS REGISTER
हायरे मैना कांदोते कोशी लानी...झारखंडी लोक गीत
ग्राम-कुरूमगढ़, पंचायत-बमन्दा, प्रखंड-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखंड) से बेचेन देवी एक लोकगीत सुना रही हैं:
हायरे मैना कांदोते कोशी लानी-
श्री राम श्री राम गे नई बनो वानसे रे-
गंजा के मोल मोल घरे राखते-
गंजा के मोल के घरे छोड़ राखते-
सराई पतई चोंघी तो बनाइले रे-
हायरे मैना कांदोते कोशी लानी...
Posted on: Jul 15, 2018. Tags: BECHEN DEVI SONG VICTIMS REGISTER
रे रे ला रे ला रे रे ला रे ला रे रे रे ला रे रे रे ला...गोंडी विवाह गीत
ग्राम-तारगुड़ा, तहसील-एटापल्ली, जिला-गढ़चिरोली, महाराष्ट्र से लक्ष्मी देवी और दत्ता नरोटे एक गोंडी गीत गा रही हैं. यह गीत आदिवासी समाज में शादी के समय गाया जाता है :
रे रे ला रे ला रे रे ला रे ला रे रे रे ला रे रे रे ला-
जाती रे बाती पे पोरों ये लो – मेटा ता पावुड़ पीड़सोरे मन्ता-
नाटे ना ले या वाय सो रे मन्ता-
जाते रे बाते पे पोरों ये लो...
Posted on: Jul 14, 2018. Tags: Laxmi Devi
हायरे ई मैना मोर पिया भठ्ठी घरे...नागपुरी गीत
ग्राम-नतापोल, पंचायत-कातिन, प्रखंड-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखंड) से मुन्नी देवी, और चन्द्रा देवी नागपुरी भाषा में एक गीत सुना रही हैं:
हायरे ई मैना मोर पिया भठ्ठी घरे-
महुआ कर झोके गिलो माती ओदर गिलो माती-
मोर पिया भठ्ठी घरे मोर पिया भठ्ठी घरे-
कतना खियालो ओके मति आबे दारु पिके-
कोने बयरी संग बोलत रहे रीझे रंगे मन में सरीखे रहे है-
हायरे ई मैना मोर पिया भठ्ठी घरे...

