बहना मेरे पढ़ने को जाना, हाय राम पढ़ने का है जमाना...शिक्षा गीत-
ग्राम-महाराजगंज, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से उमा सिंह एक शिक्षा गीत सुना रही हैं :
बहना मेरे पढ़ने को जाना, हाय राम पढ़ने का है जमाना-
ससुर घर में जाना ननद को पढ़ना-
गरीबो के बच्चो को पढ़ने सिखाना-
ये हिन्दू ये मुस्लिम ये सिख ईसाई-
आपस में हिल-मिल कर भाई-भाई-
पढेंगे लिखेंगे हम साक्षर बनेंगे-
साक्षरता का दीपक जलाना-
हाय राम पढ़ने का है जमाना...
Posted on: Mar 04, 2018. Tags: SONG UMA SINGH VICTIMS REGISTER
हडिया पीए दारु पीए पीके परेशान होगे रे...गीत
ग्राम-कडचोला, पोस्ट-गोविंदपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राजकुमारी एक गीत सुना रही हैं :
हडिया पीए दारु पीए पीके परेशान होगे रे-
मोर सईयां पति आजा तै राज के मंदिर में-
हडिया पीए दारु पीए बियर पीए पीके हैरान होगे रे-
मोर सईयां पति आजा तै मन के मंदिर में-
जंगल खोजे झाड़ी खोजों खोज के हैरान होगे रे-
मोर शिवा गुरु आजा मोर मन के मंदिर में...
Posted on: Mar 03, 2018. Tags: RAJKUMARI SURAJPUR SONG VICTIMS REGISTER
माखन चोर सखी तुमने कहीं देखा है...दादरा गीत
ग्राम-ददरी, पोस्ट-लुरघुटी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से मनोज कुमार एक दादरा गीत सुना रहे हैं:
माखन चोर सखी तुमने कहीं देखा है-
गंगा में ढूढ़ आऊ जमुना में ढूढ़ आऊ-
मथुरा में ढूढ़ आऊ गोकुल में ढूढ़ आऊ-
माखन चोर सखी तुमने कहीं देखा है...
Posted on: Mar 02, 2018. Tags: MANOJ SONG VICTIMS REGISTER KUMAR
भाषण में गरीब कहिके शासन करे हो...गीत
जीवन संगम बोधगया (बिहार) से सुनील कुमार जनवादी अन्दोलन में गीत और कठपुतली नाटक के माध्यम से दिए जा रहे संदेश को सुना रहे हैं :
भासन में गरीब कहिके शासन करे हो-
जब मागय है मजदूरीया तो लाठी मारे हो-
की खाईली की ना खाईली केहू ना पूछे वाला-
कह संगठन कुछ जोर लगाओ कईसन ई समाज बा-
नजर उठा के देख लो रे भईया कईसे सबके राज बा-
भासन में गरीब कहिके शासन करे हो...
Posted on: Mar 02, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
संविधान में समीक्षा कर आरक्षण का आधार आर्थिक होने की मांग को लेकर आन्दोलन कर रहे हैं...
पटना (बिहार) से धनवन सिंह राठौर बता रहे है आज देश के संविधान को 65 साल हो चुके हैं| उसमे हर 10 साल में एक समीक्षा होनी चाहिए| लेकिन राजनितिक कारणों से इस पर कोई समीक्षा नही की गई | जिसके कारण जिस समाज को आरक्षण मिला उस समाज के लोग आज भी वही है सिर्फ 2 से 5 प्रतिशत लोग जो संपन्न, सक्षम, बड़े पद पर है वही इसका फायदा ले रहे हैं लेकिन वास्तव में जिसे लाभ मिलना चाहिए उनको नही मिला है | अखिल भारतीय मोर्चा की विचार धारा है कि गरीबी जाति या धर्म के अनुसार नही आती | इसलिए आरक्षण का आधार आर्थिक होना चाहिए| वे इन्ही मांगो को लेकर देश में आन्दोलन कर रहे है. सुनील कुमार@9308571702.


