हमारे गाँव के तुड़पा जाति के लोग दंतेश्वरी माँ का भोग बनाते थे इसलिए गाँव का नाम भोगाम पड़ा...
ग्राम-टेकनार, जिला-दन्तेवाड़ा (छत्तीसगढ़) से श्यामलाल ग्राम भोगाम जिला-दन्तेवाड़ा के निवासी रेनू नाग के साथ में इस गाँव का नाम भोगाम कैसे पड़ा इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं वे बता रही हैं कि दन्तेवाडा शहर से 6 किलोमीटर दूर एक गाँव है भोगाम इस गाँव में वे रहती हैं, इनके गाँव में पहले तुडपा जाति के लोग रहते थे ये लोग माता दन्तेश्वरी का भोग (प्रसाद) बनाया करते थे इस भोग को बोना भात भी कहते हैं. माता का पहला भोग तुडपा लोग ही दिया करते हैं इसी भोग के बाद ही आगे का कार्य पूजा पाठ किया जाता है इसी भोग के नाम से ही इस गाँव का नाम भोगाम पड़ा, इस प्रकार गाँव का नाम यहां की एक प्राचीन एक परंपरा से जुड़ा हुआ है | श्यामलाल@8889513307
Posted on: Nov 07, 2017. Tags: SHYAMLAL DANTEWADA SONG VICTIMS REGISTER
स्वागत है पहुना मन के, स्वागत है पहुना मन के...बुल्टू रेडियो स्वागत गीत
आदिवासी बहुल क्षेत्र भोरमदेव वनांचल ग्राम-रौचंद, विकासखंड-बोडला, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से अमित साहू एक सीजीनेट बुल्टू रेडियो स्वागत गीत सुना रहे हैं :
स्वागत है पहुना मन के, स्वागत है पहुना मन के – होवत है स्वागत सबो जनता बुल्टू रेडियो सुनईया मन के – गाँव गली सब लोगन के होवत है तरक्की – सब जघा बुल्टू रेडियो आ गए रे भैया मोर विकास के गंगा मोहागे – दिन बहुर गए सबो झन के खुशी छा गए बुल्टू रेडियो के – जागो गा हरम भाग जागथे भैया जागथे हमर भाग जागथे ना...
Posted on: Nov 06, 2017. Tags: AMIT SAHU SONG VICTIMS REGISTER
हमारे पूर्वजों ने जंगल काटकर खेत बनाया, उस पर ही आज भी हम खेती कर जीवनयापन कर रहे हैं ...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ग्राम पंचायत-दुगेली, जिला-दन्तेवाड़ा (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां से रूपलाल मरावी गाँव के साथी विजय कुमार कर्मा के सांथ चर्चा कर रहे हैं ये बता रहे हैं कि इस जगह पर कई वर्ष पूर्व हमारे पूर्वज आये, पेड़ो को काटा और रहने और खेती के लिए जगह बनाया जिस पर आज भी वे खेती कर रहे हैं और कमा कर खा रहे हैं. यहाँ सागौन के पेंड़ थे तब से इस जगह पर ये काम कर अपना जीवन यापन करते हैं, अभी भी आसपास घना जंगल है यहां पर आदिवासी जाति मुख्यतः निवास करते हैं सभी मिल जुल कर किसी भी विशेष काम को करने के लिए समय तय करते हैं जैसे कि कब देवी देवता का पूजन करना सांथ ही और अपने रीति परंपराओं को मानते हुए ये अपना जीवन जीते हैं |
Posted on: Nov 06, 2017. Tags: ROOPLAL MARAVI DANTEWADA SONG VICTIMS REGISTER
पानी की समस्या लेकिन अधिकारी कहते हैं नक्सली हमला हुआ इसलिए यहाँ कोई काम नहीं होगा...
ग्राम-श्यामगिरी, जिला-दन्तेवाड़ा, (छत्तीसगढ़) से लकमाराम कुर्राम, मोदाराम कुर्राम, हरीश कुमार नेताम मंगलराम कुर्राम बता रहे हैं हमारे गाँव में पानी की समस्या है गर्मी के समय में ये ढोल (जिसे बजाते है) में पीने के पानी को रखते हैं, इस संबंध इन्होने ग्राम सभा, जनपद में अपनी बात को रखा, जब यहां काम नहीं हुआ तब इन्होने जिले में आवेदन किया लेकिन कलेक्टर द्वारा जवाब मिला कि नक्सली हमला हुआ है इसलिए यहां कोई भी काम नहीं किया जायेगा तब से आज तक इस पर कोई काम नही हुआ है इसलिए साथी सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं कि दिए गए नंबरों में बात कर समस्या का निराकरण करने में मदद करें: सरपंच@9684628590,उपसरपंच@7587459295, PHE@9425592550.
Posted on: Nov 06, 2017. Tags: DHANSAY MARAVI DANTEWADA SONG VICTIMS REGISTER
अरे हाय रे भजन गाले भईया रे...छत्तीसगढ़ी भजन-
ग्राम-छुलकारी, पोस्ट-फुनगा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से सोनू केवट अपने साथी दीपक कुमार केवट, मनभवर केवट के सांथ एक छत्तीसगढ़ी भजन सुना रहें है :
अरे हाय रे हाय भजन गाये भईया रे – होवत है बिहान भजन गाले भईया रे – मजीरा के नईये भरोसा गाले हरी भजन – गीत गाये हंसत बोलत घेरे तोला मया – अरे हाय रे भजन गाले भईया रे – होवथे बिहान भजन गाले भईया रे...



