स्वर दे माता सरस्वती और गुरु दे मोही ज्ञान...भजन
सरपंचपारा, ग्राम-बालपेट, जिला-दन्तेवाडा (छत्तीसगढ़) से शान्ति नाग एक भजन सुना रही हैं :
स्वर दे माता सरस्वती और गुरु दे मोही ज्ञान-
अन्न दे माता धरती और जल बरसे भगवान-
मोर लेना मीलानी गुरु भाई चल दिन गुरु के पास-
मोर सारी उमर परे हैं गुरुदेव जावत है बेकार-
मोर जीवन ला सौंप दिए हो गुरु चरन में हाँ-
हो जातिश मोर बड़ा पार गुरु के अपरमपार...
Posted on: Oct 16, 2017. Tags: DANTEWADA SHANTI NAG SONG VICTIMS REGISTER
भारत माता के बेटे हम, चलते सीना तान के...देशभक्ति कविता
ग्राम-देवरी (मुहारीपारा), जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मटुक सिंह नेताम एक कविता सुना रहे है:
भारत माता के बेटे हम, चलते सीना तान के-
धर्म अलग हो जाति अलग हो और अलग हो भाषाएँ-
पर्वत सागर तट वन मरुस्थल मैदानों से हम आये-
फौजी वर्दी में हम सबसे पहले हिंदुस्तान के-
भारत माता के बेटे हम चलते सीना तान के-
हिंदुस्तान की मिटटी में हम खेले खाए है हम-
जिसके रक्तकण को समता-समता से अपनाये है-
कर्ज चुकाने है हमको रक्तकण के अहसान के
भारत माता के बेटे हम चलते सीना तान के...
Posted on: Oct 16, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
ज्योत से ज्योत जलाते चलो प्रेम की गंगा बहाते चलो...भजन गीत -
ग्राम-मडमडा, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से पालेश यादव एक भजन गीत सुना रहे है:
ज्योत से ज्योत जलाते चलो प्रेम की गंगा बहाते चलो-
राहो में आये जो दीन दुखी सबको गले से लगाते चलो-
जो निर्धन है जो निर्मल है वो है प्रभु को प्यारा-
जिसका न कोई संगी साथी ईश्वर है रखवाला-
ज्योत से ज्योत जलाते चलो प्रेम की गंगा बहाते चलो...
Posted on: Oct 16, 2017. Tags: PALESH YADAV SONG VICTIMS REGISTER
लोहे के खूटा गाड़े ईटे के जोड़ाई...सरगुजिया देशभक्ति गीत
ग्राम-आदर्श ग्राम धुमाधाड़, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राजपाल मरावी के साथ में बाबूलाल मरावी है जो एक सरगुजिया देशभक्ति गीत सुना रहे है:
लोहे के खूटा गाड़े ईटे के जोड़ाई-
सबे कोई लुटात घर का कमाई-
गरीब करका माई भाई रे-
सभी कोई लुटात गरीब करका माई-
लोहे के खूटा गाड़े ईटे के जोड़ाई...
Posted on: Oct 16, 2017. Tags: RAJPAL MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
वरदे माता सरस्वती गुरु दे मोहे ज्ञान...भक्ति गीत -
ग्राम-बालपेट, जिला-दंतेवाडा (छत्तीसगढ़) से शांति नाग दोहा एवं गीत सुना रही है:
वरदे माता सरस्वती गुरु दे मोहे ज्ञान-
अन्न दे माता धरती और जल बरसे भगवान-
मोर ले लाने नानी गुरु भाई जल्दी गुरु के पास-
मोर सारी उम्र परे है गुरुदेव जावत हे बेकार-
मोर जीवन ला छोड़ देहे हो गुरु चरन में हर-
हो जातिस मोर बेडा पर गुरु के अपरम्पार...
