Our Sarpanch told us to build toilets so we did but never paid us as promised...
From Khoha Ghat village in Rewa district of MP Raghunandan Shah Kuswaha who says that there are five others with him who were instructed to built toilets by the Sarpanch and were assured reimbursement.They built toilets in April but have still not received. Pls call Collector@9977742118, Toilet in charge@ 9479512090/9755435795, CEO@9425145310, P.C.O.@8827774128, Employment Asst@8982464442 to help us. More details@9630035416/9713063019.
Posted on: Jan 30, 2018. Tags: CHHOTELAL REWA SONG VICTIMS REGISTER
काला-काला श्याम सलोना...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
काला-काला श्याम सलोना-
मेरे बगिया में रोज आता-
कलियों के पास जा जाकर-
कानो में कुछ कहता-
फूलो के नजदीक जाकर-
फूलो से मीठा पराग चुराता-
बगियों में नित गुंजन करके-
बगियों का शोभा बढाता-
कलियों को खिलने का इंतजार कर-
उन्हें कभी नुकसान नहीं पहुंचता...
Posted on: Jan 29, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
इन्कलाब का परचम खोल...किसानो पर कविता
ग्राम-इटावा, जिला-सीधी (म.प्र.) से लालजी वैद्य किसानो पर आधारित एक कविता सुना रहे है:
इन्कलाब का परचम खोल-
आज बना ले अपना गोल-
अपनों ने ली तेरी जान-
तू अपनी ताकत पहचान-
जय जवान और जय किसान-
यह नारा मिलकर बोल-
मत सह चुप रहकर अन्याय-
समझना अपने को निर उपाय-
तोड़ ये बेबस की जंजीर-
तू ही देश की है तक़दीर-
अपना खून पसीना तौल-
मेहनत का ले पूरा मोल...
Posted on: Jan 29, 2018. Tags: LALJI VAIDYA SONG VICTIMS REGISTER
हमारे गाँव के पशु मेले मे बकरा, बकरी, गाय, भैंस, मुर्गी, बछड़ा, बदख आदि लाया गया था...
ग्राम+पंचायत-दमकसा, ब्लाक-दुर्गुकोंदल, जिला-कांकेर, उत्तर बस्तर, (छ. ग.) से बाबूलाल नेटी के साथ देवेन्द्र आंचला बता रहे हैं कि 1 जनवरी 2018 को वहां पशु मेले का आयोजन रखा गया था जिसमे दूर-दूर से किसान भाई एवं अलग-अलग राज्य से अधिकारी और कर्मचारी आये वहाँ अनेक प्रकार के जानवर उसमे, बकरा, बकरी, गाय, भैंस ,मुर्गी, बछड़ा, बदख,आदि लाया गया था इसका मुख्य उद्देश्य है कि किसान भाई अपने घरों में जानवरों का पालन-पोषण कैसे करते हैं, उस मेले के माध्यम से बताया गया है उस मेले का आयोजन (गोंडी धर्माचार्य) सम्माननीय शेरसिंह आंचला जी के नेतृत्व में संपन्न हुआ. बाबूलाल नेटी@9713997981.
Posted on: Jan 24, 2018. Tags: BABULALA NETI SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : पीपल के पौधे से होने वाले लाभ -
पीपल का पेड़ बहुत विशाल होता है, चैत बैशाख माह में उसकी नये कोपले और नये पत्ते निकलते है| आदिवासी समाज के लोग उसके नये कोमल पत्तो को पकाकर भाजी या सब्जी खाते है पीपल भाजी से कसैलापन को निकालने के लिए पकाने से पहले उबालने पानी फेक देते है फिर उसे आम या अन्य कटाई डालकर स्वाद के अनुसार नमक मिर्च और अन्य मसाला डालकर सुखाते है पीपर भाजी को पेज रोटी और चावल के साथ खाते है| पीपर का फल माघ महीना में पकता है तब पीपर पाका को बैगा आदिवासी बच्चे बड़े मजे के साथ खाते है| उस फल को हारिल, फलकी, सुआ, गलगल, गलेया, घेंगा, चिड़िया भी बहुत खाते है| पीपर के दूध से बैगा बच्चे एक तरह से गोंद का बनाकर चिड़िया पकड़ने का काम भी करते है| पीपर भाजी की तासीर ठन्डी होती है पीपर भाजी खाने से शरीर ठंडा रहता है| पतला दस्त होने से पीपर भाजी खिलाते है| उससे दस्त रुक जाता है शीत के कारण होने वाली खुजली पीपर भाजी खिलाने से ठीक हो जाती है| पीपर भाजी को सुखाकर घर में सुरक्षित रखते है अगर बारिश के मौसम अचानक दस्त हो तो पीपर को चावल के पसिया का साथ बनाकर खिलाते है उससे दस्त रुक जाता है पीपर हमारे लिए वरदान है उसकी रक्षा करनी चाहिए उसकी पूजा भी की जाती है. बाबूलाल नेटी@9713997981.
