हमसे पूछेला चूड़ी कंगनवा, कबले अईहे सजनवा की मनवा लागत नईखे...भोजपुरी गीत -
मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक भोजपुरी गीत सुना रहे हैं :
हमसे पूछेला चूड़ी कंगनवा, कबले अईहे सजनवा की मनवा लागत नईखे – दम तोड़ेला दिल के सपनवा झर -झर बहे नयनवां की मनवा लागत नईखे – चिट्ठी न पाती भेजला जब से गईल परदेश हो – कवना करनवां से सजना तू हु भूलवल अपना देश हो – कजरा सूखल गजरा टूटल काँट भईल सूखी तनवा – बड़ा निरमोही बाड़े आवेले न रात के सपनवां – अखियाँ से बहतारे लोड़बा रे बन के अरमनवा – परदेश राजा अभियो से आजा साल भर भईले गवनवा...
Posted on: Dec 30, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
पंछी जपईया हरिनाम बिरिछ पर...बज्जिका भाषा में पराती गीत-
मालीघाट मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार सुबह के समय बुजुर्गों के द्वारा गाया जाने वाला बज्जिका भाषा में पराती गीत सुना रहे हैं जो अब विलुप्त होने के कगार पर है :
पंछी जपईया हरिनाम बिरिछ पर – पंछी जपईय हरिनाम – नीचे से ब्याधा सर-नर ताने, ऊपर उडईय बाझ बिरिछ पर – ब्याधा के डसलक काली नगिनिया, बझबा के लागल गले फांस
पंछी जपईया हरिनाम बिरिछ पर...
Posted on: Dec 29, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
मात-पिता हवें भगवान...आदिवासी गीत
रोहित कुमार धुर्वे ग्राम-नैगवां रैयत, तहसील-बिछिया, विकासखंड-मवई, जिला-मंडला, मध्यप्रदेश से एक आदिवासी गीत सुना रहे हैं:
मात-पिता हवें भगवान्-
ते तोवान-
जाते-जाते जात मानेला-
पातें पारण के-
जाते गुरू के मान लागाके-
जाते देव गावं मान लगा-
जाए नीचे बड़ी-
सब तोहा दाह बोला-
मात-पिता भगवान...
Posted on: Dec 28, 2017. Tags: Rohit Kumar Dhurve SONG VICTIMS REGISTER
सुनो साथियों सुन लो, अपने मोबाइल पर किसान स्वर...किसान स्वर पर गीत
सुनील कुमार जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार से किसान स्वर मोबाइल रेडियो पर आधारित एक स्वरचित गीत गा रहे हैं :
आओ साथियों आओ-आओ-
खेती-बारी की बात बताओ-
अपने मोबाइल पर किसान स्वर-
एक-दुसरे को सीखना सिखाना-
ये तो अपना धरम पुराना-
मोबाइल रेडियो पर बोले या सुनेगा ये समां-
बोलो साथियों बोलो-बोलो-
अच्छी फसल कैसे उपजाए-
अापस में हम ज्ञान बढ़ाएं-
बैकल्पिक मीडिया अपनाए-
देश विकास में भाग्य अपनाए-
सुनो साथियों सुन लो-
अपने मोबाइल पर किसान स्वर-
आओ साथियों आओ-आओ...
Posted on: Dec 28, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
किसान स्वर: जहरीले रसायनो के अनियंत्रित प्रयोग के बीच टिकाऊ उत्पादन किसानों के लिए चुनौती...
सुनील कुमार किसानों के चुनौतियों के संबंध मे बता रहे हैं बिहार की 80 प्रतिशत जनसंख्या आज भी जीविकोपार्जन के लिए कृषि एवं कृषि आधारित गतिविधियों पर निर्भर रहती है, बिहार की जलवायु फसल फल-फूल एवं सब्जी उत्पादन हेतु अनुकूल है मेहनती, लगनशील किसान है, भूमि प्रदूषण रहित और उपजाऊ है, जल संसाधन है लेकिन इन सभी संसाधनों के बाद भी बिहार एक पिछड़े राज्य की सूची में है, इसका कारण उत्तरी बिहार के क्षेत्र में कभी बाढ़ तो कभी सूखा, जैसी प्राकृतिक आपदाओं का होना, बड़ी-बड़ी नदियों के बहाव जिनमें गंगा, गंडक, कोसी, बागमती, महानन्दा प्रमुख हैं, सांथ ही तरफ के जहरीले रसायनो के अनियंत्रित प्रयोग, भूजल, मृदा, जीव एवं प्रकृति प्रदूषण हो रहे हैं इस प्रकार यह किसानो के सामने एक चुनौती हैं...



