हमारे गाँव का ब्लॉक बदल दिया गया है, नया ब्लॉक 55 किमी दूर है यहां से गाड़ी भी नहीं जाती...
ग्राम-गंजेनार, जिला-दंतेवाडा (छत्तीसगढ़) से ग्रामीण बता रहे है कि पहले उनका तहसील दंतेवाडा था लेकिन अब उसको बड़ेबचेली में शिफ्ट कर दिए है इससे लोगो को आने जाने में दिक्कत होता है |बहुत दूर से घूम जाना पड़ता है दूरी 55 किलोमीटर है | जिसके कारण बच्चे वाली महिलाये जा नहीं पाती है और आने जाने के लिए गाडी की सुविधा भी नहीं है| उसकी शिकायत उन्होंने मंत्रालय में भी किये थे तो फिर से दंतेवाडा में करवा देंगे बोल रहे है लेकिन अभी तक नहीं हुआ है| इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि इन अधिकारियो से बात कर तहसील को वापस दंतेवाडा में शिफ्ट करवाए : कलेक्टर@9179530000. अधिक जानकारी के लिए संपर्क सरपंच मरकाम@7587210667.
Posted on: Nov 15, 2017. Tags: SEETARAM JOGA DANTEWADA SONG VICTIMS REGISTER
राम तेरा धाम छोड़ कर और कहाँ मै जाऊं...तबला वादन के साथ गीत -
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता तबला वादन के सांथ एक गीत सुना रहे हैं
राम तेरा धाम छोड़ कर और कहाँ मै जाऊं – मन मंदिर में बसे हुवे हो तुम हो अंतरयामी – मन का भेद छुपा न जाए दीन दुखियों की है माई – राम तेरा धाम छोड़ कर और कहाँ मै जाऊं...
Posted on: Nov 15, 2017. Tags: RAJENDRA GUPATA SONG VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाईल में : बिही (अमरुद) के औषधीय गुण -
धन साय मरावी आज ग्राम-बरपटिया, ब्लॉक प्रतापपुर जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) में हैं वहां उनकी मुलाक़ात वैद्य सुन्दरलाल मरकाम जी से हुई है जो उन्हें आज बिही के फल के औषधीय गुणों के बारे में बता रहे हैं इस फल को अमरुद या जाम भी कहते हैं वे बता रहे हैं उल्टी आने जैसा महसूस होने पर बिही के नए पत्ते को चबाकर उसके रस को निगलने से मुँह साफ हो जाता है और उल्टी नहीं आती.कच्चे बिही को खाली पेट में खाने से पेट साफ होता है जिन लोगों का पेट साफ़ नहीं होता उन्हें इसे आजमाना चाहिए और इसके अलावा बबासीर बीमारी में इसके फल को खाली पेट कच्चा या पका खाने से लाभ मिलता है इसे दिन में खाली पेट कभी भी खा सकते हैं : सुन्दरलाल मरकाम@7354620356.
Posted on: Nov 15, 2017. Tags: DHANSAY MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
हे गा किसान काय हो बताना काय हो सुनाना...किसान गीत -
ग्राम-बरपटिया, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से धनसाय मरावी एक किसानी गीत सुना रहे है:
हे गा किसान काय हो बताना काय हो सुनाना-
पूछतऊं बता देना गा तोरे मेहनत के भाव काहे न-
मोरो मेहनत के भाव नहीं है न-
धरती म मेहनत करके अन्न ला उगातन-
अन्न ला उगाके हम दुनिया ला खिलातन-
तबले भाव हमार नहीं तो हवेगा-
मोरो मेहनत के भाव नहीं है न...
Posted on: Nov 15, 2017. Tags: DHANSAI MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
किसान स्वर : हम लोग केवल जैविक खेती करते है कोई भी रासायनिक खाद का उपयोग नहीं करते...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ग्राम-बड़े कमेली, ब्लॉक और जिला-दंतेवाडा (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां रूपलाल मरावी के साथ में गाँव के आदिबासी किसान गंगुराम तामो बात कर रहे हैं जो बता रहे है कि वे जैविक खेती करते है और सूरी धान, मरण धान जैसे बीज बोते हो ये सिर्फ सब देसी धान के बीज ही बोते है और वे कोई भी हाईब्रिड धान नहीं बोते है. वे खेत में गोबर खाद डालते है और पत्तो को सडाकर जो खाद बनता है उसको भी डालते है| कोसरा भी उसी में बोते है और उनके गाँव के सारे लोग केवल जैविक खेती ही करते है | वे लोग कोई भी रासायनिक खाद का उपयोग नहीं करते है क्योंकि रासायनिक खाद से बीमारी फैलती है | रूपलाल मरावी बता रहे हैं कि हम सभी को इन आदिवासी किसानों से सीखना चाहिए @7089415537.


