ओस की एक बूंद सी होती है बेटियां...बेटियों पर कविता
जिला-बड़वानी मध्यप्रदेश से सुरेश कुमार बेटियों के ऊपर आधारित एक कविता सुना रहे है:
ओस की एक बूंद सी होती है बेटियां-
स्पर्श खुर्दुरा हो तो रोती है बेटियां-
रोशन करेगा बेटा तो बस एक ही फूल को-
दो-दो फूलो की लाज को ढोती है बेटियां-
हीरा है अगर बेटा तो मोती है बेटियां-
औरो के लिए फूल ही बोती है बेटियां...
Posted on: Oct 30, 2017. Tags: SONG SURESH KUMAR VICTIMS REGISTER
औरते उठी नहीं तो जुल्म बढ़ता जायेगा...जागरूकता गीत -
ग्राम-बनियाबंध, पंचायत-जुलाहडीहा, प्रखंड-हंटरगंज, जिला-चतरा (झारखण्ड) से ममता कुमारी, सुषमा भारती, खुशबु कुमारी है जो एक गीत सुना रहे है:
औरते उठी नहीं तो जुल्म बढ़ता जायेगा-
जुल्म करने वाला सीना जोर बनता जायेगा-
देख इन महिलाओ को जो आ गए है सामने-
इनके संग मिल जाओ तो सैलाब तक न पायेगा-
दिल में जो डर का किला है तोड़ दो अन्दर से तुम-
एक ही दक्के में अपने आप यह रह जायेगा-
औरते उठी नहीं तो जुल्म बढ़ता जायेगा...
Posted on: Oct 30, 2017. Tags: RAJESH KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
कोई यहाँ भूखे मर जाए कोई मौज उड़ाए, बता क्या हो रहा है...जागरूकता गीत
चतरा (झारखंड) से गाँव के बच्चे संतोष कुमार और दिनेश कुमार एक जागरूकता गीत सुना रहे हैं:
कोई यहाँ भूखे मर जाए कोई मौज उड़ाए बता क्या हो रहा है-
वो बोले साथिया जल्दी मिटा दे इस आमिर को-
कास कि कुदरत होस में आये ये अंधेरा मिटाय-
फूटा किसी को खाय दूध मलाई सोये खाट पर-
बच्चा किसी को रोये सोये पड़ी है ये खाट पर-
खेतो में हम फसल उगाएं उसे न खा पाए बता तो क्या हो गया है....
Posted on: Oct 30, 2017. Tags: RAJESH KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
उंचही गंगा मैया अररवा तोहर हे...छठ गीत -
ग्राम-शेरपुर, ब्लाक-गुरवा, जिला-गया (बिहार) से राजेश कुमार गाँव के निवासी सिपांजी देवी से छठ पर्व के अवसर पर एक छठ गीत सुन रहे हैं :
उंचही गंगा मैया अररवा तोहर हे – छठी मैय जल पे सिरोवा है ते वैया एक है-
जिया तोर पिहाई नैहरवा दुःख है – किय ससुरारिया दुःख है-
सेवाई किया सोहर गे लन बिदेश कियर-
दुःख रोवेला है ...
Posted on: Oct 29, 2017. Tags: RAJESH KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
तुम्ही हो माता पिता तुम्ही हो...प्रार्थना गीत -
ग्राम-बड़ेपनेरा (पटेलपारा) ब्लाक-गीदम, जिला-दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़) से राजकुमारी पोडयम एक प्रार्थना गीत सुना रही है:
तुम्ही हो माता पिता तुम्ही हो-
तुम्ही बंधू सखा तुम्ही हो-
तुम्ही साथी तुम्ही हो सहारे-
कोई न अपना शिवा तुम्हारें-
तुम्ही हो नईया तुम्ही खवईया-
तुम्ही बंधू सखा तुम्ही हो...
